भक्ति भाव से सराबोर भक्ति पर्व समागम का दिव्य आयोजन भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है - निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज वाराणसी,12 जनवरी, 2026:- ‘‘भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है” यह प्रेरणादायक विचार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने हरियाणा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित ‘भक्ति पर्व समागम’ के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस पावन अवसर पर परम संत संतोख सिंह जी सहित अन्य संत महापुरुषों के तप, त्याग एवं उनके ब्रह्मज्ञान के प्रचार-प्रसार में दिए गए अमूल्य योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भक्ति, सेवा एवं समर्पण के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। भक्ति की महिमा पर प्रकाश डालते हुए सतगुरु माता जी ने कहा कि भक्ति कोई नाम या दिखावा नहीं, बल्कि अपने भीतर की सजग यात्रा है। सच्ची भक्ति तब है जब हम आत्म मंथन द्वारा दूसरों से पहले स्वयं को जाँचें, अपनी कमियों को सुधारें और हर पल जागरूक जीवन जिएँ। अज्ञान में हुई गलती सुधर सकती है, पर जानबूझकर चोट पहुँचाना, बहाने या चालाक शब्द भक्ति नहीं हैं, क्योंकि भक्त का स्वभाव मरहम का होता है। हर एक में निराकार देखकर सरल, निष्कपट व्यवहार करना और ब्रह्मज्ञान के बाद सेवा, सुमिरन व सत्संग से इस एहसास को बनाए रखना ही भक्ति है। अंततः भक्ति एक चुनाव है-नाम की नहीं, जीवन की। सतगुरु माता जी से पूर्व निरंकारी राजपिता जी ने भक्ति पर्व के अवसर पर यह समझाया कि भक्ति कोई पद, पहचान या अपनी बनाई परिभाषा नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान पाकर करता-भाव के समाप्त होने से उपजा जीवन जीने का ढंग है। संतों ने वचन इसलिए माने क्योंकि गुरु का वचन मानना उनके लिए स्वाभाविक था, जबकि हम कई बार न मानने को भी सही ठहरा लेते हैं। सत्य और भक्ति की परिभाषा एक ही है, यदि भक्ति को उपलब्धियों या अहंकार से जोड़ा जाए तो करता-भाव जीवित रहता है। भक्ति कोई सौदा नहीं, प्रेम का चुनाव है, जहाँ प्रयास रहते हैं पर दावा नहीं इसलिए अरदास यही है कि अपनी सारी परिभाषाएँ छोड़कर ऐसा जीवन जिएँ जहाँ वचन, सेवा, सुमिरन और संगत स्वभाव बन जाएँ क्योंकि भक्ति अपनी परिभाषा से हो, तो भक्ति नहीं। सतगुरु माता जी ने माता सविंदर जी एवं राजमाता जी के जीवन को भक्ति, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा का सजीव प्रतीक बताते हुए कहा कि इन मातृशक्तियों का संपूर्ण जीवन निरंकारी मिशन के लिए एक श्रेष्ठ उदाहरण है, जो प्रत्येक श्रद्धालु को सेवा एवं समर्पण की प्रेरणा प्रदान करता है। मलदहिया सत्संग भवन पर उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए श्री सुखदेव सिंह जी ने कहा कि निरंकारी मिशन का मूल सिद्धांत यही है कि भक्ति, परमात्मा के तत्व को जानकर ही अपने वास्तविक एवं सार्थक स्वरूप को प्राप्त करती है। निःसंदेह, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमूल्य प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान के माध्यम से भक्ति के वास्तविक अर्थ को समझने तथा उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्रदान करती है।
भक्ति भाव से सराबोर भक्ति पर्व समागम का दिव्य आयोजन भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है - निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज वाराणसी,12 जनवरी, 2026:- ‘‘भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है” यह प्रेरणादायक विचार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने हरियाणा स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित ‘भक्ति पर्व समागम’ के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस पावन अवसर पर परम संत संतोख सिंह जी सहित अन्य संत महापुरुषों के तप, त्याग एवं उनके ब्रह्मज्ञान के प्रचार-प्रसार में दिए गए अमूल्य योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भक्ति, सेवा एवं समर्पण के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। भक्ति की महिमा पर प्रकाश डालते हुए सतगुरु माता जी ने कहा कि भक्ति कोई नाम या दिखावा नहीं, बल्कि अपने भीतर की सजग यात्रा है। सच्ची भक्ति तब है जब हम आत्म मंथन द्वारा दूसरों से पहले स्वयं को जाँचें, अपनी कमियों को सुधारें और हर पल जागरूक जीवन जिएँ। अज्ञान में हुई गलती सुधर सकती है, पर जानबूझकर चोट पहुँचाना, बहाने या चालाक शब्द भक्ति नहीं हैं, क्योंकि भक्त का स्वभाव मरहम का होता है। हर एक में निराकार देखकर सरल, निष्कपट व्यवहार करना और ब्रह्मज्ञान के बाद सेवा, सुमिरन व सत्संग से इस एहसास को बनाए रखना ही भक्ति है। अंततः भक्ति एक चुनाव है-नाम की नहीं, जीवन की। सतगुरु माता जी से पूर्व निरंकारी राजपिता जी ने भक्ति पर्व के अवसर पर यह समझाया कि भक्ति कोई पद, पहचान या अपनी बनाई परिभाषा नहीं, बल्कि ब्रह्मज्ञान पाकर करता-भाव के समाप्त होने से उपजा जीवन जीने का ढंग है। संतों ने वचन इसलिए माने क्योंकि गुरु का वचन मानना उनके लिए स्वाभाविक था, जबकि हम कई बार न मानने को भी सही ठहरा लेते हैं। सत्य और भक्ति की परिभाषा एक ही है, यदि भक्ति को उपलब्धियों या अहंकार से जोड़ा जाए तो करता-भाव जीवित रहता है। भक्ति कोई सौदा नहीं, प्रेम का चुनाव है, जहाँ प्रयास रहते हैं पर दावा नहीं इसलिए अरदास यही है कि अपनी सारी परिभाषाएँ छोड़कर ऐसा जीवन जिएँ जहाँ वचन, सेवा, सुमिरन और संगत स्वभाव बन जाएँ क्योंकि भक्ति अपनी परिभाषा से हो, तो भक्ति नहीं। सतगुरु माता जी ने माता सविंदर जी एवं राजमाता जी के जीवन को भक्ति, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा का सजीव प्रतीक बताते हुए कहा कि इन मातृशक्तियों का संपूर्ण जीवन निरंकारी मिशन के लिए एक श्रेष्ठ उदाहरण है, जो प्रत्येक श्रद्धालु को सेवा एवं समर्पण की प्रेरणा प्रदान करता है। मलदहिया सत्संग भवन पर उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए श्री सुखदेव सिंह जी ने कहा कि निरंकारी मिशन का मूल सिद्धांत यही है कि भक्ति, परमात्मा के तत्व को जानकर ही अपने वास्तविक एवं सार्थक स्वरूप को प्राप्त करती है। निःसंदेह, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमूल्य प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान के माध्यम से भक्ति के वास्तविक अर्थ को समझने तथा उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्रदान करती है।
- *राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में महामृत्युंजय मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक, कांग्रेस नेताओं ने की दीर्घायु की कामना* वाराणसी।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर जिला/महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में दारानगर स्थित प्रसिद्ध महामृत्युंजय मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से प्रियंका गांधी जी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं देश की जनता के लिए उनके संघर्षमय नेतृत्व की कामना की गई। कार्यक्रम में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान पूर्वक रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राय, जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे की प्रमुख उपस्थिति रही। *प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा की* प्रियंका गांधी जी देश की राजनीति में संवेदनशीलता, साहस और जनसंघर्ष की प्रतीक हैं। वे निरंतर आम जनता, खासकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाती रही हैं। उनके जन्मदिन पर हम भगवान महामृत्युंजय से उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। *जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा की* “प्रियंका गांधी जी का जीवन सेवा, संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर मजबूती से खड़ी है। आज का यह रुद्राभिषेक उनके लंबे और सक्रिय राजनीतिक जीवन की कामना के लिए किया गया है। *महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा की* “प्रियंका गांधी जी ने जमीनी राजनीति को नई ऊर्जा दी है। वे हर वर्ग की पीड़ा को समझती हैं और सड़क से संसद तक संघर्ष करती हैं। वाराणसी कांग्रेस परिवार की ओर से हम उनके उज्ज्वल भविष्य और देश में सामाजिक न्याय की मजबूती के लिए प्रार्थना करते हैं। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रियंका गांधी जी के जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और संकल्प लिया कि वे उनके विचारों और संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करते रहेंगे। रुद्राभिषेक में :— प्रदेश अध्यक्ष अजय राय,राजेश्वर सिंह पटेल,राघवेन्द्र चौबे,प्रमोद पाण्डेय,दुर्गाप्रसाद गुप्ता,राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अनुराधा यादव,मनोज वर्मा,प्रमोद वर्मा,नरसिंह वर्मा,आकाश त्रिपाठी,विकास पाण्डेय,रामजी गुप्ता,किशन यादव समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।1
- motivation baatein Suno Shikh ho to yesi1
- उ प्र के सोनभद्र की जेहा खातून ने भारी विरोध के बाद अपने हिंदू बॉयफ़्रेंड प्रदीप से मंदिर में शादी कर ली डेढ़ साल से दोनों के बीच लव अफेयर था।1
- जयपुर रोड डीप राजकुमार विश्वकर्मा का प्रतीक गांव है उनके पिताजी का ही बनाया हुआ मंदिर है इस मंदिर में कचरा और गोबर रखा जा रहा है अवैध कब्जा किया जा रहा है गांव का ही है श्याम नारायण विश्वकर्मा उर्फ कार्बन है जो कोतवाली पुलिस के माध्यम से इस पर कब्जा कर रहा है कोतवाली पुलिस में सच्चिदानंद दरोगा और द्वारका प्रसाद द्वारका को पैसे लेकर कब्जा कर रहे हैं यह मामला केराकत तहसील तरियारी गांव का है4
- भदोही के अभयनपुर–भिखारीपुर मैदान में रविवार को पत्रकार एकादश और नगर पालिका परिषद सभासद एकादश के बीच एक रोमांचक मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया। दस ओवर के इस मुकाबले में सभासद एकादश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पत्रकार एकादश को 27 रनों से हराकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की। मैच में खिलाड़ियों ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य खेल भावना, आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे और विजेता व उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। 👉 ऐसी ही स्थानीय, खेल और सामाजिक खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें। #BhadohiNews #JournalistXI #SabhasadXI #FriendlyMatch #CricketMatch #BhadohiCricket #LocalNews #SportsNews #MaitriMatch #BhadohiUpdates1
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- Post by Suraj Nishad1
- फरीदाबाद से गुरुग्राम को जाने वाले रास्ते पर स्पोर्ट्स गाड़ी में लगी आग1