टूंडला रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया में ऑटो पार्किंग ठेके को लेकर विवाद गरमा गया है। लोकहित संघर्ष संगठन के संरक्षक और एडवोकेट संजय प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने पदाधिकारियों के साथ मिलकर रेलवे के मुख्य आने-जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर की जा रही अवैध वसूली के विरोध में हंगामा किया। संगठन ने इस अवैध वसूली को तत्काल बंद करने की मांग करते हुए मंडल रेल प्रबंधक के नाम एक ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा, क्योंकि सीटीएम उस समय अनुपस्थित थे। ज्ञापन के माध्यम से यह गंभीर आरोप लगाया गया कि टूंडला रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की उचित व्यवस्था होने के बावजूद, स्टेशन के मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग पर बैरियर लगाकर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। संगठन ने बताया कि इस वसूली के डर से ऑटो और टैक्सी चालक अक्सर वृद्ध यात्रियों को बैरियर से काफी पहले ही उतार देते हैं। नतीजतन, वृद्ध यात्रियों को अपने भारी सामान के साथ स्टेशन परिसर तक पैदल पहुंचने में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोकहित संघर्ष संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्टेशन आने-जाने वाले ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से मुख्य मार्ग पर की जा रही यह अवैध वसूली बंद नहीं की गई, तो उनका संगठन एक उग्र और बड़ा आंदोलन करेगा। संगठन ने इस पार्किंग वसूली को पूरी तरह से अवैध और अनुचित बताया है।
टूंडला रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया में ऑटो पार्किंग ठेके को लेकर विवाद गरमा गया है। लोकहित संघर्ष संगठन के संरक्षक और एडवोकेट संजय प्रताप सिंह ने सोमवार को अपने पदाधिकारियों के साथ मिलकर रेलवे के मुख्य आने-जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर की जा रही अवैध वसूली के विरोध में हंगामा किया। संगठन ने इस अवैध वसूली को तत्काल बंद करने की मांग करते हुए मंडल रेल प्रबंधक के नाम एक ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा, क्योंकि सीटीएम उस समय अनुपस्थित थे। ज्ञापन के माध्यम से यह गंभीर आरोप लगाया गया कि टूंडला रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की उचित व्यवस्था होने के बावजूद, स्टेशन के मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग पर बैरियर लगाकर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। संगठन ने बताया कि इस वसूली के डर से ऑटो और टैक्सी चालक अक्सर वृद्ध यात्रियों को बैरियर से काफी पहले ही उतार देते हैं। नतीजतन, वृद्ध यात्रियों को अपने भारी सामान के साथ स्टेशन परिसर तक पैदल पहुंचने में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोकहित संघर्ष संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्टेशन आने-जाने वाले ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से मुख्य मार्ग पर की जा रही यह अवैध वसूली बंद नहीं की गई, तो उनका संगठन एक उग्र और बड़ा आंदोलन करेगा। संगठन ने इस पार्किंग वसूली को पूरी तरह से अवैध और अनुचित बताया है।
- फिरोजाबाद में असीम अरुण ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। इस दौरान, उन्होंने मेधावी छात्रों को सम्मानित भी किया।1
- फ़िरोज़ाबाद में महापौर पर विकास के नाम पर जनता का शोषण करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि रसूलपुर क्षेत्र में नाले से रसलपुर थाने तक बन रही स्मार्ट रोड के निर्माण कार्य के दौरान लोगों के पानी के पाइप तीसरी बार तोड़े गए हैं। यह क्षेत्र मजदूर वर्ग की हिन्दू-मुस्लिम मिश्रित आबादी वाला इलाका है, जहाँ बार-बार पानी के पाइप टूटने से पीने के पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस समस्या के कारण लोगों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी बढ़ रहा है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि इन पाइपों के बार-बार टूटने की जिम्मेदारी किसकी होगी और क्या जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखती नहीं है।1
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन का कारोबार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर बहस और तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, शाम होते ही यह अवैध मिट्टी खनन का काम शुरू हो जाता है और देर रात से लेकर सुबह तक लगातार चलता रहता है। खेतों और अन्य स्थानों से मिट्टी निकालकर इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया जाता है। आरोप है कि मिट्टी से भरे ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर बेहद तेज गति से चलते हैं, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान लगातार जोखिम में बनी रहती है। आशंका जताई जा रही है कि यदि इस अवैध गतिविधि पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। यह पहली बार नहीं है जब अवैध मिट्टी खनन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हों; पहले भी ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में यह सवाल भी गंभीर रूप से उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह कथित अवैध कारोबार बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक पेट्रोल पंप पर हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां विज्ञान के नियमों को धता बताते हुए एक वाहन की 37 लीटर की टंकी में 42 लीटर पेट्रोल भर दिया गया। इस घटना ने पेट्रोल पंप पर बड़े पैमाने पर हो रहे घोटाले की ओर इशारा किया है। यह वाकया पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ हो रही धोखाधड़ी को उजागर करता है और इस संबंध में जन जागरूकता की आवश्यकता पर बल देता है।1
- केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने आगरा के एत्मादपुर में 27 जून 2026 को एक पत्रकार वार्ता में घोषणा की कि 30 जून 2026 को एत्मादपुर के मॉडल स्कूल में प्रातः स्मरणीय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस समारोह के दौरान लोकमाता की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस जयंती समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणड़नवीस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। महाराष्ट्र विधानपरिषद के सभापति राम शिंदे इसमें विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। इस आयोजन में देशभर से पाल बघेल धनगर समाज के सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और विभिन्न सामाजिक हस्तियां शामिल होंगी। प्रो. एसपी सिंह बघेल ने बताया कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने केवल पाल बघेल धनगर समाज के लिए ही नहीं, बल्कि सर्व समाज के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होंने होल्कर साम्राज्य से बाहर हजारों शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया, जिनमें काशी विश्वनाथ सहित कई ज्योतिर्लिंग भी शामिल हैं। लोकमाता के व्यक्तित्व और कृतित्व से सर्वसमाज को परिचित कराने के उद्देश्य से वे हर साल ऐसे बड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं। पिछले वर्ष आगरा के जीआईसी मैदान पर हुए एक सफल कार्यक्रम में पचास हजार से अधिक लोग जुटे थे, जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्रात्रेय और महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने भाग लिया था। इसी तर्ज पर इस वर्ष एत्मादपुर में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, हालांकि व्यस्तता के कारण यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह का कार्यक्रम उनके 28 जून को आगरा आगमन पर निर्धारित होगा। उन्होंने पाल बघेल धनगर समाज के देशभर के सांसदों, विधायकों और सामाजिक नेताओं को भी आमंत्रित किया है। केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उन्होंने और उनके परिजनों ने एत्मादपुर, टूंडला और जलेसर विधानसभा क्षेत्रों के साथ ही आगरा और फिरोजाबाद जिलों के 125 से अधिक गांवों का दौरा कर सामाजिक बंधुओं को आमंत्रित किया है। इस समारोह में 50 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए गर्मी से बचाव हेतु दो जर्मन हैंगर पांडाल बनाए गए हैं। इन पांडालों में पंखे और बड़े वाटर कूलर लगाए गए हैं, साथ ही पेजयल की भी विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक है, जिसमें हर दल के नेताओं और समर्थकों को आमंत्रित किया गया है और आगरा के सभी जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं निजी तौर पर की गई हैं, और इसमें शासन या सत्ता का कोई सहयोग नहीं लिया गया है। इस पत्रकार वार्ता में दिगम्बर सिंह धाकरे, गौरव शर्मा, नवीन गौतम, रोहित कत्याल, ब्रज मोहन धनगर, हरिओम बघेल, स्वदेश बघेल, दीपक बघेल, राकेश बघेल, विजय बघेल और डी पी सिंह फौजी समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।1
- पिछले दो दिनों से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे आम जनता अत्यधिक परेशान है। नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी रोज आकर इसे ठीक करते हैं, लेकिन समस्या फिर से पैदा हो जाती है, जो इस बात का संकेत है कि यह परेशानी लगातार बनी हुई है। शिकायतकर्ता ने योगी जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, उन्होंने एक नया ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग भी की है, क्योंकि पिछले दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है और लोग काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई न करने का भी आरोप लगाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद कस्बे में भीषण गर्मी का प्रकोप इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। इसी का एक हृदय विदारक दृश्य सामने आया है जहाँ एक बंदर प्यास से व्याकुल होकर एक सार्वजनिक नल तक पहुंचा और अपने हाथों से उसे खोलकर पानी पीता हुआ दिखाई दिया। इस भावुक कर देने वाले क्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंदर पहले नल खोलने की कोशिश करता है और जैसे ही पानी बहना शुरू होता है, वह नीचे झुककर आराम से अपनी प्यास बुझाता है। वहाँ मौजूद लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिसके बाद यह अब चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण जलस्रोत सूखते जा रहे हैं, जिससे बंदर, पक्षी और अन्य बेजुबान जीवों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने सभी से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों और अन्य जानवरों के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें, ताकि वे अपनी प्यास बुझा सकें। यह वायरल वीडियो न केवल भीषण गर्मी की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति रखने का भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।1
- आगरा के नुनहाई में स्थित रोमसंस ग्रुप ने अपने स्थापना दिवस और स्वर्गीय श्री रामलाल खन्ना की जयंती के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, लोकहिततम ब्लड बैंक के सहयोग से एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में रोमसंस ग्रुप के कर्मचारियों, अधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया, जिसके माध्यम से उन्होंने मानव सेवा का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान, रक्तदान के असाधारण महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई और उपस्थित सभी लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।1
- भीषण गर्मी ने ग्रामवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जहाँ तेज धूप और लू के कारण लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गाँव में तालाबों, कुओं और हैंडपंपों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। किसान खेतों में काम करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वहीं पशु-पक्षी भी पानी की कमी से व्याकुल हैं। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को इस गर्मी से सबसे अधिक परेशानी हो रही है और लोग दोपहर के समय अपने घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। इन परिस्थितियों में, ग्रामवासी सरकार से पेयजल की उचित व्यवस्था करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की पुरजोर माँग कर रहे हैं।1