चिता आंदोलन का सातवां दिन कमिश्नर के कथित बयान से भड़का आक्रोश, आंदोलनकारियों ने कहा—मुआवजा और पुनर्वास के बिना पीछे नहीं हटेंगे चिता आंदोलन का सातवां दिन कमिश्नर के कथित बयान से भड़का आक्रोश, आंदोलनकारियों ने कहा—मुआवजा और पुनर्वास के बिना पीछे नहीं हटेंगे पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रुँझ बांध और ललितपुर-सिंगरौली रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शुक्रवार रात सैकड़ों आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय प्रशासन की ओर से आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच सागर संभाग के कमिश्नर के कथित बयान को लेकर विस्थापितों में नाराजगी और बढ़ गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि कथित बयान ने पहले से चल रहे आक्रोश को और तेज कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्रभावित करना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, “बिजली-पानी काटकर आंदोलन खत्म नहीं किया जा सकता। यह समाधान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है।” मशाल जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने मुआवजे, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर नारे लगाए। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विस्थापितों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान किया जाए और प्रभावित परिवारों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से परियोजनाओं की कीमत चुका रहे परिवार अब अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। सात दिन बाद भी समाधान का इंतजार चिता आंदोलन के सातवें दिन भी प्रशासन और विस्थापितों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या पहल करता है और कथित विवादित बयान को लेकर उठे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।
चिता आंदोलन का सातवां दिन कमिश्नर के कथित बयान से भड़का आक्रोश, आंदोलनकारियों ने कहा—मुआवजा और पुनर्वास के बिना पीछे नहीं हटेंगे चिता आंदोलन का सातवां दिन कमिश्नर के कथित बयान से भड़का आक्रोश, आंदोलनकारियों ने कहा—मुआवजा और पुनर्वास के बिना पीछे नहीं हटेंगे पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रुँझ बांध और ललितपुर-सिंगरौली रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शुक्रवार रात सैकड़ों आंदोलनकारियों
ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय प्रशासन की ओर से आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच सागर संभाग के कमिश्नर के कथित बयान को लेकर विस्थापितों में नाराजगी और बढ़ गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि कथित बयान ने पहले से चल रहे आक्रोश को और तेज कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को
प्रभावित करना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा, “बिजली-पानी काटकर आंदोलन खत्म नहीं किया जा सकता। यह समाधान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है।” मशाल जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने मुआवजे, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को लेकर नारे लगाए। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विस्थापितों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान किया जाए
और प्रभावित परिवारों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से परियोजनाओं की कीमत चुका रहे परिवार अब अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। सात दिन बाद भी समाधान का इंतजार चिता आंदोलन के सातवें दिन भी प्रशासन और विस्थापितों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या पहल करता है और कथित विवादित बयान को लेकर उठे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।
- लुगासी चौकी si प्रमोद रोहित और पुलिस टीम के द्वारा साप्ताहिक शनिवार बाजार का भ्रमण किया जा रहा छतरपुर जिले के नौगांव थाना अंतर्गत लुगासी चौकी से एसआई प्रमोद रोहित और उनकी पूरी टीम अपने सराहनीय कार्यों की वजह से इन दिनों चर्चा और प्रशंसा का केंद्र बनी हुई है। नियमित गश्त और सुरक्षा: एसआई प्रमोद रोहित और उनकी टीम द्वारा हर शनिवार को लगने वाले लुगासी साप्ताहिक बाजार और क्षेत्र की हर गली में लगातार भ्रमण किया जाता है। जनसंवाद और सुरक्षा का भरोसा: बाजार में भ्रमण के दौरान पुलिस द्वारा दुकानदारों और आम जनता से बातचीत कर उनकी समस्याओं व सुविधाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है। 24/7 तत्परता: पुलिस बल द्वारा जनता को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर पुलिस चौबीसों घंटे ({24/7}) उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता विशेषकर व्यापारियों एवं खरीदारों के मन में सुरक्षा की भावना भी पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रयास है तो वही क्षेत्र की जनता में si प्रमोद रोहित और उनकी टीम की के कार्यों की खूब सराहना की भी जा रही। Sklnews24 PRO Jansampark Chattarpur SP Chhatarpur Kamakhyapratapsingh Tika Raja Santosh Ahirwar Asp Journalist Pramod Rohit संतोष अहिरवार पत्रकार Sklnews24 नौगांव छतरपुर1
- छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र से लापता बैंक कर्मचारी राजू पाल का केन नदी में मिला शव1
- विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल, छात्र नेता सत्येन्द्र शर्मा ने उठाई आवाज छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ आए दिन मारपीट और गाली-गलौज की घटनाओं को लेकर छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुंदेलखंड छात्र संगठन (BCS) के प्रमुख छात्र नेता सत्येन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार ज्ञापन देकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। सत्येन्द्र शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में CCTV कैमरों की कमी, बाहरी तत्वों का जमावड़ा और पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि पूरे परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं, प्रवेश द्वार पर आईडी जांच की जाए और सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बुंदेलखंड छात्र संगठन आंदोलन करेगा। छात्रों ने मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।1
- छतरपुर जिले के नौगांव -ईशानगर मार्ग पर (पुरवा) से सुकवां से अच्चट्ट् तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5किलो मीटर सड़क का निर्माण 204.99,लाख रु लागत से किया गया है बोर्ड पर ठेकेदार द्वारा 5वर्ष की गारंटी अवधि उल्लेख है लेकिन मौके पर सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और झाड़ियों से घिर गई है। वंदे भारत लाइव न्यूज़ 24 छतरपुर जिले के नौगांव -ईशानगर मार्ग पर (पुरवा) से सुकवां से अच्चट्ट् तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5किलो मीटर सड़क का निर्माण कार्य 204.99,लाख रु लागत से किया गया था बोर्ड पर ठेकेदार द्वारा 5वर्ष की गारंटी अवधि उल्लेख है लेकिन मौके पर सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और झाड़ियों से घिर गई है ठेकेदार द्वारा किया गया भ्रष्टाचार2
- सहज सरल हमेशा स्नेह देने वाले आदरणीय ओम प्रकाश शर्मा जी(पप्पू महराज) को #रेंजर पद पर पदोन्नति होने पर बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं 💐💐 #ProudMoment #DutyAndDedication #CelebrationTime सहज सरल हमेशा स्नेह देने वाले आदरणीय ओम प्रकाश शर्मा जी(पप्पू महराज) को #रेंजर पद पर पदोन्नति होने पर बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं 💐💐 #ProudMoment #DutyAndDedication #CelebrationTime1
- बाबा बागेश्वर पहुंचे चंद्रनगर शताब्दी समारोह में शामिल 100 वर्ष पूरे होने पर मनाया गया शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शामिल हुए1
- छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र में बैंक कर्मचारी राजेश उर्फ राजू पाल की मौत का मामला सामने आया है। राजू पाल के लापता होने के बाद परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान खाड़ खुरई के पास केन नदी में उनका शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने शव की पहचान कर ली है। शव मिलने के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम को लेकर छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। परिजनों की मांग है कि पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में, वीडियोग्राफी के साथ और जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम द्वारा कराया जाए। बताया जा रहा है कि राजू पाल के लापता होने के बाद नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनी थी। वहीं पुलिस ने राजू पाल की पत्नी के बयान दर्ज किए हैं और मामले में धाराएं बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में सत्यम शुक्ला को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र में बैंक कर्मचारी राजेश उर्फ राजू पाल की मौत का मामला सामने आया है। राजू पाल के लापता होने के बाद परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान खाड़ खुरई के पास केन नदी में उनका शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने शव की पहचान कर ली है। शव मिलने के बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम को लेकर छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। परिजनों की मांग है कि पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में, वीडियोग्राफी के साथ और जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम द्वारा कराया जाए। बताया जा रहा है कि राजू पाल के लापता होने के बाद नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनी थी। वहीं पुलिस ने राजू पाल की पत्नी के बयान दर्ज किए हैं और मामले में धाराएं बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में सत्यम शुक्ला को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1
- दो कारों की भिड़ंत, गड्ढे से बिगड़ा संतुलन, एक कार खेत में गिरी, सभी सुरक्षित नागौद-सतना हाईवे पर बरेठिया में दो कारों की भिड़ंत, गड्ढे से बिगड़ा संतुलन, एक कार खेत में गिरी, सभी सुरक्षित* नागौद-सतना नेशनल हाईवे पर बरेठिया पुल के पास शनिवार को दो कारों में जोरदार टक्कर हो गई। गड्ढे में पहिया पड़ने से सतना जा रही किया सेल्टोस बेकाबू होकर अज्जू गौतम की स्विफ्ट से टकरा गई और खाई में जा गिरी। अफरा-तफरी मची, पर सभी यात्री सुरक्षित हैं।1
- हरपालपुर स्टेशन पर बदमाशों के हमले में घायल नौगांव के राहुल सोनी की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम आर्थिक और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए समाजसेवी तृप्ति कठेल ने मानवता दिखाते हुए मदद के लिए आगे आकर नौगांव में राहुल का अंतिम संस्कार कराया । वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ।1