जनपद हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स ने हाथरस शहर स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पत्रावलियों का गहनता पूर्वक अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद पटल सहायकों से उनके कार्यों और कार्य विभाजन की विस्तृत जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्राप्त आवेदनों को ठीक से सुरक्षित रखने, कार्यालय की अलमारियों की मरम्मत कराने और पत्रावलियों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ले-आउट प्लान के माध्यम से शहर के प्रमुख नालों, नालियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जल निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों की विस्तारपूर्वक समीक्षा कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
जनपद हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स ने हाथरस शहर स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पत्रावलियों का गहनता पूर्वक अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद पटल सहायकों से उनके कार्यों और कार्य विभाजन की विस्तृत जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्राप्त आवेदनों को ठीक से सुरक्षित रखने, कार्यालय की अलमारियों की मरम्मत कराने और पत्रावलियों का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ले-आउट प्लान के माध्यम से शहर के प्रमुख नालों, नालियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जल निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों की विस्तारपूर्वक समीक्षा कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
- डेढ़ महीने का समय बीत जाने के बावजूद भी दरिंदे अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना को डेढ़ महीने हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।1
- हाथरस जिले की सादाबाद तहसील में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 27 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (एसआई) को टैबलेट वितरित किए गए। इस अवसर पर सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू चौधरी, एसडीम सादाबाद मनीषा चौधरी और सीओ जे.एन. अस्थाना (जयेंद्र नाथ अस्थाना) सहित कई सादाबाद पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। टैबलेट पाने वालों में सादाबाद थाना प्रभारी श्री विजय सिंह (निरीक्षक), सहपऊ थाना प्रभारी श्री मयंक चौधरी (उप निरीक्षक) और चंदपा थाना प्रभारी श्री योगेश कुमार (उप निरीक्षक) जैसे पुलिस अधिकारी शामिल थे। यह पहल पुलिस व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।4
- हाथरस जनपद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के मद्देनजर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने सदर कोतवाली से माधुगढ़ी मस्जिद तक पैदल मार्च कर जिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने सभी से पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आवाहन किया। जिलाधिकारी ने नागरिकों से शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उन्होंने यह भी बताया कि पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि पुलिस पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है, और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।4
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के वीरनगर स्थित शाहपुर कलां गाँव में नाली पिछले पाँच सालों से टूटी हुई है। इस टूटी हुई नाली के कारण गाँव में लगातार गंदगी फैल रही है।1
- आगरा जोन के एडीजी एस. के. भगत ने हाथरस के सासनी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा पुलिसिंग व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, सभी अभिलेखों, अपराध नियंत्रण व्यवस्था और जनसुनवाई संबंधी प्रणालियों का गहनता से जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, एडीजी एस. के. भगत ने गरीब छात्राओं को साइकिलें भी वितरित कीं।1
- हाथरस गेट थाना क्षेत्र के इगलास रोड स्थित गांव जोगिया के पास वर्चस्व को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और उस्तरे भी चले। इस घटना में एक ही पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि यह खूनी भिड़ंत दोनों गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पुराने विवाद का परिणाम थी, जिसमें उस्तरे से वार करने का जान से मारने का इरादा था। संघर्ष की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, मामला अस्पताल पहुँचने के बाद भी शांत नहीं हुआ। जिला अस्पताल परिसर में दोनों गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जहाँ जमकर खिंचातानी और हंगामा हुआ। अस्पताल में हुई इस मारपीट और हंगामे से वहाँ मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। आखिरकार, अस्पताल सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।1