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जौनपुर जिले में हवा के साथ हुई बूंदा बादी के कारण लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

9 hrs ago
user_Jitendra bahadur Dubey
Jitendra bahadur Dubey
Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

जौनपुर जिले में हवा के साथ हुई बूंदा बादी के कारण लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

More news from Varanasi and nearby areas
  • भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों से कानून के अनुसार निपटा जाएगा। इस घोषणा में विशेष रूप से बांग्लादेश सहित उन सभी विदेशियों का उल्लेख है जो अवैध तरीके से भारत में निवास कर रहे पाए जाएंगे।
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    भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों से कानून के अनुसार निपटा जाएगा। इस घोषणा में विशेष रूप से बांग्लादेश सहित उन सभी विदेशियों का उल्लेख है जो अवैध तरीके से भारत में निवास कर रहे पाए जाएंगे।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    9 hrs ago
  • सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश जी को सर्वप्रथम पूजनीय देवता माना गया है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, सिद्धिविनायक और मंगलमूर्ति के नाम से जाना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, विवाह, गृह प्रवेश या नए कार्य के आरंभ से पहले भगवान गणपति का स्मरण और पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें देवताओं में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। उनका विशाल मस्तक ज्ञान का प्रतीक है, बड़े कान दूसरों की बातें सुनने की प्रेरणा देते हैं, और उनका वाहन मूषक यह संदेश देता है कि मनुष्य को अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना चाहिए। भगवान गणपति केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समरसता, एकता और सद्भाव के भी प्रतीक हैं। गणेश उत्सव के अवसर पर, समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे भाईचारा और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को जनजागरण और राष्ट्रीय एकता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाया था। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि भगवान गणपति हमें सद्बुद्धि, विवेक, सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण, समरस और मानवता आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। अंततः, सभी भगवान श्री गणपति बप्पा से प्रार्थना करते हैं कि वे जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करें, सुख-समृद्धि प्रदान करें तथा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
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    सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश जी को सर्वप्रथम पूजनीय देवता माना गया है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, सिद्धिविनायक और मंगलमूर्ति के नाम से जाना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, विवाह, गृह प्रवेश या नए कार्य के आरंभ से पहले भगवान गणपति का स्मरण और पूजन किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें देवताओं में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। उनका विशाल मस्तक ज्ञान का प्रतीक है, बड़े कान दूसरों की बातें सुनने की प्रेरणा देते हैं, और उनका वाहन मूषक यह संदेश देता है कि मनुष्य को अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना चाहिए।

भगवान गणपति केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समरसता, एकता और सद्भाव के भी प्रतीक हैं। गणेश उत्सव के अवसर पर, समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे भाईचारा और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को जनजागरण और राष्ट्रीय एकता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाया था।

मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि भगवान गणपति हमें सद्बुद्धि, विवेक, सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण, समरस और मानवता आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। अंततः, सभी भगवान श्री गणपति बप्पा से प्रार्थना करते हैं कि वे जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करें, सुख-समृद्धि प्रदान करें तथा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    5 hrs ago
  • मथुरा के वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर की गली नंबर 5 में एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दर्शन करने आए 7 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। छज्जा गिरते ही गली में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और घायल श्रद्धालुओं के परिजनों ने तेजी दिखाते हुए सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। शुरुआत में दो घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय और छह को रामकृष्ण मिशन अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, एचवीपी कमेटी और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने तुरंत रामकृष्ण मिशन अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। जिला प्रशासन ने बेहतर तालमेल के साथ जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती दोनों घायलों को भी उच्च स्तरीय इलाज के लिए रामकृष्ण मिशन रेफर करवा दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सभी घायलों को उत्कृष्ट और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक सूचना के अनुसार, बंदरों की भारी उछलकूद के कारण यह जर्जर छज्जा गिरा है। यह हादसा बांके बिहारी मंदिर से महज 30 मीटर की दूरी पर हुआ। घायल हुए सभी श्रद्धालु बांके बिहारी जी के दर्शन करने वृंदावन आए थे। घायलों में अलीगढ़ निवासी लक्ष्मी नारायण की हालत बेहद चिंताजनक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नोएडा हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। गौरतलब है कि वृंदावन की तंग गलियों में जर्जर भवनों के छज्जे गिरना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इससे पहले 15 अगस्त 2023 को भी स्नेह बिहारी मंदिर के पास इसी तरह छज्जा गिरने से 5 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस नए हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    मथुरा के वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर की गली नंबर 5 में एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दर्शन करने आए 7 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। छज्जा गिरते ही गली में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और घायल श्रद्धालुओं के परिजनों ने तेजी दिखाते हुए सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। शुरुआत में दो घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय और छह को रामकृष्ण मिशन अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, एचवीपी कमेटी और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने तुरंत रामकृष्ण मिशन अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। जिला प्रशासन ने बेहतर तालमेल के साथ जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती दोनों घायलों को भी उच्च स्तरीय इलाज के लिए रामकृष्ण मिशन रेफर करवा दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सभी घायलों को उत्कृष्ट और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक सूचना के अनुसार, बंदरों की भारी उछलकूद के कारण यह जर्जर छज्जा गिरा है। यह हादसा बांके बिहारी मंदिर से महज 30 मीटर की दूरी पर हुआ।

घायल हुए सभी श्रद्धालु बांके बिहारी जी के दर्शन करने वृंदावन आए थे। घायलों में अलीगढ़ निवासी लक्ष्मी नारायण की हालत बेहद चिंताजनक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नोएडा हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। गौरतलब है कि वृंदावन की तंग गलियों में जर्जर भवनों के छज्जे गिरना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इससे पहले 15 अगस्त 2023 को भी स्नेह बिहारी मंदिर के पास इसी तरह छज्जा गिरने से 5 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस नए हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Deepak Sahani
    Deepak Sahani
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान में तेजी लाई गई है। प्रशासन की टीम ने पोकलेन और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल कर मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाके में सुबह से ही पुलिस और पीएसी के जवानों की भारी संख्या में तैनाती की गई है, जहाँ पोकलेन मशीनों के ज़रिए पुराने मकानों को एक-एक कर गिराया जा रहा है। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया है, वहीं स्थानीय निवासियों को अपना सामान समेटते देखा गया। कई परिवारों ने बताया कि वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण योजना के तहत की जा रही है। इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
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    वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान में तेजी लाई गई है। प्रशासन की टीम ने पोकलेन और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल कर मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाके में सुबह से ही पुलिस और पीएसी के जवानों की भारी संख्या में तैनाती की गई है, जहाँ पोकलेन मशीनों के ज़रिए पुराने मकानों को एक-एक कर गिराया जा रहा है।

ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया है, वहीं स्थानीय निवासियों को अपना सामान समेटते देखा गया। कई परिवारों ने बताया कि वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण योजना के तहत की जा रही है। इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया गया है। प्रशासन की टीम ने पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग करते हुए मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। सुबह से ही पूरे इलाके में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती की गई है, जहाँ पोकलेन मशीनों से एक-एक कर पुराने मकानों को गिराया जा रहा है। इस ध्वस्तीकरण के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया है। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों को अपना सामान समेटते देखा गया, जिनमें से कई परिवारों ने बताया कि वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश तथा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण योजना के तहत की जा रही है। दालमंडी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई फिलहाल जारी है, और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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    वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया गया है। प्रशासन की टीम ने पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग करते हुए मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। सुबह से ही पूरे इलाके में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती की गई है, जहाँ पोकलेन मशीनों से एक-एक कर पुराने मकानों को गिराया जा रहा है। इस ध्वस्तीकरण के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया है।

इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों को अपना सामान समेटते देखा गया, जिनमें से कई परिवारों ने बताया कि वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश तथा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण योजना के तहत की जा रही है। दालमंडी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई फिलहाल जारी है, और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सोशल मीडिया पोस्ट में देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के प्रयासों पर गहरा व्यंग्य किया गया है। टिप्पणी के अनुसार, शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए आए लोग, जिनमें 12वीं पास व्यक्ति भी शामिल थे, अपने-अपने अलग एजेंडे और नारों के साथ पहुंचे थे। पोस्ट यह सवाल उठाता है कि ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कैसे आएगा, क्योंकि ये लोग खुद ही यह नहीं समझ पा रहे कि वहाँ सब अपने-अपने हितों की बात कर रहे हैं।
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    सोशल मीडिया पोस्ट में देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के प्रयासों पर गहरा व्यंग्य किया गया है। टिप्पणी के अनुसार, शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए आए लोग, जिनमें 12वीं पास व्यक्ति भी शामिल थे, अपने-अपने अलग एजेंडे और नारों के साथ पहुंचे थे। पोस्ट यह सवाल उठाता है कि ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कैसे आएगा, क्योंकि ये लोग खुद ही यह नहीं समझ पा रहे कि वहाँ सब अपने-अपने हितों की बात कर रहे हैं।
    user_अचूक रणनीति अख़बार
    अचूक रणनीति अख़बार
    Newspaper publisher सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र में कार्यरत पत्रकार पंकज पांडे को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं दी गई हैं।
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    जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र में कार्यरत पत्रकार पंकज पांडे को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएं दी गई हैं।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • प्रयागराज के यमुनानगर स्थित मेजा थाना क्षेत्र के मटिही बकचुंदा में हुई एक घटना के संबंध में एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय ने बयान दिया है।
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    प्रयागराज के यमुनानगर स्थित मेजा थाना क्षेत्र के मटिही बकचुंदा में हुई एक घटना के संबंध में एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय ने बयान दिया है।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    9 hrs ago
  • वाराणसी के अवलेशपुर में दोपहर के उजाले में, भीड़-भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, जिसमें जितेंद्र पटेल खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। अपराधियों ने इस दौरान न कानून का डर दिखाया, न पुलिस का खौफ और न ही किसी इंसानियत का लिहाज किया। यह घटना उत्तर प्रदेश में किए जा रहे "जीरो टॉलरेंस और अपराध मुक्त प्रदेश" के बड़े-बड़े दावों पर सीधा सवाल उठाती है। दावा है कि प्रदेश की राजधानी से सटे शहर में अपराधी खुलेआम तांडव कर रहे हैं, उनमें कोई खौफ या रोक-टोक नहीं है। आम आदमी सड़क पर निकलते समय डरने लगा है कि कहीं उसके साथ भी ऐसी वारदात न हो जाए, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि जब अपना ही मोहल्ला सुरक्षित नहीं तो भाषणों और वादों का क्या मोल रह जाता है। यह सिर्फ जितेंद्र पटेल की मौत नहीं बल्कि हर उस परिवार का डर है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। यह दिनदहाड़े हुई जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है, और "अपराध मुक्त प्रदेश" के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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    वाराणसी के अवलेशपुर में दोपहर के उजाले में, भीड़-भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, जिसमें जितेंद्र पटेल खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। अपराधियों ने इस दौरान न कानून का डर दिखाया, न पुलिस का खौफ और न ही किसी इंसानियत का लिहाज किया।

यह घटना उत्तर प्रदेश में किए जा रहे "जीरो टॉलरेंस और अपराध मुक्त प्रदेश" के बड़े-बड़े दावों पर सीधा सवाल उठाती है। दावा है कि प्रदेश की राजधानी से सटे शहर में अपराधी खुलेआम तांडव कर रहे हैं, उनमें कोई खौफ या रोक-टोक नहीं है। आम आदमी सड़क पर निकलते समय डरने लगा है कि कहीं उसके साथ भी ऐसी वारदात न हो जाए, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि जब अपना ही मोहल्ला सुरक्षित नहीं तो भाषणों और वादों का क्या मोल रह जाता है।

यह सिर्फ जितेंद्र पटेल की मौत नहीं बल्कि हर उस परिवार का डर है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। यह दिनदहाड़े हुई जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है, और "अपराध मुक्त प्रदेश" के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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