रामपुर के विकास भवन सभागार में ‘स्कूल चलो अभियान’ (द्वितीय चरण) का शुभारंभ किया गया, जहाँ जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, डिजिटल सेवाओं और दैनिक जरूरतों को सहजता से पूरा करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि शिक्षा ही बच्चों के सर्वांगीण विकास और व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों की समुचित व्यवस्था तथा स्वच्छ एवं आकर्षक वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों के सहयोग से प्रत्येक विद्यालय में मानदेय के आधार पर एक सफाई कर्मी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 'मिशन कायाकल्प' के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को ग्राम प्रधानों द्वारा समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो सके। उन्होंने शिक्षकों और ग्राम प्रधानों से घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराने और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र तैयार कराने तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमितता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री गुलाब चंद्र ने शिक्षा को प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार बताया और शिक्षकों, ग्राम प्रधानों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने 'मिशन कायाकल्प' में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों तथा नामांकन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही, मॉडल मॉन्टेसरी विद्यालय में कक्षा-1 में प्रवेश लेने वाले दो नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने 'स्कूल चलो अभियान' (द्वितीय चरण) के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी ने बताया कि अभियान का द्वितीय चरण 01 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों, दिव्यांग बच्चों और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, ग्राम प्रधानों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जनपद के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने तथा 'स्कूल चलो अभियान' को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सम्मानित शिक्षकों में अभिषेक पाठक, नसरीन बी., मेहनाज शकील, भूपेन्द्र देव, दिलीप कुमार एवं ब्रजपाल शामिल थे, जबकि सम्मानित ग्राम प्रधानों में प्रेमवती, मोहम्मद इस्लाम, लक्ष्मण गिरी, शबाना बी. एवं विजयपाल के नाम रहे। सम्मानित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में फहीमजहां, अलका रानी, कविता शंकर, रूबी एवं इंद्रा शामिल थीं।
रामपुर के विकास भवन सभागार में ‘स्कूल चलो अभियान’ (द्वितीय चरण) का शुभारंभ किया गया, जहाँ जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, डिजिटल सेवाओं और दैनिक जरूरतों को सहजता से पूरा करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि शिक्षा ही बच्चों के सर्वांगीण विकास और व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालयों की समुचित व्यवस्था तथा स्वच्छ एवं आकर्षक वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों के सहयोग से प्रत्येक विद्यालय में मानदेय के आधार पर एक सफाई कर्मी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 'मिशन कायाकल्प' के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को ग्राम प्रधानों द्वारा समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो सके। उन्होंने शिक्षकों और ग्राम प्रधानों से घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराने और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, जिन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र तैयार कराने तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमितता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री गुलाब चंद्र ने शिक्षा को प्रत्येक व्यक्ति
का अधिकार बताया और शिक्षकों, ग्राम प्रधानों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने 'मिशन कायाकल्प' में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों तथा नामांकन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही, मॉडल मॉन्टेसरी विद्यालय में कक्षा-1 में प्रवेश लेने वाले दो नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने 'स्कूल चलो अभियान' (द्वितीय चरण) के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी ने बताया कि अभियान का द्वितीय चरण 01 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों, दिव्यांग बच्चों और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, ग्राम प्रधानों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जनपद के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने तथा 'स्कूल चलो अभियान' को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सम्मानित शिक्षकों में अभिषेक पाठक, नसरीन बी., मेहनाज शकील, भूपेन्द्र देव, दिलीप कुमार एवं ब्रजपाल शामिल थे, जबकि सम्मानित ग्राम प्रधानों में प्रेमवती, मोहम्मद इस्लाम, लक्ष्मण गिरी, शबाना बी. एवं विजयपाल के नाम रहे। सम्मानित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में फहीमजहां, अलका रानी, कविता शंकर, रूबी एवं इंद्रा शामिल थीं।
- बहेड़ी थाना क्षेत्र की नारायण नगला चौकी के अंतर्गत आने वाले गुरसौली गांव में एक ही रात दो अलग-अलग घरों में दीवार तोड़कर लाखों रुपये की चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में गहरी दहशत फैल गई है। पीड़ितों ने इन घटनाओं को लेकर पुलिस को तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है। गांव निवासी रामपाल पुत्र कामिल प्रसाद ने बताया कि आधी रात को जब उनका परिवार घर में सो रहा था, तभी अज्ञात चोर मकान के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर घुस गए। चोरों ने सोने-चांदी के आभूषण, ₹40,000 नकद, कपड़ों से भरा एक बैग और उसमें रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। चोरी हुए सामान में लगभग 5 ग्राम का मंगलसूत्र, 9 ग्राम की सोने की चेन, 10 ग्राम के कान के कुंडल और करीब 250 ग्राम की चांदी की पाजेब शामिल हैं। रामपाल ने लगभग ₹4.50 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया है। वहीं, ग्रामीणों के अनुसार, इसी रात गांव के समद अहमद के घर की भी दीवार तोड़कर चोर लाखों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। एक ही रात में दो घरों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। घटना की सूचना मिलने पर नारायण नगला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेश चंद्र, पुलिसकर्मी कपिल कुमार और अन्य पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों मामलों में तहरीर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश जारी है। इस दौरान बुद्धसेन दिवाकर, ओमप्रकाश दिवाकर, सोमपाल, देवेश गंगवार, डॉ. ब्रह्म स्वरूप, सागर, झम्मन लाल, डॉ. वीरेंद्र दिवाकर, कृष्ण पाल दिवाकर, दीनू चरण दिवाकर, कासिम अहमद, रजा, सलीम, इरफान, पप्पू दिवाकर, वेद प्रकाश, अनिल, मोहन लाल वीरू और प्रताप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।1
- सहकारिता सप्ताह के अवसर पर बाजपुर में एक महिला एवं युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन इसी सहकारिता सप्ताह के दौरान हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक पर पूर्व सपा विधायक सुल्तान बेग ने हमला किया है। यह घटना बरेली की भोजीपुरा विधानसभा सीट से जुड़ी है। इस हमले के बाद, जिस सपा विधायक पर हमला हुआ था, उन्होंने पेट में दर्द होने की शिकायत की है।1
- बिलासपुर नगर पालिका ने गिरते भूजल स्तर को सुधारने और भविष्य के पेयजल संकट से निपटने के लिए एक सराहनीय पहल की है। पालिका ने नगर के 12 प्रमुख स्थानों पर वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) सिस्टम स्थापित किए हैं। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में, पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल ने आम नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों से भी अपने परिसरों में ऐसे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील की। पालिकाध्यक्ष मित्तल ने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और चेतावनी दी कि यदि अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति प्रतिवर्ष वर्षा के रूप में अमूल्य जल उपलब्ध कराती है, जिसे सहेजना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। "जल है तो कल है" का संदेश देते हुए, उन्होंने सभी से इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया। चित्रक मित्तल ने जानकारी दी कि पालिका द्वारा तहसील, कोतवाली, गुरुद्वारा और प्राथमिक विद्यालयों सहित कुल 12 स्थानों पर ये सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने, वर्षा जल का बेहतर उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने भविष्य में नगर के अधिक से अधिक स्थानों पर ऐसे सिस्टम स्थापित करने की योजना भी बताई। पालिका की इस पहल की क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने सराहना की है, इसे जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।1
- केमऊ में एक रेप पीड़िता के घर तीन नेता समझौता कराने पहुंचे, जिनमें बीजेपी के नेता भी शामिल थे। पीड़िता ने बताया कि इन नेताओं ने उसे पैसे देने का ऑफर दिया और अंकित से समझौता करने का दबाव बनाया। हालांकि, पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगी। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के सुरेंचा (देवीपुर सुरैचा) गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ, तीन बच्चों की एक माँ ने अपने प्रेमी के साथ रहने की ज़िद पर अड़कर एक मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी। इस घटना के कारण इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा की स्थिति बन गई। पुलिस की समझाइश और प्रयासों के बाद महिला को टावर से सुरक्षित नीचे उतारा गया।1
- गुरुवार रात करीब 9:00 बजे स्वार रामपुर मार्ग पर नरपत नगर में एक मस्जिद के ठीक सामने दो मोटरसाइकिलों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवारों के घायल होने की जानकारी मिली है। घटना के बाद, आसपास के लोगों द्वारा घायलों को उपचार उपलब्ध कराया गया।1