जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा सरकार को दल-बदल और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त के मुद्दे पर घेरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को विधानसभा और संसद में विश्वास के साथ भेजती है, लेकिन कुछ नेता पैसे के लालच में दल बदल लेते हैं। गहलोत ने स्पष्ट किया कि उनकी पहले की 'गधे-घोड़े, भैंस-बकरी की तरह बिकने' वाली टिप्पणी ऐसे ही नेताओं के लिए थी, न कि किसी जनप्रतिनिधि के अपमान के लिए। उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन नेताओं की ओर था जो करोड़ों रुपये लेकर दल बदलते हैं, और महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं जहाँ जनादेश का सम्मान नहीं हुआ। यह बयान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की उस प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गहलोत की टिप्पणी को जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया था और सचिन पायलट को 'नाकारा-निकम्मा' कहने का जिक्र भी किया था। इस पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि राठौड़ अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने दोहराया कि उनकी टिप्पणी केवल उन नेताओं के लिए थी जो जनता के विश्वास को तोड़कर धन के लिए दल बदलते हैं। गहलोत ने यमुना जल परियोजना को लेकर भी सरकार को चुनौती दी, यह कहते हुए कि केवल बैठकों और घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, जनता को परिणाम चाहिए। उन्होंने वादा किया कि जिस दिन यमुना का पानी राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र तक पहुँच जाएगा, वह स्वयं मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सम्मान करेंगे और उन्हें माला पहनाएंगे। उन्होंने इस वादे को दोहराते हुए कहा, "मैं आज भी अपने वादे पर कायम हूँ। पानी आएगा तो मैं मुख्यमंत्री को माला पहनाने जाऊँगा।" संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल के सवाल पर गहलोत ने इच्छा जताई कि भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने रहें। उन्होंने शर्मा को व्यवहार कुशल बताते हुए कहा कि वे सभी से सम्मानपूर्वक बात करते हैं और ऐसे व्यक्तित्व वाले लोगों से मुख्यमंत्री पद की गरिमा बढ़ती है। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएँ पार हो चुकी हैं और थानों तक में खुलेआम पैसे लेने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हर सरकार में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार होता है, लेकिन वर्तमान सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यहाँ तक कि गंभीर मामलों में भी लोगों को समझौता करने की सलाह दी जा रही है। गहलोत के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा सरकार को दल-बदल और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त के मुद्दे पर घेरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को विधानसभा और संसद में विश्वास के साथ भेजती है, लेकिन कुछ नेता पैसे के लालच में दल बदल लेते हैं। गहलोत ने स्पष्ट किया कि उनकी पहले की 'गधे-घोड़े, भैंस-बकरी की तरह बिकने' वाली टिप्पणी ऐसे ही नेताओं के लिए थी, न कि किसी जनप्रतिनिधि के अपमान के लिए। उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन नेताओं की ओर था जो करोड़ों रुपये लेकर दल बदलते हैं, और महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं जहाँ जनादेश का सम्मान नहीं हुआ। यह बयान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की उस प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गहलोत की टिप्पणी को जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया था और सचिन पायलट को 'नाकारा-निकम्मा' कहने का जिक्र भी किया था। इस पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि राठौड़ अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने दोहराया कि उनकी टिप्पणी केवल उन नेताओं के लिए थी जो जनता के विश्वास को तोड़कर धन के लिए दल बदलते हैं। गहलोत ने यमुना जल परियोजना को लेकर भी सरकार को चुनौती दी, यह कहते हुए कि केवल बैठकों और घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, जनता को परिणाम चाहिए। उन्होंने वादा किया कि जिस दिन यमुना का पानी राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र तक पहुँच जाएगा, वह स्वयं मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सम्मान करेंगे और उन्हें माला पहनाएंगे। उन्होंने इस वादे को दोहराते हुए कहा, "मैं आज भी अपने वादे पर कायम हूँ। पानी आएगा तो मैं मुख्यमंत्री को माला पहनाने जाऊँगा।" संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल के सवाल पर गहलोत ने इच्छा जताई कि भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने रहें। उन्होंने शर्मा को व्यवहार कुशल बताते हुए कहा कि वे सभी से सम्मानपूर्वक बात करते हैं और ऐसे व्यक्तित्व वाले लोगों से मुख्यमंत्री पद की गरिमा बढ़ती है। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान में बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार की सारी सीमाएँ पार हो चुकी हैं और थानों तक में खुलेआम पैसे लेने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हर सरकार में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार होता है, लेकिन वर्तमान सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यहाँ तक कि गंभीर मामलों में भी लोगों को समझौता करने की सलाह दी जा रही है। गहलोत के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
- धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित नायला मंडल में भगवान नारायण मंदिर पर 26 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नायला मंडल प्रभारी विजय त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में और सह प्रभारी मुकेश सक्सेना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजाखेड़ा मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसकी शुरुआत कार्यकर्ताओं द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मंडल प्रभारी विजय त्यागी ने आगामी 28 जून रविवार को होने वाले 'मन की बात' कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह एक विशेष कार्यक्रम है जहाँ प्रधानमंत्री जनता से सीधा संवाद करते हैं और छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच देकर प्रोत्साहित करते हैं। त्यागी ने कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अधिक से अधिक बूथों पर इस कार्यक्रम को सुना जाए और इसके बाद उस पर चर्चा की जाए, साथ ही कार्यक्रम को सरल ऐप पर अपलोड भी किया जाए। उन्होंने मौके पर ही उन कार्यकर्ताओं के मोबाइल में सरल ऐप डाउनलोड कराया जिनके पास यह नहीं था और इसके फायदे समझाए। मंडल सहसंयोजक मुकेश सक्सेना ने भाजपा के आगामी 'डिजिटल लर्निंग प्रशिक्षण प्रोग्राम' के बारे में कार्यकर्ताओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं के कौशल और संगठनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया एक अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत, कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से पार्टी की विचारधारा, इतिहास और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं। इसकी प्रमुख विशेषताओं में सरल ऐप का उपयोग शामिल है, और इसमें चार मुख्य मॉड्यूल हैं: भाजपा का इतिहास और यात्रा; पार्टी की पंचनिष्ठाएँ और विचारधारा; मोदी सरकार की विकास और जनकल्याणकारी योजनाएँ; तथा नमो ऐप का उपयोग और नेतृत्व। कार्यकर्ता स्मार्टफोन पर वीडियो देखकर और ऑनलाइन सवालों के जवाब देकर परीक्षा पास करते हैं, जिसके बाद उन्हें पार्टी द्वारा डिजिटल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस कार्यक्रम में तपेंद्र सिंह नायला मंडल महामंत्री, प्रमोद सिंह, मदन सिंह, राजन ठाकुर, रमाकांत, विजय सिंह, कल्याण सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, पिंटू, गौरीशंकर, भूपेंद्र और परषोतम सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मोहर्रम की दसवीं के अवसर पर धौलपुर जिले में ताजिए और आलम का विशाल जुलूस निकाला गया, जिसके बाद उन्हें कर्बला और चंबल नदी में सुपुर्दे खाक किया गया। इस पर्व के तहत, मोहर्रम की नौ तारीख को जिले भर में ताजिए एवं अलम रखे गए थे, और जायरीनों ने पूरी रात जियारत की थी। शुक्रवार को ताजिए एवं आलम का जुलूस सुबह से उठना शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा। जुलूस में चल रहे युवाओं और अखाड़ों के उस्तादों ने हैरत अंगेज कारनामे दिखाए। यह जुलूस सब्जी मंडी और बजरिया क्षेत्र से शुरू होकर तलैया, हाथीवान, मदीना कॉलोनी, कोटला, पटपरा, बड़ापीर, कच्ची कुई, पुरानी सराय समेत शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। इस दौरान बैंड और ढोल-ताशों की मातमी धुन बज रही थी और युवाओं ने तलवार एवं लाठी से कलाबाजियां दिखाते हुए नारे लगाए। जिन मार्गों से जुलूस निकला, वहां श्रद्धालुओं ने छबील लगाई और लंगर भी लुटाए। इस मौके पर ताजियों और अलम पर लोग दुआ मांगते दिखे, वहीं जिन लोगों की दुआ कुबूल हो गई थी, उन्होंने ताजिये एवं अलम पर कुछ न कुछ चढ़ाया। मातमी धुन के साथ ताजिए कर्बला पहुंचे, जहां उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। कुछ लोगों ने ताजियों को चंबल नदी में भी सुपुर्दे खाक किया। इस आयोजन को देखने के लिए शहर भर से विभिन्न समुदाय के लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए, जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। धौलपुर शहर के साथ-साथ बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा और सैपऊ सहित पूरे जिले में देर रात तक मातमी धुन के साथ ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शाम को पुराने शहर से भी ताजिए और अलम निकाले गए।4
- राजस्थान के रूपवास कस्बे में जाटव समाज ने आरएलपी नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने हनुमान बेनीवाल का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हनुमान बेनीवाल ने जाटव समाज की महिला सांसद संजना जाटव के लिए अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, जिससे पूरे समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज गौतम ने अपने बयान में कहा कि ऐसे घमंडी और अमर्यादित भाषा बोलने वाले हनुमान बेनीवाल, चाहे वे किसी भी समाज से आते हों, किसी भी समाज के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। गौतम ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे लोग अपने अहंकार में किसी भी माँ-बहन के प्रति अपनी हीन भावना प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी विशेष समाज से नहीं है, और भले ही बेनीवाल जाट समाज से आते हैं, लेकिन उन्होंने 'महाराज साहब' और 'सचिन पायलट जी' के खिलाफ भी गलत टिप्पणियां की हैं, जो यह दर्शाता है कि वे अपने समाज के भी नहीं हैं।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित नायला मंडल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इकाई ने भगवान नारायण मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में आगामी "मन की बात" कार्यक्रम और "डिजिटल लर्निंग प्रशिक्षण प्रोग्राम" पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता राजाखेड़ा मंडल अध्यक्ष सत्यम गुप्ता ने की, जबकि नायला मंडल प्रभारी विजय त्यागी मुख्य अतिथि और सह-प्रभारी मुकेश सक्सेना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंडल प्रभारी विजय त्यागी ने 28 जून रविवार को होने वाले प्रधानमंत्री के "मन की बात" कार्यक्रम की महत्ता समझाई, इसे जनता से सीधा संवाद और छिपी प्रतिभाओं को मंच देने वाला विशेष कार्यक्रम बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसे अधिक से अधिक बूथों पर सुनाने की जिम्मेदारी पर बल दिया और जिन कार्यकर्ताओं के मोबाइल में सरल ऐप डाउनलोड नहीं था, उनके लिए ऐप डाउनलोड कराया तथा उसके फायदे बताए। मंडल सहसंयोजक मुकेश सक्सेना ने आगामी "डिजिटल लर्निंग प्रशिक्षण प्रोग्राम" की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह भाजपा का एक अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे पार्टी कार्यकर्ताओं के कौशल और संगठनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से पार्टी की विचारधारा, इतिहास और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी मिलेंगे। इस दौरान तपेंद्र सिंह नायला मंडल महामंत्री, प्रमोद सिंह, मदन सिंह, राजन ठाकुर, रमाकांत, विजय सिंह, कल्याण सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, पिंटू, गौरीशंकर, भूपेंद्र सहित अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- धौलपुर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन और जन जागरूकता के उद्देश्य से शुक्रवार को एक पल्स पोलियो प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अतिरिक्त निदेशक हरि शंकर, सीएमएचओ डॉ. धर्मसिंह मीणा और जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से इस प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत 2 लाख 20 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।1
- बसेड़ी/धौलपुर क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रतिष्ठित जमींदार और सामाजिक, धार्मिक तथा राजनीतिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती वृंदावन सिंह 'सिहौली वालों' का शुक्रवार प्रातः करीब 4 बजे 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। स्वर्गीय ठाकुर हेम सिंह के पुत्र वृंदावन सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वृंदावन सिंह को उनके सादगीपूर्ण जीवन, कर्मठता, मेहनत और जनसेवा के लिए दूर-दूर तक जाना जाता था। उन्होंने जीवनभर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता की। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनके रहते कोई भी जरूरतमंद भूखा या असहाय नहीं रहता था। उनके राजनीतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 1979 में उन्होंने अपने छोटे भाई को ग्राम पंचायत अतरसूमा का सरपंच बनवाकर उल्लेखनीय जीत दिलाई। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत की पहली सरकार के दौरान अपने मित्र दाताराम केन को रूपवास से जनता पार्टी का टिकट दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन पर जगनेर मंडी समिति अध्यक्ष दामोदर प्रसाद अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे व्यापार जगत की अपूरणीय क्षति बताया, जिसके शोक स्वरूप जगनेर व्यापारियों ने मंडी समिति बंद रखी। ग्वाल बाबा कमेटी के अध्यक्ष रामकुमार मुखिया ने कहा कि ग्वाल बाबा को धार्मिक नगरी बनाने में वृंदावन सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल और ग्राम पंचायत अतरसूमा के सरपंच राकेश ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वृंदावन सिंह का संपूर्ण जीवन सेवा, सादगी और समाजहित के लिए समर्पित रहा। उनका निधन क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है, और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है।1
- धौलपुर, राजस्थान के बसेड़ी गांव स्थित नंकटे का पूरा में रास्ते की हालत बेहद खराब है, जिससे वहां के युवाओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दयनीय स्थिति पर टिप्पणी करने और ऐसे रास्तों के अपने अनुभव साझा करने की अपील की गई है।1
- थांवला के पास नेशनल हाईवे रोड पर गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे एक ट्रैक्टर और बाइक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुढ़ा निवासी सांवर मल प्रजापत (पुत्र विश्राम लाल) बाइक पर थांवला से अपने गाँव गुढ़ा जगमालोता जा रहे थे। नेशनल हाईवे स्थित शंकर जी की बाड़ी होटल के पास यह भीषण टक्कर हुई, जिससे सांवर मल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत घायल सांवर मल को निजी वाहन की सहायता से थांवला के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थांवला पुलिस मौके पर पहुंची, आवश्यक जानकारी जुटाई और फिर अस्पताल पहुंचकर परिजनों को हादसे की खबर दी। इस दुर्घटना की सूचना पर मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। थांवला पुलिस थाना के हेड कांस्टेबल विक्रम सिंह ने पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में शव को शवगृह में रखवाया। शुक्रवार सुबह डॉक्टर प्रकाश चौधरी ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।3