लखनऊ में 7 जुलाई 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भी जाँच के दायरे में लाया जाना चाहिए। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रस्ट के सभी सदस्य आरएसएस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि आरएसएस खुद को 'चरित्र निर्माण' करने वाला संगठन बताता है, जहाँ अनुशासन के नाम पर बिना सवाल किए आदेशों का पालन करने की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में यह संभव नहीं है कि आरएसएस से जुड़े लोग मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति के बिना चढ़ावे की चोरी कर सकें। इसलिए, इस 'लूट' की सच्चाई सामने लाने के लिए इन दोनों नेताओं की भी जाँच होनी ज़रूरी है। शाहनवाज़ आलम ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पहले से ही पता है कि देश उन्हें और मोहन भागवत को जाँच के दायरे में लाने की मांग करेगा, यही वजह है कि वे कांग्रेस के खिलाफ 'अनर्गल भाषा' का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा का भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। आलम ने आगे कहा कि जिस तरह रावण ने भगवा वस्त्र पहनकर सीता जी का हरण किया था, उसी तरह आरएसएस के लोग भगवा पहनकर चढ़ावे की चोरी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने संघ के लोगों के डीएनए को रावण से मिलने वाला बताया।
लखनऊ में 7 जुलाई 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भी जाँच के दायरे में लाया जाना चाहिए। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रस्ट के सभी सदस्य आरएसएस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि आरएसएस खुद को 'चरित्र निर्माण' करने वाला संगठन बताता है, जहाँ अनुशासन के नाम पर बिना सवाल किए आदेशों का पालन करने की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में यह संभव नहीं है कि आरएसएस से जुड़े लोग मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति के बिना चढ़ावे की चोरी कर सकें। इसलिए, इस 'लूट' की सच्चाई सामने लाने के लिए इन दोनों नेताओं की भी जाँच होनी ज़रूरी है। शाहनवाज़ आलम ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पहले से ही पता है कि देश उन्हें और मोहन भागवत को जाँच के दायरे में लाने की मांग करेगा, यही वजह है कि वे कांग्रेस के खिलाफ 'अनर्गल भाषा' का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा का भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। आलम ने आगे कहा कि जिस तरह रावण ने भगवा वस्त्र पहनकर सीता जी का हरण किया था, उसी तरह आरएसएस के लोग भगवा पहनकर चढ़ावे की चोरी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने संघ के लोगों के डीएनए को रावण से मिलने वाला बताया।
- गाजियाबाद में भ्रूण जांच से जुड़े एक मामले में चार लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई भ्रूण की जांच करने के आरोप में की गई है।1
- गाजियाबाद में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद बारिश ने दस्तक दे दी है, जिसके बाद अब मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है और वातावरण सुहाना हो गया है। कई दिनों से गाजियाबाद के निवासी भीषण गर्मी और बिजली कटौती से जूझ रहे थे। मानसून के आगमन से अब उन्हें थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह बारिश गरज-बरज के साथ हुई, जिससे मौसम में ठंडक और बढ़ गई है।2
- गाजियाबाद जनपद में आज मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई, जिससे नागरिकों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने भी आज गाजियाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई थी। इस सुहाने मौसम का बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों ने आनंद लिया। हालांकि, बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी सूचना मिली। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सावधानी बरतने और केवल आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है।3
- थाना निवाड़ी पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त, मोदीनगर (कार्यवाहक), श्री अजय कुमार ने एक वीडियो बाइट रिपोर्ट जारी की। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के पास से घटना में प्रयुक्त दरांती (हंसिया) और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है।3
- गाज़ियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र के काजीपुरा इलाके स्थित एक क्रिकेट स्टेडियम में हाईमास्क लाइट पर एक मंदबुद्धि युवक चढ़ गया, जिसके कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में लोगों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सकुशल नीचे उतार लिया।1