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मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में पिछले कुछ दिनों से जारी अंदरूनी घमासान और तल्खी के बीच एक बड़ा मोड़ आ गया है। केंद्रीय नेतृत्व की कड़ी सख्ती और कड़े रुख के आगे कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के तेवर आखिरकार ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की इस कड़ाई के बाद डॉ. मिश्रा ने अपने उग्र समर्थकों से साफ तौर पर किसी भी प्रकार का हंगामा या शक्ति प्रदर्शन न करने की भावुक अपील की है।
Vineet maheshwari
मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में पिछले कुछ दिनों से जारी अंदरूनी घमासान और तल्खी के बीच एक बड़ा मोड़ आ गया है। केंद्रीय नेतृत्व की कड़ी सख्ती और कड़े रुख के आगे कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के तेवर आखिरकार ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व की इस कड़ाई के बाद डॉ. मिश्रा ने अपने उग्र समर्थकों से साफ तौर पर किसी भी प्रकार का हंगामा या शक्ति प्रदर्शन न करने की भावुक अपील की है।
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- विदिशा तहसील के ग्राम गुरारिया सेमरा का रहने वाला एक अहिरवार परिवार मारपीट के आरोपियों पर ठोस कार्रवाई न होने से परेशान होकर जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंचा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सांची निवासी एक युवक और उसके साथी ने बीते 23 मई को उनके साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। पीड़ितों ने बताया कि करारिया पुलिस द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें गाली-गलौज कर धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द साझा किया और एसपी से मारपीट के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।4
- दतिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के फैसले के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। इस निर्णय का विरोध करते हुए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय के सामने जमा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के गुस्से का आलम यह रहा कि उन्होंने हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन का असर शहर के जनजीवन पर भी देखने को मिला, जिसके चलते दतिया के कई बाजार बंद रहे। टिकट बदलने के पार्टी के फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है और पूरे घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है।1
- रायसेन के कियोस्क घोटाले में अब धीरे-धीरे पीड़ित सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक अधिवक्ता ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए एसबीआई (SBI) ब्रांच प्रबंधक को जिम्मेदार माना है। इस मामले पर राकेश जैन ने अपनी रिपोर्ट दी है।1
- पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक नायक, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बरेली श्री कुंवर सिंह मुकाता और थाना प्रभारी बरेली निरीक्षक कपिल गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नकबजनी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फरियादी राजेंद्र वर्मा, निवासी दाममिल मोहल्ला बरेली, की रिपोर्ट पर की गई है। राजेंद्र वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 05.07.2026 की दरमियानी रात को अज्ञात चोरों ने उनके घर के गेट का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना पर पता चला कि इस घटना को जिला गुना के थाना धरनावदा की शातिर पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष टीम गठित कर गुना भेजी गई, जहां गुना पुलिस के सहयोग से विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। इस दौरान पुलिस ने पारदी गैंग के आरोपी मुरार (पिता कालू पारदी) और रॉकी (पिता भंवरलाल पारदी), दोनों निवासी खेजड़ा चक, थाना धरनावदा, जिला गुना, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी गैंग के सदस्य टोनी उर्फ डेविड (पिता मुरार पारदी, निवासी ग्राम खेजड़ा चक, गुना) और कीमतीलाल (पिता पन्नालाल पारदी, निवासी सेवड़ा, थाना सुभाषपुरा, जिला शिवपुरी) तथा गैंग के अन्य सदस्यों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और पुलिस अधीक्षक द्वारा इनके ऊपर नकद पुरस्कार की घोषणा की जाएगी। इस कार्रवाई से पिछले दिनों कस्बा बरेली और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई नकबजनी की वारदातों का खुलासा हुआ है।2