बाणासुर राजपूत ने 4-0 से जीतकर यूनिटी कप सीजन-3 की ट्रॉफी पर जमाया कब्जा -फाइनल में ढेक इलेवन को दी शिकस्त, विजेता टीम को 31 हजार और उपविजेता को मिले 21 हजार रुपये -- चंपावत।लोहाघाट बिशंग के टांण खेल मैदान में आयोजित यूनिटी कप सीजन-3 फुटबाल प्रतियोगिता का खिताब बाणासुर राजपूत ने जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में बाणासुर राजपूत की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ढेक इलेवन को 4-0 गोल से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के निजी प्रयासों से आयोजित मिनी ओलंपिक के तहत प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बाणासुर राजपूत और ढेक इलेवन के बीच खेला गया। मुकाबले में बाणासुर राजपूत की टीम शुरुआत से ही हावी रही। टीम के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे। वहीं, ढेक इलेवन की टीम पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सकी। प्रतियोगिता में अतुल कार्की ने रेफरी और यश करायत व अतुल फर्त्याल ने लाइनमैन की भूमिका निभाई। आयोजक पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल और हर्षित फर्त्याल ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2021 से मिनी ओलंपिक के तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विजेता बाणासुर राजपूत टीम को ट्रॉफी के साथ 31 हजार रुपये और उपविजेता ढेक इलेवन को ट्रॉफी के साथ 21 हजार रुपये की नकद धनराशि प्रदान की गई। इस मौके पर नरेश करायत, शांभवी मुरारी, नेहा मुरारी, सुषमा फर्त्याल, आयुष फर्त्याल, सोम करायत, कपिल मुरारी सहित मिनी ओलंपिक आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बाणासुर राजपूत ने 4-0 से जीतकर यूनिटी कप सीजन-3 की ट्रॉफी पर जमाया कब्जा -फाइनल में ढेक इलेवन को दी शिकस्त, विजेता टीम को 31 हजार और उपविजेता को मिले 21 हजार रुपये -- चंपावत।लोहाघाट बिशंग के टांण खेल मैदान में आयोजित यूनिटी कप सीजन-3 फुटबाल प्रतियोगिता का खिताब बाणासुर राजपूत ने जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में बाणासुर राजपूत की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ढेक इलेवन को 4-0 गोल से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के निजी प्रयासों से आयोजित मिनी ओलंपिक के तहत प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बाणासुर राजपूत और ढेक इलेवन के बीच खेला गया। मुकाबले में बाणासुर राजपूत की टीम शुरुआत से ही हावी रही। टीम के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे। वहीं, ढेक इलेवन की टीम पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सकी। प्रतियोगिता में अतुल कार्की ने रेफरी और यश करायत व अतुल फर्त्याल ने लाइनमैन की भूमिका निभाई। आयोजक पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल और हर्षित फर्त्याल ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2021 से मिनी ओलंपिक के तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विजेता बाणासुर राजपूत टीम को ट्रॉफी के साथ 31 हजार रुपये और उपविजेता ढेक इलेवन को ट्रॉफी के साथ 21 हजार रुपये की नकद धनराशि प्रदान की गई। इस मौके पर नरेश करायत, शांभवी मुरारी, नेहा मुरारी, सुषमा फर्त्याल, आयुष फर्त्याल, सोम करायत, कपिल मुरारी सहित मिनी ओलंपिक आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
- त्योहारों को लेकर बनबसा पुलिस सतर्क, बाजार में की सायंकालीन गश्त; व्यापारियों को दिए सुरक्षा निर्देश -ज्वेलरी और मोबाइल दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच, 24 घंटे कैमरे चालू रखने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा --- चंपावत। आगामी त्योहारों के मद्देनजर चंपावत पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गश्त और चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनबसा थाना पुलिस ने बाजार क्षेत्र में सायंकालीन गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। गश्त के दौरान पुलिस टीम ने बाजार की ज्वेलरी शॉप, मोबाइल शॉप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और उनकी कवरेज जांची। दुकानदारों को उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने, उन्हें 24 घंटे चालू रखने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने व्यापारियों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने को कहा। चंपावत पुलिस के अनुसार त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जिलेभर में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। #ChampawatPolice #Banbasa #PoliceChecking #FestivalSecurity #Champawat1
- उत्तराखंड में अब सरकार खुद चलाएगी 26 छोटे अस्पताल, खत्म हुआ PPP मॉडल! उत्तराखंड में अब सरकार खुद चलाएगी 26 छोटे अस्पताल, खत्म हुआ PPP मॉडल!1
- टनकपुर आईएसबीटी में 10 दिन बाद रोडवेज कर्मचारियों का धरना स्थगित, दीपक राजवार पहुंचे धरना स्थल! 700 नई बसों, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग; एक सप्ताह में प्रस्ताव शासन को भेजने की उठाई मांग टनकपुर। टनकपुर आईएसबीटी परिसर में उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले पिछले दस दिनों से चल रहा रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को स्थगित कर दिया गया। विधायक प्रतिनिधि दीपक राजवार और भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा एवं विशेष श्रेणी के कार्मिकों का नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन, परिवहन निगम के बेड़े में 700 नई बसों की व्यवस्था और प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान शामिल है। विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर शासन को भेजने की मांग भी उठाई गई। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मिले आश्वासन के बाद संगठन ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। दस दिन के आंदोलन के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें शासन और परिवहन निगम प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हैं। टनकपुर आईएसबीटी में 10 दिन बाद रोडवेज कर्मचारियों का धरना स्थगित, दीपक राजवार पहुंचे धरना स्थल! 700 नई बसों, नियमितीकरण और समान वेतन की मांग; एक सप्ताह में प्रस्ताव शासन को भेजने की उठाई मांग टनकपुर। टनकपुर आईएसबीटी परिसर में उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले पिछले दस दिनों से चल रहा रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को स्थगित कर दिया गया। विधायक प्रतिनिधि दीपक राजवार और भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा एवं विशेष श्रेणी के कार्मिकों का नियमितीकरण, नियमितीकरण होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन, परिवहन निगम के बेड़े में 700 नई बसों की व्यवस्था और प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान शामिल है। विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर शासन को भेजने की मांग भी उठाई गई। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मिले आश्वासन के बाद संगठन ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। दस दिन के आंदोलन के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें शासन और परिवहन निगम प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हैं।2
- **दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कार्मिकों को दी बड़ी सौगात, 30 दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी** **राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम ₹7,000 का मिलेगा तदर्थ बोनस** **समूह 'ग', 'घ' एवं पात्र समूह 'ख' के कर्मचारियों सहित दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी मिलेगा लाभ** मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कार्मिकों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है। सरकार का प्रयास है कि कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह 'ग' एवं 'घ' के कर्मचारियों तथा समूह 'ख' के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य किया गया है, जिनका ग्रेड वेतन ₹4,800 (पुनरीक्षित वेतनमान ₹47,600-1,51,100, लेवल-8) तक है तथा जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की गणना सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारी को अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस प्राप्त होगा। इस निर्णय में कैजुअल एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा। इनके लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी, जो अधिकतम लगभग ₹1,184 होगी। शासनादेश के अनुसार बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31 मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे तथा जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय एवं विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कार्मिक पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। इस अवसर पर कार्मिकों को तदर्थ बोनस की सौगात उनके और उनके परिवारों के लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ाने वाली होगी। राज्य सरकार भविष्य में भी कार्मिकों के हितों एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।1
- मुख्यमंत्री धामी का सीमांत क्षेत्रों के विकास पर बड़ा संदेश, नगला तराई में आधुनिक विद्यालय का किया लोकार्पण। खटीमा जिला ऊधम सिंह नगर1
- स्लग - मुख्यमंत्री धामी का सीमांत क्षेत्रों के विकास पर बड़ा संदेश, नगला तराई में आधुनिक विद्यालय का किया लोकार्पण। स्थान - खटीमा जिला ऊधम सिंह नगर रिपोर्ट - अशोक सरकार मो - 9758494633 एंकर/विजुअल -उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं, बल्कि पहला गांव बताया है। इसी सोच के साथ सरकार वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर के नेपाल सीमा से लगे गांवों के साथ-साथ पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक क्लासरूम और बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सीमांत क्षेत्र के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में मंच निर्माण और विद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया। इन दोनों विकास कार्यों पर कुल 65 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है।लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यालय परिसर में लगाए गए झूलों और खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों से जुड़े उपकरणों का निरीक्षण भी किया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित विद्यालय में अब बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल सुविधाएं मिल सकेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। नगला तराई में विद्यालय के आधुनिकीकरण और सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर दिए गए संदेश के जरिए मुख्यमंत्री ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विकसित उत्तराखंड की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बाइट -पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड1
- खटीमा में कुमाऊं स्काउट्स का 45वां स्थापना दिवस धूमधाम से संपन्न वीरांगनाओं और वरिष्ठ पूर्व सैनिकों का हुआ सम्मान1
- चंपावत के वॉलीबाल खिलाड़ियों के लिए मौका, 5 नवंबर से टनकपुर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता -अंडर-17 और अंडर-21 बालक वर्ग में होंगे मुकाबले, विजेता और उपविजेता टीमों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार ---- चंपावत। जिले के युवा वॉलीबाल खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का मौका मिलने जा रहा है। जिला खेल कार्यालय की ओर से पांच और छह नवंबर को टनकपुर स्थित दिवंगत कैलाश गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिला स्तरीय अंडर-17 और अंडर-21 बालक वॉलीबाल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला क्रीड़ाधिकारी बबीता बिष्ट ने बताया कि प्रतियोगिता में अंडर-17 वर्ग के लिए वर्ष 2009 और अंडर-21 वर्ग के लिए वर्ष 2005 के बाद जन्मे खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकेंगे। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को आयु प्रमाण पत्र, अंकतालिका और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक टीम में संबंधित आयु वर्ग के 10 खिलाड़ी और एक टीम मैनेजर शामिल होंगे। टीमों की प्रविष्टि की अंतिम तिथि पांच नवंबर निर्धारित की गई है। जिले से बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को विभागीय मानकों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। #Champawat #Tanakpur #Volleyball #UttarakhandSports #SportsCompetition1