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राजपाल यादव माह की जेल, चेक बाउंस का मामला , 5 करोड़ लिया था लोन अब हो गए 9 करोड़ फिल्म स्टार राजपाल सिंह यादव जिनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं वह चेक बाउंस के मामले में तिहाड़ जेल चले गए उनकी मदद के लिए तेज प्रताप यादव और एक्टर सोनू सूद ने हाथ बढ़ाया है जल्दी उनको मदद मिलने के आसार बन रहे हैं Mashkoor Amrohvi JPN7 NEWS 8630442201
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राजपाल यादव माह की जेल, चेक बाउंस का मामला , 5 करोड़ लिया था लोन अब हो गए 9 करोड़ फिल्म स्टार राजपाल सिंह यादव जिनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं वह चेक बाउंस के मामले में तिहाड़ जेल चले गए उनकी मदद के लिए तेज प्रताप यादव और एक्टर सोनू सूद ने हाथ बढ़ाया है जल्दी उनको मदद मिलने के आसार बन रहे हैं Mashkoor Amrohvi JPN7 NEWS 8630442201
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- Post by Pramod Rana1
- डिलारी ब्लॉक सभागार में ‘समर्पण दिवस’ का आयोजन,1
- मुरादाबाद। *स्लग : सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार अब राष्ट्रगान और वंदे मातरम गाना हुआ अनिवार्य। वो भी निर्धारित समय तीन मिनट दस सेकेंड में* एंकर रीड : सरकार की इस गाइड लाइन पर पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने कहा हमारा देश अनेकता में एकता का देश है। ये हमारी विशेषता है इसी ने हमारे देश को खूब बना रखा है। बहुत से लोग वन्देमातरम को इबादत मानते हैं खासतौर से मुसलमान लोग ये मानते हैं कि जमीन की पूजा कर रहे हैं जो हमारे मजहब में अलाउड नहीं है। हिंदुस्तान में सिख ईसाई मुसलमान और लोग भी रहते हैं और कुछ ऐसे लोग भी रहते हैं जो ना अल्लाह की मानते हैं ना ईश्वर को मानते हैं वो नास्तिक होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस बात का जजमेंट दिया था कि किसी को बाध्य नहीं कर सकते किसी काम करने के लिए किसी गीत को गाने के लिए। इस गीत से क्या हमारी इंडस्ट्री पर फर्क पड़ने वाला है या महंगाई कम होने वाली है या नौकरियां मिलने वाली हैं। इससे नेशनल इंटीग्रेशन को नुकसान होगा, लोगों के अंदर कंट्रोवर्सी पैदा होगी और ये सरकार तो कंट्रोवर्सी करके ही जीत रही है हमेशा, कुछ और करने के लिए नहीं है। अब नया श ये छोड़ा है ताकि हिंदू मुसलमान फिर करें और अपना वोट बैंक को पोलराइज करें। यकीनी तौर पर च्वाइस होनी चाहिए किसी को आप।मजबूर नहीं कर सकते आप कुछ कहने के लिए। आप देखते नहीं यदि कोई मुसलमान से डंडे के जोर पर कहावत है कि जयश्री राम कहो तो कोर्ट उसपर एक्शन लेती है। बाईट : डॉक्टर एसटी हसन पूर्व सांसद सपा मुरादाबाद।1
- डिलारी। आगामी महाशिवरात्रि और पवित्र माह रमज़ान के मद्देनज़र थाना डिलारी परिसर में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने को लेकर एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मांगेला ने की, जिसमें क्षेत्र के धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि, संभ्रांत नागरिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में त्योहारों के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं, नमाज़ व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, बिजली-पानी की व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने कहा कि दोनों त्योहार आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक हैं, इसलिए सभी लोग मिलजुलकर शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाएं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश साझा न करने की अपील की गई। बैठक में उपस्थित गणमान्य लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया। अंत में सभी ने आपसी समन्वय और सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की।4
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
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- Post by Pramod Rana1
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- मुरादाबाद स्लग — मुरादाबाद में इमाम-ए-मेहदी यूथ मिशन की शोक सभा, आतंकवाद के खिलाफ कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन मुरादाबाद महानगर में पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित शिया मस्जिद पर हुए जघन्य और कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा आतंकवाद के विरुद्ध कड़ा और संगठित विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से इमाम-ए-मेहदी यूथ मिशन WS (रजि.) मुरादाबाद के तत्वावधान में एक विशाल शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा के बाद आतंकवाद के खिलाफ शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। शोक सभा की अध्यक्षता मौलाना अली हैदर नूरी साहब, इमाम-ए-जुमा मुरादाबाद ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन मौलाना गाज़ी साहब ने किया। सभा में बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक, युवा संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर गमगीन माहौल देखने को मिला, जहां लोगों ने आतंकी हमले में मारे गए मासूम नागरिकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हो रहे लगातार आतंकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह घटनाएं केवल किसी एक समुदाय पर हमला नहीं, बल्कि पूरी मानवता, अमन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार हैं। वक्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद अब कोई छुपी हुई ताकत नहीं रह गया है, बल्कि यह नीतिगत संरक्षण और सरकारी नाकामी का परिणाम प्रतीत होता है। वक्ताओं ने हज़ारा और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हुए पुराने आतंकी हमलों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान सरकार अपने ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने के कारण निर्दोष लोगों की जान लगातार जा रही है। शोक सभा के उपरांत शहीदों की याद में एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर हिस्सा लिया। मार्च के दौरान माहौल बेहद गंभीर और भावुक रहा। इसके बाद आतंकवाद और पाकिस्तान सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में पाकिस्तान सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “आतंकवाद मुर्दाबाद”, “पाकिस्तान सरकार मुर्दाबाद” और “बेगुनाहों की हत्या बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस अवसर पर इमाम-ए-मेहदी यूथ मिशन WS (रजि.) के अध्यक्ष हसन जैदी एडवोकेट ने अपने बयान में कहा कि “जो भी सरकार आतंकवाद पर खामोश रहती है, वह भी उतनी ही जिम्मेदार मानी जानी चाहिए। पाकिस्तान सरकार लगातार शिया और अन्य अल्पसंख्यक नागरिकों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है। अब केवल निंदा से काम नहीं चलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके।” कार्यक्रम में मिशन के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी वर्ग और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संयुक्त संदेश में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह संघर्ष किसी एक समुदाय या मजहब की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरे समाज और इंसानियत की साझा लड़ाई है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में निर्दोष पीड़ितों को न्याय दिलाने, आतंकवाद को संरक्षण देने वाली नीतियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने और विश्व स्तर पर आतंकवाद के खात्मे के लिए ठोस प्रयास करने की मांग की।1