खैरथल में 'श्री जाटव समाज संस्थान' के चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए राजेंद्र रसगोन से बातचीत खैरथल में रविवार को 'श्री जाटव समाज संस्थान' के चुनावों के घोषित परिणामों में संरक्षक रामचंद्र कामरेड और अध्यक्ष राजेंद्र रसगोन ने अपने पूरे पैनल के साथ धमाकेदार जीत दर्ज की। खैरथल में एक के बाद एक हुए दो चुनाव में अप्रत्याशित परिणाम रहे हैं। इससे पहले खैरथल मंडी व्यापार समिति में सर्वेश गुप्ता ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था ; और अब श्री जाटव समाज संस्थान में राजेंद्र रसगोन के संपूर्ण पैनल ने जीत दर्ज कर एक बार फिर आश्चर्यजनक परिणाम दिया है। खैरथल में अब चर्चा यह भी होने लगी है की इन दोनों चुनावों का दूरगामी परिणाम भी हो सकता है! उल्लेखनीय है की खैरथल में जिला मुख्यालय को लेकर गत कई महीनो से धरना एवं संघर्ष जारी है। क्या आपको भी लगता है कि इन दोनों चुनाव के परिणाम आने वाले नगर परिषद, पंचायत, विधानसभा एवं लोकसभा पर भी असर डालने का संकेत हो सकते हैं? बहरहाल लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। जनता भले ही स्पष्ट कुछ ना बोले मगर संकेत जरूर देती है!
खैरथल में 'श्री जाटव समाज संस्थान' के चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए राजेंद्र रसगोन से बातचीत खैरथल में रविवार को 'श्री जाटव समाज संस्थान' के चुनावों के घोषित परिणामों में संरक्षक रामचंद्र कामरेड और अध्यक्ष राजेंद्र रसगोन ने अपने पूरे पैनल के साथ धमाकेदार जीत दर्ज की। खैरथल में एक के बाद एक हुए दो चुनाव में अप्रत्याशित परिणाम रहे हैं। इससे पहले खैरथल मंडी व्यापार समिति में सर्वेश गुप्ता ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया था ; और अब श्री जाटव समाज संस्थान में राजेंद्र रसगोन के संपूर्ण पैनल ने जीत दर्ज कर एक बार फिर आश्चर्यजनक परिणाम दिया है। खैरथल में अब चर्चा यह भी होने लगी है की इन दोनों चुनावों का दूरगामी परिणाम भी हो सकता है! उल्लेखनीय है की खैरथल में जिला मुख्यालय को लेकर गत कई महीनो से धरना एवं संघर्ष जारी है। क्या आपको भी लगता है कि इन दोनों चुनाव के परिणाम आने वाले नगर परिषद, पंचायत, विधानसभा एवं लोकसभा पर भी असर डालने का संकेत हो सकते हैं? बहरहाल लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। जनता भले ही स्पष्ट कुछ ना बोले मगर संकेत जरूर देती है!
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
- हमारे देश के ग्रामीण अंचलों में खासकर राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश में वार-त्योहारों पर एवं क्षेत्रीय मेलों में कुश्ती का प्रचलन है। मेलों में कुश्ती ना केवल शारीरिक दमखम और खेल प्रेम को दर्शाता है बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों की आपसी एकता का भी प्रतीक है। दूर दराज गांव के लोग इस दौरान जूटते है। बहुत ही अद्भुत और शानदार है हमारी भारतीय संस्कृति।1
- किशनगढ़ बास अस्पताल की अनियमितताओ के विरोध में आसपास के ग्रामीणों ने चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया आम जनता के लिए सवेदनशीलता बरतने और जरूरी त्वरित कार्यवाही करने की माँग की।1
- Post by पत्रकार1
- Post by Voice of Labour1
- Post by Janta Seva841
- रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह भी पहुंचे ग्राम पंचायत. पाटा के गांव नगला चिरावड़ा देवी का थान1
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1