बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जहाँ न्यायिक जांच कमेटी के माननीय जज साहब ने स्वयं पीड़ित भरत तिवारी के घर का दौरा किया। इस संवेदनशील मामले के मद्देनजर गठित कमेटी के जज साहब भोजपुर के डीएम, डीआईजी और पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारियों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल चलकर पीड़ित के घर पहुँचे। इस दौरे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के पास बैठकर उनका पक्ष सुना और हर पहलू की बारीकी से जांच करने का आश्वासन दिया। हालांकि, इस जांच प्रक्रिया के दौरान, भरत तिवारी की माँ का दर्द और गुस्सा कैमरे के सामने छलक पड़ा। उन्होंने रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पैसों या किसी अन्य मदद की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें केवल और केवल न्याय चाहिए। पीड़ित माँ ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जो भी इस घटना में शामिल है और जिसने भी उनके बेटे को मारा है, चाहे वह प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी हो या एसडीएम, उन सभी को फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 'गुंडा' भी बताया। पीड़ित माँ ने यह भी जानकारी दी कि माननीय जज साहब ने उन्हें अपनी लिखित शिकायत और मांगें सौंपने को कहा है, जिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिवार ने माननीय हाईकोर्ट पर अपना पूरा भरोसा जताया है, लेकिन साथ ही इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। अब यह देखना होगा कि इस उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के बाद क्या वाकई दोषियों को उनके किए की सज़ा मिलेगी और क्या पीड़ित परिवार को वह न्याय मिल पाएगा जिसकी वे गुहार लगा रहे हैं।
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी मामले में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जहाँ न्यायिक जांच कमेटी के माननीय जज साहब ने स्वयं पीड़ित भरत तिवारी के घर का दौरा किया। इस संवेदनशील मामले के मद्देनजर गठित कमेटी के जज साहब भोजपुर के डीएम, डीआईजी और पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारियों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल चलकर पीड़ित के घर पहुँचे। इस दौरे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के पास बैठकर उनका पक्ष सुना और हर पहलू की बारीकी से जांच करने का आश्वासन दिया। हालांकि, इस जांच प्रक्रिया के दौरान, भरत तिवारी की माँ का दर्द और गुस्सा कैमरे के सामने छलक पड़ा। उन्होंने रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पैसों या किसी अन्य मदद की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें केवल और केवल न्याय चाहिए। पीड़ित माँ ने स्पष्ट रूप से मांग की कि जो भी इस घटना में शामिल है और जिसने भी उनके बेटे को मारा है, चाहे वह प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी हो या एसडीएम, उन सभी को फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 'गुंडा' भी बताया। पीड़ित माँ ने यह भी जानकारी दी कि माननीय जज साहब ने उन्हें अपनी लिखित शिकायत और मांगें सौंपने को कहा है, जिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिवार ने माननीय हाईकोर्ट पर अपना पूरा भरोसा जताया है, लेकिन साथ ही इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है। अब यह देखना होगा कि इस उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के बाद क्या वाकई दोषियों को उनके किए की सज़ा मिलेगी और क्या पीड़ित परिवार को वह न्याय मिल पाएगा जिसकी वे गुहार लगा रहे हैं।
- Badwani wale MansuriBarwani, Barwani🙏8 hrs ago
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहारवासी नाखुश और दुखी बताए जा रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह राज्य में लगातार हो रहे एनकाउंटर हैं। इस संबंध में भारत भूषण जी का जिक्र किया गया है, जिन्हें एक देशभक्त और गरीबों का मसीहा बताया गया है। बिहार में चल रहे विभिन्न मुद्दों और लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए, लोगों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति गहरी नाराजगी है। बिहार के लोग सीएम से काफी दुखी हैं और आने वाले समय में राज्य में और क्या-क्या देखने को मिलेगा, इस बात को लेकर भी चिंता जताई गई है। पाठकों से इस खबर को लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- मुहर्रम के पर्व से पहले मधुबनी जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में, प्रशासन ने जिले भर से 158 डीजे जब्त किए हैं। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं फ्लैग मार्च का नेतृत्व कर लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस के निकाले जाने वाले किसी भी जुलूस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- एक पोस्ट में इस बात पर बेसब्री से सवाल उठाया गया है कि 'पोस्टकार्ड' का जवाब कब आएगा। यह सवाल `#JuryCourt` और `#VoteVapsi Passbook` से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में उठाया गया है। बार-बार पूछे गए प्रश्नचिह्न इस बात पर जोर देते हैं कि इन मामलों पर तत्काल जवाब की मांग की जा रही है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व छिटपुट घटनाओं के बावजूद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों और गांवों से भव्य ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। इसी कड़ी में, खानपुर चौक पर मोहर्रम मेले का भी आयोजन किया गया, जहाँ खाने-पीने सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी थीं। इस मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुँचे, और अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे पारंपरिक करतबों को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र में पर्व को लेकर भारी उत्साह का माहौल देखा गया। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कड़ी निगरानी में यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, और देर शाम तक लोग मेले तथा जुलूसों का आनंद लेते रहे।1
- दरभंगा न्यायालय में ताड़ीह प्रखंड और महथौर पंचायत में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने से रोकने के प्रयासों, जान से मारने की धमकी तथा जान से मारने की कोशिश से जुड़े एक मामले में सीआर केस दायर किया गया है। यह कानूनी कार्रवाई उन कथित दोषियों के विरुद्ध की गई है, जिन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े सच को सामने आने से रोकने का प्रयास किया। इस मामले के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि सच की लड़ाई कानून के दायरे में जारी रहेगी। दायरकर्ता ने न्यायपालिका पर अपना पूर्ण विश्वास जताया है और उम्मीद व्यक्त की है कि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट कहा गया है कि सच रुकेगा नहीं और अंततः सामने आकर रहेगा।1
- बिहार के सीतामढ़ी जिले के महिंदवाड़ा थाना क्षेत्र से जमीन विवाद से जुड़ा एक आरोप सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने अपने भाइयों से पैसे लेकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बाद, रजिस्ट्री की गई उसी जमीन पर आपत्ति भी लगा दी गई। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है।1
- शुरू ऐप पर एक नए उपयोगकर्ता ने अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराते हुए दर्शकों से समर्थन और प्यार की अपील की है। उन्होंने बताया कि वे इस प्लेटफॉर्म पर खबरें आप तक पहुंचाने के लिए आए हैं और उन्होंने सभी से लाइक, कमेंट और शेयर के माध्यम से सहयोग करने का आग्रह किया है।1
- राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट परशुराम सेवा संस्थान ने सौराठ सभागाछी की पावन धरती पर अपना 20वां स्थापना दिवस बड़ी भव्यता और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर को समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण और एकता के अद्भुत संगम के रूप में चिह्नित किया गया।1
- समस्तीपुर में सामाजिक सुरक्षा कोषांग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त भारत अभियान योजना के तहत एक सप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 जून 2026 से 26 जून 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों और संस्थाओं के माध्यम से आमजनों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। इस क्रम में सोमवार को समस्तीपुर के जिला पदाधिकारी, रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय परिसर से जन-जागरूकता हेतु एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, समाहरणालय सभाकक्ष में दीप प्रज्ज्वलन, हस्ताक्षर अभियान, सेल्फी प्वाइंट, रंगोली कार्यक्रम और शपथ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला खेल कार्यालय, जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, नशा मुक्ति केंद्र और एनसीसी कैडेट्स विंग के लगभग 550 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में समस्तीपुर के उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा), सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, अधीक्षक, मद्य निषेध सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।1