Shuru
Apke Nagar Ki App…
चीनी की मिठास कम होने के बाद प्याज के दाम आसमान चढ़े 25 से 30 रुपए बिकने वाला प्याज 60 से 65 रुपए प्रति किलो पहुंचे! सरकार का महंगाई पर नियंत्रण नहीं महंगाई आसमान छू रही है और सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है!
Rajkumar mehra press reporter
चीनी की मिठास कम होने के बाद प्याज के दाम आसमान चढ़े 25 से 30 रुपए बिकने वाला प्याज 60 से 65 रुपए प्रति किलो पहुंचे! सरकार का महंगाई पर नियंत्रण नहीं महंगाई आसमान छू रही है और सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है!
- Panchamsinghkaurav@gmail.दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश🤝11 hrs ago
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- देहरादून के डालनवाला में पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार The Aman Times डालनवाला में पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में आपसी कहासुनी के बाद पति ने धारदार पाठल से पत्नी की हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी रामजी पाल (38) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किया गया। मौके से फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।1
- हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर1
- #हरिद्वार के ग्राम भोगपुर से हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए जायरीनों का जत्था कलियर शरीफ दरगाह के लिए चादर लेकर रवाना हुआ।1
- मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश1
- सहारनपुर के अंबाला रोड पर ईदगाह के पास जलभराव में गिरी बाइक, राहगीरों ने खींचकर निकाला; निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल सहारनपुर अंबाला रोड स्थित ईदगाह के पास बारिश के बाद हुए जलभराव ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मंगलवार शाम पानी से लबालब सड़क पर एक बाइक अचानक गड्ढे में जा गिरी। बाइक सवार को आसपास मौजूद राहगीरों ने बामुश्किल बाहर निकाला। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में सड़क पर भारी जलभराव के बीच बाइक गड्ढे में फंसी नजर आ रही है। आसपास के लोग बाइक को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।यह वीडियो गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सामने आया, जिसके बाद लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अंबाला रोड पर ईदगाह के पास अक्सर जलभराव की स्थिति बनती है। इसी स्थान पर मंगल बाजार भी लगता है, जिससे बारिश के समय राहगीरों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ जाती है।लोगों ने नालों की प्रभावी सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है।1
- लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है। लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।1
- चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर The Aman Times चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर घाट/नंदा नगर/चमोली चमोली जिले के नंदानगर घाट बाजार के ऊपर अचानक भूस्खलन होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर तेजी से गिरकर सड़क पर आ गए। घटना के दौरान सड़क पर कई वाहन खड़े थे। पत्थरों को गिरता देख वाहन चालक और आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने मौके से दूरी बना ली और बड़ा हादसा टल गया। भूस्खलन के बाद सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।1
- नेपाल में कुदरत का कहर: 95 की मौत, 750 से ज्यादा लापता; 133 भारतीय भी शामिल नेपाल के रसुवा क्षेत्र में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। 26 अगस्त तक नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों व लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।1