रायबरेली जिले की डीह रजबहा नहर में शनिवार, 27 जून की सुबह आखिरकार पानी पहुँचने से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे थे। पानी के अभाव में उनकी धान की नर्सरी सूखने लगी थी, जिससे उन्हें अपनी फसलों को बचाने के लिए महंगे किराए के संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था और उनकी लागत लगातार बढ़ रही थी। नहर में पानी आते ही किसानों की चिंताएं दूर हो गईं, क्योंकि धान की नर्सरी अब पूरी तरह तैयार है और जल्द ही रोपाई का कार्य शुरू होना है। स्थानीय किसान नन्हा, नरपत, सूरज और अर्जुन सहित अन्य ग्रामीणों ने इस पानी के आगमन को बिल्कुल सही समय पर आया बताया है, जिससे उन्हें खेती में काफी मदद मिलेगी। इस पानी से किसानों को डीजल और पंपिंग सेट के भारी खर्च से मुक्ति मिल गई है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के आसानी से धान की रोपाई कर सकेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
रायबरेली जिले की डीह रजबहा नहर में शनिवार, 27 जून की सुबह आखिरकार पानी पहुँचने से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे थे। पानी के अभाव में उनकी धान की नर्सरी सूखने लगी थी, जिससे उन्हें अपनी फसलों को बचाने के लिए महंगे किराए के संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था और उनकी लागत लगातार बढ़ रही थी। नहर में पानी आते ही किसानों की चिंताएं दूर हो गईं, क्योंकि धान की नर्सरी अब पूरी तरह तैयार है और जल्द ही रोपाई का कार्य शुरू होना है। स्थानीय किसान नन्हा, नरपत, सूरज और अर्जुन सहित अन्य ग्रामीणों ने इस पानी के आगमन को बिल्कुल सही समय पर आया बताया है, जिससे उन्हें खेती में काफी मदद मिलेगी। इस पानी से किसानों को डीजल और पंपिंग सेट के भारी खर्च से मुक्ति मिल गई है, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के आसानी से धान की रोपाई कर सकेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- रायबरेली जनपद में आगामी मोहर्रम जुलूस को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने 26 जून 2026 को विभिन्न जुलूस मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने जुलूस के निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जुलूस मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवरोध अथवा दुर्घटना की आशंका उत्पन्न करने वाली स्थिति नहीं होनी चाहिए, और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जुलूस में कोई असुविधा न हो। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को जुलूस मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारु यातायात के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करने और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजियादारों और स्थानीय नागरिकों से भी संवाद स्थापित किया, उन्हें प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी, और सभी से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अपने दायित्वों का समयबद्ध और गंभीरता से निर्वहन करने के स्पष्ट निर्देश दिए, किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पर रोक लगाई। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम जुलूस को पूर्ण सुरक्षा, शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है। इस निरीक्षण में सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- रायबरेली जिले के करीमगंज मोहल्ले में शुक्रवार को दसवीं मोहर्रम के अवसर पर एक विशाल मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें अकीदतमंदों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। यह मजलिस कर्बला के शहीद इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर प्रख्यात मजहबी रहनुमा अदनान मियां ने कर्बला के ऐतिहासिक वाकये पर बयान दिया। उन्होंने इमाम हुसैन की शहादत और उनके सब्र के संदेश को रेखांकित किया। बयान के बाद, अदनान मियां ने मजलिस में मौजूद जनसमूह के साथ मिलकर विशेष दुआ की। सभी उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रार्थना की। करीमगंज में इमाम हुसैन की याद में इस मजलिस के आयोजन की यह परंपरा पिछले करीब 50 वर्षों से लगातार चली आ रही है।1
- रायबरेली जनपद के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के सावाँपुर नेवादा गाँव में खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए कथित करंट प्रवाहित झटका तार की चपेट में आने से 46 वर्षीय लाली, पत्नी स्वर्गीय लालजी, की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह बकरी चराने गई लाली खेत के चारों ओर लगे इसी तार की चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी जान चली गई। मृतका की बेटी ने गंभीर आरोप लगाया है कि खेत में लगाई गई झटका मशीन के तार सीधे विद्युत लाइन से जोड़े गए थे, जिसके कारण तारों में लगातार करंट दौड़ रहा था। इस घटना की सूचना मिलने पर ऊंचाहार पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले मृतका के पति की भी करंट लगने से ही मौत हो गई थी। अब तीन बेटियों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ चुका है। क्षेत्र में झटका मशीन से होने वाली ऐसी घटनाओं को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित जाँच अभियान चलाने की पुरजोर मांग की है।1
- रायबरेली जिले के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पूरे धुरई मजरे केलौली की एक वृद्ध विधवा महिला अपनी पुश्तैनी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंची हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों ने बहला-फुसलाकर और पैसे का लालच देकर उनसे जमीन लिखवा ली और फिर उस पर जबरन कब्जा कर लिया। डीएम कार्यालय में महिला ने मीडिया के सामने रो-रोकर अपना दर्द बयां किया और बताया कि विपक्षी उनकी जमीन पर काबिज हो गए हैं। उन्होंने रायबरेली डीएम को एक लिखित तहरीर सौंपी है, जिसमें स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी, फरेब और जबरन कब्जे का आरोप लगाया गया है। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि वह अकेली और असहाय होने के कारण इस जबरन कब्जे का विरोध नहीं कर पाईं और अब न्याय की गुहार लेकर प्रशासन के पास पहुंची हैं।2
- रायबरेली के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में बिजली की चपेट में आने से दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की दुखद मौत हो गई। पहली घटना अली नगर असकरन पुर गांव में हुई, जहाँ ज्ञान चंद की 37 वर्षीय पत्नी कल्पना घर की साफ-सफाई के दौरान फर्राटा पंखे से उतरे विद्युत करेंट की चपेट में आ गईं। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद, परिजन बिना पुलिस को सूचित किए ही शव को घर ले गए। दूसरी घटना नेवादा गांव में सामने आई। यहां लाल जी की 46 वर्षीय पत्नी सुबह खेत की तरफ गई थीं, तभी पड़ोसी के खेत में लगी झटका मशीन के करेंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। परिजनों द्वारा अस्पताल पहुँचाने के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया। इस सूचना पर सीएचसी पहुँची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहाँ कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर एक LPG टैंकर बेकाबू होकर टोल से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक जोरदार धमाके के साथ टैंकर आग के गोले में बदल गया, जिसमें चालक जिंदा जलकर खाक हो गया और उसका शव केवल हड्डियों के अवशेषों के रूप में बरामद किया जा सका। इस भयानक आग की लपटों ने टोल प्लाजा परिसर में खड़ी 16 मोटरसाइकिलों और 2 कारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे सभी जलकर राख हो गईं। हादसे में टोल प्लाजा के पाँच कर्मचारी भी झुलस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1