झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और पलामू सांसद ने संयुक्त रूप से डगरा से सरईडीह तक 10 किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और ग्रामीणों को जर्जर सड़कों से राहत दिलाना है। जनमन योजना के तहत लगभग 9 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली यह सड़क हजारों ग्रामीणों के लिए बेहतर आवागमन सुविधा सुनिश्चित करेगी। शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्मरण कराया कि एक समय डगरा क्षेत्र नक्सली गतिविधियों के कारण चर्चा में रहता था, जिसके चलते अधिकारी भी यहाँ आने से कतराते थे। हालांकि, अब शांति स्थापित होने के बाद, विकास कार्यों को उल्लेखनीय गति मिली है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखें और कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने इस सड़क को क्षेत्र की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने, छात्रों के आवागमन और किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक ले जाने में अत्यधिक सुविधा होगी। सड़क निर्माण शुरू होने की खबर पर ग्रामीणों ने अपनी खुशी व्यक्त की और उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
झारखंड सरकार के वित्त मंत्री और पलामू सांसद ने संयुक्त रूप से डगरा से सरईडीह तक 10 किलोमीटर लंबी सड़क का शिलान्यास किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और ग्रामीणों को जर्जर सड़कों से राहत दिलाना है। जनमन योजना के तहत लगभग 9 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली यह सड़क हजारों ग्रामीणों के लिए बेहतर आवागमन सुविधा सुनिश्चित करेगी। शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्मरण कराया कि एक समय डगरा क्षेत्र नक्सली गतिविधियों के कारण चर्चा में रहता था, जिसके चलते अधिकारी भी यहाँ आने से कतराते थे। हालांकि, अब शांति स्थापित होने के बाद, विकास कार्यों को उल्लेखनीय गति मिली है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखें और कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने इस सड़क को क्षेत्र की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से मरीजों को अस्पताल तक पहुँचने, छात्रों के आवागमन और किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक ले जाने में अत्यधिक सुविधा होगी। सड़क निर्माण शुरू होने की खबर पर ग्रामीणों ने अपनी खुशी व्यक्त की और उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- Post by Yuva team jharkhand1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कषगम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी पहली चुनावी भागीदारी में ही 'बहुत बड़ा बहुमत' हासिल करते हुए कुल 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। पार्टी प्रमुख थलपति विजय ने स्वयं पेरंबूर और त्रिची ईस्ट विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल कर विधायक बने हैं। तमिलागा वेट्री कज़गम (TVK) के अन्य विधायकों में पूनमल्ली विधानसभा क्षेत्र से प्रकाशम.आर और तिरुवल्लूर निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. टी. अरुणकुमार शामिल हैं। वहीं, पटाभिराम के लिए कोई अलग से स्वतंत्र विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नहीं है, क्योंकि यह अवाडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके वर्तमान विधायक थिरु एस. एम. नासर हैं।4
- झारखंड में शराब की बिक्री ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिससे सरकार के राजस्व में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या शराब की बढ़ती खपत राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए चिंता का विषय नहीं है। एक तरफ जहाँ सरकार को इस बिक्री से करोड़ों की आय हो रही है, वहीं दूसरी ओर परिवारों पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। यह मुद्दा बहस का विषय बन गया है कि क्या शराब बिक्री का यह रिकॉर्ड विकास का संकेत है या समाज के लिए एक खतरे की घंटी, जिस पर बड़ी चर्चा और जनता की राय जानने की आवश्यकता है।1
- झारखंड के सरयू प्रखंड अंतर्गत पुरनी डबरी ग्राम में लगभग 20 घरों की 150 लोगों की आबादी केवल एक चापानल पर आश्रित है। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह 11:00 बजे बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में दो जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन ये दोनों जलमीनार निर्माण के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गए। इसके बाद से इन खराब पड़े जलमीनारों की सुध लेने कोई नहीं आया, जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर सरयू की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आशा साहू ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए 15वें वित्त की राशि से जलमीनारों को बनवाने का प्रयास किया जाएगा।1
- झारखंड के लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटाम मोड़ के समीप टांगीनाथ धाम से पूजा-अर्चना कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वाहन बीती रात्रि करीब 11 बजे अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में कुल 16 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार प्रखंड के तरवाड़ीह गांव के दर्जनों श्रद्धालु टांगीनाथ में पूजा-अर्चना करने के बाद पिकअप वाहन से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कोटाम मोड़ के पास वाहन अचानक असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया। घायलों में अनीता देवी, रौनक कुमार, सोनी देवी, सरिता देवी, बजरंग प्रसाद, रोहित कुमार, रम्भा देवी, नवजात शिवंश, सात वर्षीय आयन गुप्ता, बिनीता गुप्ता, यशोदा गुप्ता, संतोष प्रसाद, बिट्टू प्रसाद, प्रेमा देवी, राजू कुमार और अमदी देवी शामिल हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलते ही गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। थाना प्रभारी ने रेफरल अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था कर स्थानीय लोगों और सार्वजनिक वाहनों की सहायता से सभी घायलों को लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में डॉ. अभिषेक अंकुर और अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. अमूल्या गुलाब लकड़ा ने घायलों का उपचार किया। जांच के बाद बजरंग प्रसाद, रोहित कुमार और रीना देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए रेफर कर दिया गया।4
- बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।1
- गढ़वा में पानी टंकी और पाइपलाइन योजना को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस योजना पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में अब तक पानी की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। इन आरोपों के बीच, अब उसी कार्य के लिए दोबारा पाइपलाइन टेंडर जारी होने से परियोजना की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि आखिर पहले खर्च हुए करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब की जाएगी। लोग इसे विकास मानने के बजाय सरकारी धन की खुली बंदरबांट बता रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर गढ़वा में पानी टंकी योजना में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है, जहां कथित तौर पर पूरा पैसा डकार लिया गया है।1
- एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि उनके इलाके में बहुत जबरदस्त बारिश हुई है। इस अनुभव को साझा करते हुए, उन्होंने दूसरों से उनके क्षेत्र में बारिश की स्थिति के बारे में पूछा है।1