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फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के बरौहा गांव में दबंगों का कहर,दबंगों ने एक युवक की लात घूसे,डंडे से जमकर पिटाई की। वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।जिसमें कई दबंग युवक और महिलाएं एक युवक को पीटते नजर आ रहे हैं।
मो.शहीद रिपोर्टर
फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के बरौहा गांव में दबंगों का कहर,दबंगों ने एक युवक की लात घूसे,डंडे से जमकर पिटाई की। वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।जिसमें कई दबंग युवक और महिलाएं एक युवक को पीटते नजर आ रहे हैं।
- User8244Gonda, Uttar Pradesh🙏15 hrs ago
- Virendra singhBilsi, Budaun💣1 day ago
- मो.शहीद रिपोर्टरFatehpur, Uttar Pradesh💣3 days ago
More news from Prayagraj and nearby areas
- फतेहपुर में दबंगों ने दलित परिवार को बेरहमी से पीटा। दबंग गौशाला के पास आय दिन पीते है गांजा शराब। विरोध करने पर दबंगों ने बाप-बेटे को जमकर पीटा। गौशाला में गौवंशों की देख रेख करते है पीड़ित पिता-पुत्र। दबंगों ने शिकायत करने पर दी जान से मारने की धमकी थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप। थानेदार पर पीड़ित को ही दुत्कार कर भागने का आरोप। कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों के ऑफिस के चक्कर काट रहा पीड़ित। सुल्तानपुर घोष थाना के काशीदासपुर टिकरी का मामला।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे असनी घाट अचाकापुर गांव की महिला के अंतिम संस्कार पर ठंड से हो रही मौतें गर्म पानी का करें इस्तेमाल जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान।1
- Post by Uttam Singh1
- फतेहपुर जनपद के ललौली थाना क्षेत्र के बहुआ कस्बे के शास्त्री नगर मोहल्ले में रहने वाले दहेज लोभी ससुरालियों ने विवाहिता और उसकी नाबालिग बेटी को घर से निकाला। अपनी आठ वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दोबारा ससुराल रहने आई विवाहिता को ससुरालीजनों ने घर में घुसने नहीं दिया। मेन गेट पर ताले लटकाए। कड़ाके की ठंड में विवाहिता अपनी नाबालिग बेटी के साथ मकान के बरामदे में रहने को मजबूर। पुलिस के पहुंचने पर भी नहीं खोला गेट का ताला। पुलिस ने कार्यवाही का भरोसा दिया।1
- Post by Sandeep Kumar2
- सोशल मीडिया पर वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है और वीडियो में इंसाफ की गुहार लगा रहा भारतीय सेना का यह जवान डलमऊ का लेह लद्दाख में वतन की हिफाजत के लिए महफूज हैं लेकिन अपनी जमीन की हिफाजत के लिए वीडियो बनाकर न्याय मांगनी पड़ रही है ऐसा क्यों क्योंकि कई बार शिकायत करने के बाद पीड़ित फौजी की व्यथा सुनाने के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं मामला जनपद रायबरेली के डलमऊ तहसील क्षेत्र का है तो राजस्व विभाग की जिम्मेदारी अहम हो जाती है फौजी द्वारा उठाए जा रहे आरोपों में कितना दम है अधिकारियों को सार्वजनिक कर देना चाहिए क्योंकि भू माफिया एक बहुत बड़ी उपाधि है और हमें तो नहीं लगता कि डलमऊ जैसे क्षेत्र में कोई भू माफिया है अब जिनको भू माफिया क्या होता है यह नहीं पता उनकी नजरों में हजारों भू माफिया होंगे , फौजी भाई के साथ इंसाफ होना चाहिए और अगर इनके आरोप गलत है तो इनपे करवाई भी।1
- संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की हुई मौत।1
- पूरी रात ठंड में घर के बाहर बैठने को मजबूर हो गई। पीड़िता फतेहपुर। बहुआ ललौली थाना क्षेत्र के बहुआ कस्बे में शुक्रवार रात एक हृदयविदारक मामला सामने आया, जहां एक महिला अपनी 8 वर्षीय बेटी के साथ पूरी रात ठंड में घर के बाहर बैठने को मजबूर हो गई। पीड़िता मनीषा दुबे ने आरोप लगाया कि ससुरालियों ने जानबूझकर घर पर ताला लगाकर उसे और उसकी बच्ची को अंदर नहीं घुसने दिया, जबकि पुलिस के समझाने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला गया। पीड़िता के अनुसार, उसका विवाह वर्ष 2015 में वीरेंद्र नाथ द्विवेदी उर्फ फुल्लू के पुत्र ऋषिकांत द्विवेदी के साथ हुआ था। शादी के कुछ वर्षों बाद जब बेटी का जन्म हुआ, तो ससुराल पक्ष का रवैया बदलने लगा। मनीषा का आरोप है कि बेटी होने को लेकर उसे ताने दिए जाने लगे और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हालात बिगड़ने पर वह मायके चली गई, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे लेने की कोई पहल नहीं की। करीब पांच वर्ष बीत जाने के बाद वह शुक्रवार को थक-हारकर ससुराल पहुंची। पीड़िता का कहना है कि जब वह अपनी बेटी के साथ बहुआ स्थित ससुराल पहुंची तो घर पर ताला लटका मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि घर में कोई मौजूद नहीं है। पड़ोसियों ने इसकी सूचना ललौली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ससुरालियों से संपर्क कर ताला खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के समझाने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला गया। मजबूरन मनीषा को अपनी 8 वर्षीय बेटी के साथ ठिठुरती ठंड में पूरी रात घर के बाहर बितानी पड़ी। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़िता का पति ऋषिकांत द्विवेदी फिलहाल घर पर मौजूद नहीं है। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश और संवेदना का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक महिला और मासूम बच्ची के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है और प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। पीड़िता मनीषा दुबे ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक उसका पति वापस नहीं आ जाता, तब तक उसे अपने ससुराल के घर में रहने की अनुमति दिलाई जाए, ताकि वह और उसकी बेटी सुरक्षित रह सकें। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।1