उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में थाना जैंत पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुनरख मार्ग से एनएच-19 की ओर जाने वाले रास्ते से चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से कुल चोरी किए गए 2,90,10,000 रुपये में से 2,60,12,000 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें 2 करोड़ रुपये नगद और चोरी के रुपयों से खरीदी गई करीब 60,12,000 रुपये की संपत्तियां शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक टाटा पंच कार भी बरामद की है। घटना के शिकार गुजरात के गांधीनगर निवासी राकेश प्रजापति हैं, जिनका बेटा मानव प्रजापति करीब 4 महीने से वृंदावन स्थित श्री प्रेमानन्द महाराज जी के आश्रम में दीक्षारत होकर भक्ति कर रहा है। राकेश प्रजापति ने भी अपनी पत्नी के देहांत के बाद गुजरात में अपना मकान, दुकान, वाहन और सारा सामान बेचकर वृंदावन में बसने का फैसला किया था। उन्होंने सुनरख में एक फ्लैट, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर खरीदा था। इसी फ्लैट के पास कथित तौर पर किराए पर गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक और राजन से उनका संपर्क हुआ। बाबा की जमा-पूंजी की जानकारी मिलने पर आलोक और राजन ने अपने साथियों हीरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। योजना के तहत आलोक बाबा को मांट तहसील क्षेत्र में कुटिया बनाने के लिए प्लॉट दिखाने ले गया। इसी बीच, उसके तीनों साथियों ने टाटा पंच कार से आकर दोपहर 3 से 4 बजे के बीच ताला और दरवाजा तोड़कर अलमारी और दीवान बेड से 2,90,10,000 रुपये नगद चोरी कर लिए। जब बाबा को इन पर शक हुआ, तो आरोपियों ने आलोक को छिपा दिया और बाबा पर ही आलोक के अपहरण का झूठा आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। साथ ही शिकायत करने पर बाबा और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे घबराकर बाबा गांधीनगर चले गए और उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया। बाद में उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में तत्काल मु0अ0सं0 446/26 धारा 305/331(3)/317(2)/3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया। पुलिस टीम के प्रयासों से चारों आरोपी- राजन (फरीदाबाद, हरियाणा), आलोक (कुशीनगर, यूपी), प्रेम सागर (सूरत, गुजरात) और हीरेन (सूरत, गुजरात) को धर-दबोचा गया। आरोपियों के पास से बरामदगी में 2 करोड़ रुपये नगद के अलावा चोरी के रुपयों से खरीदी गई एक फॉक्सवेगन वर्टस कार, सोने-चांदी के आभूषण, ब्रांडेड घड़ियां, कपड़े, जूते, 4 मोबाइल फोन (एप्पल, सैमसंग, वीवो), ब्रांडेड जिम व स्विमिंग किट और सप्लीमेंट्स शामिल हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में थाना जैंत पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुनरख मार्ग से एनएच-19 की ओर जाने वाले रास्ते से चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से कुल चोरी किए गए 2,90,10,000 रुपये में से 2,60,12,000 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। इसमें 2 करोड़ रुपये नगद और चोरी के रुपयों से खरीदी गई करीब 60,12,000 रुपये की संपत्तियां शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक टाटा पंच कार भी बरामद की है। घटना के शिकार गुजरात के गांधीनगर निवासी राकेश प्रजापति हैं, जिनका बेटा मानव प्रजापति करीब 4 महीने से वृंदावन स्थित श्री प्रेमानन्द महाराज जी के आश्रम में दीक्षारत होकर भक्ति कर रहा है। राकेश प्रजापति ने भी अपनी पत्नी के देहांत के बाद गुजरात में अपना मकान, दुकान, वाहन और सारा सामान बेचकर वृंदावन में बसने का फैसला किया था। उन्होंने सुनरख में एक फ्लैट, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर खरीदा था। इसी फ्लैट के पास कथित तौर पर किराए पर गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक और राजन से उनका संपर्क हुआ। बाबा की जमा-पूंजी की जानकारी मिलने पर आलोक और राजन ने अपने साथियों हीरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। योजना के तहत आलोक बाबा को मांट तहसील क्षेत्र में कुटिया बनाने के लिए प्लॉट दिखाने ले गया। इसी बीच, उसके तीनों साथियों ने टाटा पंच कार से आकर दोपहर 3 से 4 बजे के बीच ताला और दरवाजा तोड़कर अलमारी और दीवान बेड से 2,90,10,000 रुपये नगद चोरी कर लिए। जब बाबा को इन पर शक हुआ, तो आरोपियों ने आलोक को छिपा दिया और बाबा पर ही आलोक के अपहरण का झूठा आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। साथ ही शिकायत करने पर बाबा और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे घबराकर बाबा गांधीनगर चले गए और उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया। बाद में उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में तत्काल मु0अ0सं0 446/26 धारा 305/331(3)/317(2)/3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया। पुलिस टीम के प्रयासों से चारों आरोपी- राजन (फरीदाबाद, हरियाणा), आलोक (कुशीनगर, यूपी), प्रेम सागर (सूरत, गुजरात) और हीरेन (सूरत, गुजरात) को धर-दबोचा गया। आरोपियों के पास से बरामदगी में 2 करोड़ रुपये नगद के अलावा चोरी के रुपयों से खरीदी गई एक फॉक्सवेगन वर्टस कार, सोने-चांदी के आभूषण, ब्रांडेड घड़ियां, कपड़े, जूते, 4 मोबाइल फोन (एप्पल, सैमसंग, वीवो), ब्रांडेड जिम व स्विमिंग किट और सप्लीमेंट्स शामिल हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- मथुरा जनपद के कोसीकलां के बिश्लोकर मोहल्ले में बिजली संकट को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। यहाँ पिछले 16 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित करीब एक दर्जन महिलाओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं और समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। लंबे समय से बिजली गुल रहने की वजह से मोहल्ले के घरों में पीने और नहाने के पानी की भारी समस्या खड़ी हो गई है, जिससे घरों में मौजूद छोटे बच्चे, महिलाएं और बीमार लोग बेहद परेशान हैं। अपनी शिकायत लेकर महिलाएं पहले एसडीओ कार्यालय पहुंची थीं, जहाँ से उन्हें एक्सईएन कार्यालय जाने के लिए कह दिया गया। मगर जब महिलाएं एक्सईएन कार्यालय पहुँचीं, तो वहाँ कोई अधिकारी मौजूद नहीं मिला और उनकी समस्या की कोई सुनवाई नहीं हुई। महिलाओं ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे इसी तरह धरने पर बैठी रहेंगी और अपना प्रदर्शन जारी रखेंगी।1
- राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां में गांव का मुख्य रास्ता बनवाने के लिए आग्रह किया गया है।1
- मथुरा में एक विवादित पोस्ट के सामने आने के बाद वहां की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। इस विवादित पोस्ट के कारण राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस गरमाती राजनीति के बीच अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मथुरा का शांत माहौल खराब करने की कोई बड़ी साजिश चल रही है।1
- मथुरा में अतिक्रमण की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई होती हुई दिखाई नहीं दे रही है। अतिक्रमण की वजह से सड़कों पर लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और उनकी रोजमर्रा की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके। अब लोगों के बीच यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या प्रशासन जल्द ही इस दिशा में कोई कड़ा कदम उठाएगा, या फिर लोगों को अभी इस समस्या से जूझते हुए और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।1
- मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र के सुनरख इलाके में हुई करीब ₹2.90 करोड़ की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस और सर्विलांस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 14 जुलाई की तड़के करीब 2:30 बजे सुनरख रोड से एनएच-19 की ओर जाने वाले मार्ग से चारों आरोपियों को दबोचा। आरोपियों के कब्जे से कुल ₹2.60 करोड़ की बरामदगी की गई है, जिसमें ₹2 करोड़ नगद शामिल हैं, जबकि शेष राशि से खरीदे गए आभूषण, गाड़ियां और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजन (निवासी फरीदाबाद), आलोक (निवासी कुशीनगर) और सूरत के रहने वाले प्रेम सागर व हीरेन के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के अनुसार, गुजरात के रहने वाले राकेश प्रजापति वृंदावन में रहकर भक्ति कर रहे थे और उन्होंने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी अपने फ्लैट में रखी हुई थी। आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत पहले राकेश से संपर्क बढ़ाया और फिर एक आरोपी उन्हें प्लॉट दिखाने के बहाने बाहर ले गया। इसी बीच, बाकी साथियों ने घर का ताला तोड़कर अलमारी और दीवान में रखे ₹2.90 करोड़ उड़ा दिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को डराया-धमकाया और पुलिस में शिकायत न करने की चेतावनी दी। इसके बावजूद पीड़ित ने हिम्मत दिखाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2 करोड़ कैश, एक वोक्सवैगन वर्टस कार, वारदात में इस्तेमाल की गई टाटा पंच कार, सोने-चांदी के आभूषण, ब्रांडेड घड़ियां, कपड़े, जूते और चार मोबाइल बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष सोनू कुमार के नेतृत्व में जैंत थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इस सफलता को हासिल किया है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।4
- मथुरा के बरसाने में एक साधु के भेष में आए व्यक्ति द्वारा तीन-चार साल की एक मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर और कुछ खाने की चीजें खिलाकर अपहरण करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों को शक होने पर उन्होंने इस साधु भेष धारी व्यक्ति का पीछा किया और मासूम बच्ची को उसके कब्जे से बरामद कर लिया। यह साधु भेष धारी बच्ची को कहीं से अपहरण करके लाया था, जिसकी पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है।4