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भोजपुर-भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच प्रक्रिया अब तेज हो गई है। इस प्रकरण की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा हैं।
Abhishek Pandey
भोजपुर-भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच प्रक्रिया अब तेज हो गई है। इस प्रकरण की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा हैं।
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- एक महिला का अवैध हथियार के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- रीवा संभाग ब्यूरो के रिप्पू पाण्डेय ने एक महत्वपूर्ण वीडियो जानकारी साझा की है, जिसमें उन माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डाला गया है, जिन्हें उनके घरों से बेदखल कर दिया गया है या जिनकी ज़मीन उनसे ले ली गई है। यह जानकारी ऐसे मामलों से संबंधित है कि क्या माता-पिता के पास कोई कानूनी अधिकार मौजूद है, क्या वे अपना भरण-पोषण प्राप्त कर सकते हैं, और क्या कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में संपत्ति के हस्तांतरण को भी निरस्त कराया जा सकता है। वीडियो में कानून के उन महत्वपूर्ण प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई है, जिनके माध्यम से माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बुजुर्गों को उनकी समस्याओं में सहायता मिल सके, इस जानकारी को साझा करने पर जोर दिया गया है। यह बताया गया है कि सही समय पर सही जानकारी किसी के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इसलिए, यदि आपके आसपास कोई बुजुर्ग ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तो इस महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी को अवश्य साझा करें।1
- सिंगरौली/बैढ़न जिले में साइबर क्राइम से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक सियाज के एम ने नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की है।1
- मध्य प्रदेश राज्य से जनसंपर्क संबंधी खबर सामने आई है। यह खबर राज्य के विभिन्न जिलों, जिनमें सतना, रीवा, सीधी, अनूपपुर, कटनी और जबलपुर शामिल हैं, से संबंधित है।1
- रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र के जोगिनहाई गांव से एक संवेदनशील और तनावपूर्ण मामला सामने आया है, जहाँ सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में जोगिनहाई निवासी विष्णु साकेत नामक युवक द्वारा कथित तौर पर क्षत्रिय समाज के खिलाफ अत्यंत अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की गई है। आरोपी विष्णु साकेत एक पूर्व सरपंच का पुत्र है और उसकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत वार्ड क्रमांक 13 की सदस्य रह चुकी हैं, जो उसकी 'रसूखदार' पृष्ठभूमि को दर्शाती है। इस आपत्तिजनक ऑडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही पूरे क्षेत्र के स्वर्ण समाज और क्षत्रिय समाज के लोगों में भारी जन-आक्रोश फैल गया। समाज के सम्मान को ठेस पहुँचने के कारण लोगों में गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने तत्काल रायपुर कर्चुलियान थाने पहुँचकर आरोपी विष्णु साकेत के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के तीन दिन बाद भी जब पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो स्वर्ण समाज का धैर्य जवाब दे गया। इसके विरोध में आज रायपुर कर्चुलियान थाने का स्वर्ण समाज के सैकड़ों पदाधिकारियों और आम जनता ने शांतिपूर्ण तरीके से घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था को हाथ में न लेते हुए थाना प्रभारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपी विष्णु साकेत की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान थाना प्रभारी ने प्रदर्शन कर रहे समाज के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और आरोपी युवक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हालाँकि, स्वर्ण समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और आंदोलन के अगले चरण में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेंगे तथा वहाँ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन सौंपते समय स्वर्ण समाज के वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अभद्रता और असामाजिकता के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि किसी भी समाज, जाति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस को निष्पक्षता से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि समाज का आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहे। इस शांतिपूर्ण घेराव और ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के दर्जनों गांवों से सैकड़ों वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।2
- कश्मीर के कुलगाम में एक बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला 36 साल बाद अपने पुश्तैनी घर लौटीं, जिससे क्षेत्र में एक भावुक क्षण देखने को मिला। 1990 के दशक में कश्मीर घाटी में हुई हिंसा और अशांति के कारण उन्हें अपनी मातृभूमि छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था, और अब दशकों के विस्थापन का दर्द झेलने के बाद उनकी यह घर वापसी हुई है। घर लौटकर, महिला अपने आंगन के एक पुराने अखरोट के पेड़ को गले लगाकर फूट-फूट कर रोती नजर आईं। इस हृदयविदारक दृश्य का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो कश्मीरियत, उम्मीद और अपनी जड़ों से गहरे जुड़ाव का एक जीवंत प्रतीक बन गया है।1
- कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा मझगवां टाउन में बनाई जा रही सड़क और मझगवां-पहाड़ीखेरा सड़क में मझगवां में प्रवेश के लिए बनाया गया अस्थाई डायवर्शन मार्ग स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। कंपनी की लापरवाही और अधूरे पुलिया निर्माण के चलते इस डायवर्शन मार्ग के हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, क्षेत्र में हुई मामूली बारिश के बाद भी पूरा डायवर्शन मार्ग गहरे पानी से भर जाता है और कीचड़ के दलदल में बदल जाता है। इस स्थिति से वहां से गुजरने वाले स्कूली वाहनों, दोपहिया चालकों और स्थानीय राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें हर वक्त दुर्घटना का डर सताता रहता है।1