गोरखपुर के रानीबाग रुस्तमपुर से आगे मौलवीय चौक, वार्ड नंबर 11 के लोग पिछले 24 घंटे से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ओवरलोड और बिजली लाइन की कम क्षमता होने के चलते यहां कई बार तार जल चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली गुल होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संकट के बीच रुस्तमपुर क्षेत्र के एसडीओ और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन पहुंच से बाहर रहे। कई बार कॉल करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों से बात नहीं हो सकी। दूसरी ओर, बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर नए तार बदलने और फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। अब देखना यह है कि विभाग कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान कर क्षेत्रवासियों को राहत दिला पाता है।
गोरखपुर के रानीबाग रुस्तमपुर से आगे मौलवीय चौक, वार्ड नंबर 11 के लोग पिछले 24 घंटे से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ओवरलोड और बिजली लाइन की कम क्षमता होने के चलते यहां कई बार तार जल चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली गुल होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संकट के बीच रुस्तमपुर क्षेत्र के एसडीओ और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन पहुंच से बाहर रहे। कई बार कॉल करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों से बात नहीं हो सकी। दूसरी ओर, बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर नए तार बदलने और फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। अब देखना यह है कि विभाग कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान कर क्षेत्रवासियों को राहत दिला पाता है।
- गोरखपुर के वाराणसी में एक विदेशी पर्यटक के साथ ई-रिक्शा चालक द्वारा मनमाना किराया वसूलने की कोशिश का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सफर खत्म होने पर जब किराया देने की बारी आई, तो ई-रिक्शा चालक ने बेहद चौंकाने वाली मांग रख दी। चालक ने महज 5 मिनट के सफर के लिए ₹500 और 10 मिनट के लिए ₹1,000 की मांग की। इस पर विदेशी पर्यटक ने "नो, नो, 100 रुपये" कहकर पैसे देने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि कुछ लोग शायद यही सोचते हैं कि एक बार किसी विदेशी को ज़्यादा पैसे लेकर लूट लिया जाए और जल्दी अमीर बन जाएं।1
- गोरखपुर के गोला नगर पंचायत के गोपालपुर स्थित चौबाह बाबा मंदिर परिसर में भारी जलभराव होने से स्थानीय लोगों में भारी रोष है और इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस स्थिति के लिए गोला नगर पंचायत की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि हाल ही में बनाई गई नाली को मंदिर परिसर से नहीं जोड़ा गया, जिसके कारण बारिश का पानी जमा हो गया है और इससे अब आसपास के घर भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस पूरी लापरवाही को लेकर स्थानीय सभासद पर भी पक्षपात करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच एक बड़ा ऐलान किया गया है। इस आंदोलन और बड़े ऐलान के बीच लोग यह सवाल भी पूछ रहे हैं कि आखिर सोनम वांगचुक कौन हैं।1
- जंतर-मंतर पर 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के एक बयान ने सबको चौंका दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह दो दिन में मर जाएंगे। उनके इस हैरान करने वाले बयान के पीछे का पूरा सच क्या है और उन्होंने ऐसा क्यों कहा, इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोनम वांगचुक की इस 18 दिवसीय भूख हड़ताल के पूरे सच को लेकर चर्चा तेज है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित एम्स (AIIMS) अस्पताल को लेकर एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वीडियो में युवती दावा कर रही है कि सड़क दुर्घटना में घायल अपने भाई को वह इलाज के लिए एम्स अस्पताल लेकर आई थी, लेकिन यहाँ लाने के बाद भी उन्हें कई घंटों तक कोई डॉक्टर नहीं मिला। युवती का आरोप है कि वह पिछले 9 घंटे से लगातार डॉक्टर का इंतजार कर रही है, लेकिन उसके घायल भाई को देखने के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस पूरे मामले का सच क्या है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और राज्य के राजनीतिक हलकों में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या ब्राह्मण समाज भाजपा से नाराज चल रहा है। समाजवादी पार्टी और भाजपा के इर्द-गिर्द घूमती इस सियासी चर्चा ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।1
- गोरखपुर में अंडे की एक दुकान पर मामूली बात को लेकर हुआ विवाद अचानक बेहद हिंसक हो गया। इस विवाद के बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया।1