राजस्थान की मिट्टी और अपने पूर्वजों की जड़ों से लगाव कैसा होता है, इसका जीवंत उदाहरण नागौर जिले के कुरड़ायां गांव में देखने को मिला करीब सवा सौ साल बाद जब डॉ. धीरज जैन अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहुंचे,तो पूरा गांव पलक-पावड़े बिछाकर उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। राजनेताओं जैसा जनसैलाब, 150 गाड़ियों का काफिला मेड़ता सिटी(नागौर)आमतौर पर ऐसा जनसैलाब किसी बड़े राजनेता के आगमन पर दिखता है, लेकिन एक प्रवासी भारतीय परिवार के प्रति यह प्रेम ऐतिहासिक था। गांव की सीमा से ही 150 गाड़ियों के काफिले के साथ परिवार को लाया गया। गांव में प्रवेश करते ही जेसीबी मशीनों से फूलों की वर्षा की गई और परिवार को बग्घियों में बैठाकर भव्य रैली निकाली गई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 7 हजार लोगों का हुजूम उमड़ा। बालाजी महाराज मंदिर में दर्शन के दौरान क्रेनों से पुष्प वर्षा की गई। पुरे गांव के लिए महाप्रासादी का आयोजन किया गया। मंच पर भावुक हुआ परिवार: "मेहमान नहीं, अपने ही घर लौटे हैं" मंच पर डॉ. धीरज जैन और उनके पिता कांतिलाल जैन , माता, डॉ ममता जैन, जैनम जिविका सहित परिवार का 21 किलो की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों के इस अगाध प्रेम को देखकर परिवार भावुक हो गया। डॉ. धीरज जैन: "दुबई कर्मभूमि और महाराष्ट्र जन्मभूमि हो सकती है, लेकिन हमारी आत्मा में आज भी राजस्थान बसता है।"उन्होंने कहा की 60 साल पहले वडनेरकर में बाढ आई थी तब भी आस पास के गांव के लोगों की व्यवस्था मेरे दादाजी ने की थी। ऐसे हमने सुना की 1956 में छप्पनिया अकाल पड़ा था उस समय सेठ मालम दुग्गड ने बिकानेर रियासत अन्न की गाड़ी से गाड़ी जोड़ दी। धिरज ने कहा गांव वालो जो स्वागत किया वैसा कभी नहीं हुआ नाही होगा स्वर्णिम इतिहास में लिखा जायेगा ये मान सम्मान डॉ. ममता जैन ने भाषण देते हुए कहा की"गांव की सीमा पर पहुंचते ही आंखों में पानी आ गया। महसूस हो रहा है कि हम मेहमान नहीं, अपने ही घर लौट आए हैं।" ममता धिरज जैन ने कहा की हम 125 साल बाद आये ऐसा लग रहा है की कुरड़ायां गांव हमारा ही है अपने पुर्वजों को नमन करते हुए कहा कि आज गांव की बहू खड़ी होकर आज महसूस कर रही हूं अपनापन, संस्कार, आत्मीयता जो कुरड़ायां गांव ने हमें दी है। जिस तरह गाड़ी के लिए चार पहिए होते हैं जिंदगी चलने के लिए चार पहिए होते हैं।
राजस्थान की मिट्टी और अपने पूर्वजों की जड़ों से लगाव कैसा होता है, इसका जीवंत उदाहरण नागौर जिले के कुरड़ायां गांव में देखने को मिला करीब सवा सौ साल बाद जब डॉ. धीरज जैन अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहुंचे,तो पूरा गांव पलक-पावड़े बिछाकर उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। राजनेताओं जैसा जनसैलाब, 150 गाड़ियों का काफिला मेड़ता सिटी(नागौर)आमतौर पर ऐसा जनसैलाब किसी बड़े राजनेता के आगमन पर दिखता है, लेकिन एक प्रवासी भारतीय परिवार के प्रति यह प्रेम ऐतिहासिक था। गांव की सीमा से ही 150 गाड़ियों के काफिले के साथ परिवार को लाया गया। गांव में प्रवेश करते ही
जेसीबी मशीनों से फूलों की वर्षा की गई और परिवार को बग्घियों में बैठाकर भव्य रैली निकाली गई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 7 हजार लोगों का हुजूम उमड़ा। बालाजी महाराज मंदिर में दर्शन के दौरान क्रेनों से पुष्प वर्षा की गई। पुरे गांव के लिए महाप्रासादी का आयोजन किया गया। मंच पर भावुक हुआ परिवार: "मेहमान नहीं, अपने ही घर लौटे हैं" मंच पर डॉ. धीरज जैन और उनके पिता कांतिलाल जैन , माता, डॉ ममता जैन, जैनम जिविका सहित परिवार का 21 किलो की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों के इस अगाध प्रेम को देखकर परिवार भावुक
हो गया। डॉ. धीरज जैन: "दुबई कर्मभूमि और महाराष्ट्र जन्मभूमि हो सकती है, लेकिन हमारी आत्मा में आज भी राजस्थान बसता है।"उन्होंने कहा की 60 साल पहले वडनेरकर में बाढ आई थी तब भी आस पास के गांव के लोगों की व्यवस्था मेरे दादाजी ने की थी। ऐसे हमने सुना की 1956 में छप्पनिया अकाल पड़ा था उस समय सेठ मालम दुग्गड ने बिकानेर रियासत अन्न की गाड़ी से गाड़ी जोड़ दी। धिरज ने कहा गांव वालो जो स्वागत किया वैसा कभी नहीं हुआ नाही होगा स्वर्णिम इतिहास में लिखा जायेगा ये मान सम्मान डॉ. ममता जैन ने भाषण
देते हुए कहा की"गांव की सीमा पर पहुंचते ही आंखों में पानी आ गया। महसूस हो रहा है कि हम मेहमान नहीं, अपने ही घर लौट आए हैं।" ममता धिरज जैन ने कहा की हम 125 साल बाद आये ऐसा लग रहा है की कुरड़ायां गांव हमारा ही है अपने पुर्वजों को नमन करते हुए कहा कि आज गांव की बहू खड़ी होकर आज महसूस कर रही हूं अपनापन, संस्कार, आत्मीयता जो कुरड़ायां गांव ने हमें दी है। जिस तरह गाड़ी के लिए चार पहिए होते हैं जिंदगी चलने के लिए चार पहिए होते हैं।
- अजमेर के एक नाबालिक लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है जिसमें एक डॉक्टर और ई मित्र संचालक ने 16 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ की जब डॉक्टर से छेड़छाड़ की तब युवती ने ईमित्र संचालक में अपनी व्यथा बताइए तो ईमित्र संचालक ने भी उसके साथ रेप किया।1
- डोडियाना-बीटन सड़क प्रोजेक्ट अटका: 60 करोड़ की सड़क मे गड्ढे और कीचड़; 90 लाख की पेनल्टी भी बेअसर, लोगों में रोष नागौर, पाली और जोधपुर जिलों को जोड़न े वाला डोडियाना से बीटन तक का 60 करोड़ रुपये का सड़क निर्माण प्रोजेक्ट एक साल से अधिक समय से लंबित है। यह सड़क इन जिलों के कई शहरों, कस्बों और गांवों के लिए अहम मानी जाती है। हालांकि, वर्तमान मे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और अधूरा काम इसकी बदहाली बयां कर रहा है। परियोजना को पूरा करने की निर्धारित समय सीमा से एक साल से अधिक की देरी हो चुकी है। PWD के XEN चेतन साह ने स्वीकार किया है कि ठेकेदार पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके बावजूद, सड़क निर्माण का कार्य अभी भी ठप पड़ा है, जिसस स्थानीय लोगों में रोष है। कई स्थानो पर 7 मीटर से कम चौड़ाई डोडियाना से बीटन तक के इस प्रोजेक्ट मे सड़क की निर्धारित चौड़ाई 7 मीटर है। हालांकि, कई स्थानो पर इस 7 मीटर से कम कर संकरा कर दिया गया है। सथाना, रियांबड़ी, झींटियां, बड़ायली और भंवाल जैस गांवों मे सड़क निर्माण अभी भी अधूरा है। इन स्थानो पर नालों का निर्माण भी नहीं किया गया है, जिसस इन सभी गांवों में दिनभर गंदा पानी और कीचड सड़क पर बहता रहता है। इसस वाहन सवार फिसलकर और गिरकर घायल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि इस निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो आगामी बरसात के मौसम में अब तक बना हिस्सा भी सड़क पर बहन वाले पानी से क्षतिग्रस्त हो सकता है। निर्माण अभी भी अधूरा है। "सड़क चौड़ीकरण को लेकर नगर पालिका जिम्मेदार " वहीं, XEN चेतन साह ने बताया कि हा ये सही ह कि इस प्रोजेक्ट में देरी हुई हैं। कोशिश हैं कि जल्दी ही इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। सड़क की चौड़ाई को लेकर रियां बड़ी नगरपालिका जिम्मेदार हैं, उन्होंन जितनी जगह उपलब्ध करवाई, हम वहीं निर्माण कर सकते हैं। नाले भी जल्द ही बनाएंगे। वहीं इस पुरे मामले मे नगरपालिका ईओ धर्मेंद्र ने बताया कि इस प्रोजेक्ट मे सड़क निर्माण कार्य धीमा हो रहा हैं। नगरपालिका ने तो सहयोग कर अब तक कई अतिक्रमण हटाए ह और जैसे-जैस ये सड़क का काम करेंग तो आग भी अतिक्रमण हटा कर पूरी जगह उपलब्ध करवा दी जायेगी। ठेकेदार काम स्टार्ट कर नही रहा हऔर तोड़फोड़ करवाना चाहता हैं। पहले ऐसा करने पर कई महीनो तक शहरवासियों को परेशानियो का सामना करना पड़ा था।2
- पाकिस्तान में ईरान के साथ बाततीत फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को तेहरान के खिलाफ धमकी देना शुरू कर दिया है। इस बीच उन्होंने चीन पर निशाना साधा है... ट्रंप ने कहा कि, 'जिनमें कहा गया था कि चीन ईरान को हथियार सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है...मुझे शक है कि वे ऐसा करेंगे, लेकिन अगर हम उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ लेते हैं तो उन पर 50% टैरिफ लगेगा, जो कि बहुत बड़ी रकम है...।'1
- Post by SSSO News1
- Post by Taj Khan bhutto1
- कल पकड़े गए अफीम तस्कर को आज न्यायालय में पेश किया गया और न्यायालय द्वारा आरोपी युवक किशन धतरवाल को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।1
- जयपुर में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवती के छेड़छाड़ के मामले में जयपुर पुलिस ने टार्बेट कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।1
- नितिन सिंह बने रिया सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष | सर्वसम्मति से हुआ चयन रिया बड़ी में आज मुरली जी के बडला स्थित रिया सिटी प्रेस क्लब की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें चुनाव को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति/बहुमत से नितिन सिंह को रिया सिटी प्रेस क्लब का अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर सभी सदस्यों एवं पत्रकार साथियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी। नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन सिंह ने कहा कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन की एकता को मजबूत करने और निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि रिया क्षेत्र के पत्रकारों को एक मजबूत मंच प्रदान किया जाएगा और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र राठी, पवन कुमार सागर, रूपेश कुमार, मुरली पारीक,नंदकिशोर कुमावत, महेंद्र नाथ योगी,सुनील दगदी, मदनलाल, प्रेम सिंह शेखावत, एडवोकेट सत्यनारायण कुमावत, लुकमान खान, वसीम कुरेशी सहित कई वरिष्ठ पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। 🔖 Hashtags #RiyaBadi #PressClub #NitinSingh #Journalism #NewsUpdate #RajasthanNews #PressClubElection3
- बिहार से फिर एक मार पिटाई का वीडियो वायरल,, ,,,,,,,,,1