भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन, फतेहपुर के जवानों ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक संतुलन का संदेश देना था, जिसमें सीमा सुरक्षा में तैनात अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। टेढ़ागाछ स्थित बीओपी परिसर में हुए इस योग सत्र में प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति सहित विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया गया, साथ ही योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर बीओपी प्रभारी अदहारी लोसा ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सीमा पर कठिन परिस्थितियों में कार्यरत जवानों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम कर कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। लोसा ने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच सफलता की आधारशिला है और योग अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देते हुए राष्ट्र सेवा के दायित्वों को बेहतर ढंग से निभाने में सहायता करता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे नियमित रूप से करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के अंत में, एसएसबी के अधिकारियों एवं जवानों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। इस तरह, उन्होंने योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, फिटनेस और अनुशासन का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन, फतेहपुर के जवानों ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक संतुलन का संदेश देना था, जिसमें सीमा सुरक्षा में तैनात अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। टेढ़ागाछ स्थित बीओपी परिसर में हुए इस योग सत्र में प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति सहित विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया गया, साथ ही योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में भी विस्तार
से जानकारी दी गई। इस अवसर पर बीओपी प्रभारी अदहारी लोसा ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सीमा पर कठिन परिस्थितियों में कार्यरत जवानों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम कर कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। लोसा ने कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच सफलता की आधारशिला है और योग अनुशासित जीवन
जीने की प्रेरणा देते हुए राष्ट्र सेवा के दायित्वों को बेहतर ढंग से निभाने में सहायता करता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे नियमित रूप से करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के अंत में, एसएसबी के अधिकारियों एवं जवानों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और एक स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। इस तरह, उन्होंने योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, फिटनेस और अनुशासन का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित मुस्लिम टोला गांव दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क की हालत बेहद खराब है, जो बरसात के मौसम में पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन ठप पड़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिसके चलते गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, मुस्लिम टोला गांव पूर्वी एवं दक्षिणी दिशा में गोरिया नदी तथा पश्चिमी दिशा में रेतुआ नदी से घिरा हुआ है, जिसके कारण बरसात में यह चारों ओर से पानी से घिर जाता है। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पानी और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को अत्यधिक परेशानी होती है। पिछले साल, सड़क की बदहाल स्थिति और जलजमाव के कारण गांव के निवासी हकमो उद्दीन को समय पर वाहन नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने चारपाई के सहारे करीब डेढ़ किलोमीटर पानी और कीचड़ भरे रास्ते से उन्हें मुख्य सड़क तक पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने गांव में सड़क और पुल की आवश्यकता को और भी गंभीर रूप से उजागर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क और आवागमन की समस्या गांव के सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे लोग शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए इस गांव में आने से कतराते हैं, और कई परिवारों को बच्चों के विवाह संबंध स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों, जिनमें बादल आलम, इस्लामुद्दीन, नईम अख्तर, राहिल आलम, असलम आलम, हकीमुद्दीन, शिवकुमार मंडल, शंकर मंडल, अनवर आलम, नईम आलम, दिलशाद आलम, अबू नसर, अरशद आलम, नासिर आलम, शाहनवाज आलम, साहिल आलम, तबरेज आलम, फिरोज आलम, मुख्तार आलम, राशिद आलम और मजेबुल आलम शामिल हैं, ने कई बार सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से तत्काल पक्की सड़क और गोरिया नदी पर आरसीसी पुल के निर्माण की मांग की है। उनका मानना है कि सड़क और पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर भी खुलेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा को समझते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे, ताकि मुस्लिम टोला के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में एक कल्वर्ट को खोदकर अधूरा छोड़ देने से स्थानीय सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है, क्योंकि इस बदहाल रास्ते से उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- Post by SonuMandal3
- एक व्यक्ति ने स्वयं को अंतिम अवतार घोषित किया है, जिसे कल्कि अवतार बताया जा रहा है। यह घोषणा गंगकालीदेवीजी मंदिर संसारी से संबंधित है, और दुर्गादेवीजी के संदर्भ में पंचायत शंकरपुर के वार्ड नंबर (2) का भी उल्लेख है। इस दावे में संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरनाथ धाम सरकार का भी जिक्र है।1
- यह जानकारी सामने आई है कि एक नदी सिंधु नदी से जुड़ी हुई है, और यह तथ्य जानने पर लोगों को बहुत खुशी मिलेगी। इस नदी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने से सभी को प्रसन्नता का अनुभव होगा, क्योंकि इसका सीधा संबंध सिंधु नदी से बताया गया है।1
- कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन पर अवहेलना का गंभीर आरोप लगाया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह 8 बजे सखी वन स्टॉप सेंटर कोडरमा में एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और बच्चों को योग के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बताया गया कि योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है, साथ ही कई बीमारियों से भी बचाव संभव है। कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि योग ऋषि-मुनियों द्वारा दी गई एक अमूल्य विरासत है, जिसे अपनाकर एक स्वस्थ और निरोग जीवन जिया जा सकता है। इसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित हर आयु वर्ग के लोगों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया गया।1
- आरा में एक कथित फेक एनकाउंटर की घटना पर भारी बवाल छिड़ गया है। इस घटना में भरत तिवारी का कथित तौर पर फेक एनकाउंटर हुआ है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। इस मामले पर आरा के सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'गलत किया'। इस पूरे प्रकरण के बाद, लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।1