बस्ती के मिश्रौलिया स्थित युवा चेतना पुस्तकालय में रविवार, 22 जून को सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन बोधि पथ कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यशाला “सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित की गई थी, जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ और संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से हुआ। समापन अवसर पर, प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जहाँ उन्होंने कार्यशाला के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को भी साझा किया। मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ. नवीन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध का दर्शन मानव और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि करुणा, अहिंसा और सह-अस्तित्व के सिद्धांत वर्तमान पर्यावरणीय संकटों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि और वक्ता संजय कुमार गौतम ने कहा कि सतत विकास की अवधारणा तभी सार्थक हो सकती है, जब प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनका संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्ध के विचार आज भी सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम की विशेषज्ञ माधुरी ने बौद्ध दर्शन और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक शांति, सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में बौद्ध शिक्षाएँ अत्यंत उपयोगी हैं। कार्यशाला के संयोजक बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में नैतिक मूल्यों, पर्यावरणीय चेतना और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। इस सात दिवसीय कार्यशाला में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्हें समापन सत्र में प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
बस्ती के मिश्रौलिया स्थित युवा चेतना पुस्तकालय में रविवार, 22 जून को सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन बोधि पथ कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यशाला “सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित की गई थी, जिसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ और संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से हुआ। समापन अवसर पर, प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जहाँ उन्होंने कार्यशाला के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को भी साझा किया। मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ. नवीन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध का दर्शन मानव और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की
प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि करुणा, अहिंसा और सह-अस्तित्व के सिद्धांत वर्तमान पर्यावरणीय संकटों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि और वक्ता संजय कुमार गौतम ने कहा कि सतत विकास की अवधारणा तभी सार्थक हो सकती है, जब प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनका संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्ध के विचार आज भी सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम की विशेषज्ञ माधुरी ने बौद्ध दर्शन और ध्यान के
महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक शांति, सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में बौद्ध शिक्षाएँ अत्यंत उपयोगी हैं। कार्यशाला के संयोजक बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में नैतिक मूल्यों, पर्यावरणीय चेतना और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। इस सात दिवसीय कार्यशाला में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्हें समापन सत्र में प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
- Post by Jitendra Kumar1
- सांसद अवधेश प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर आरक्षण घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला पूरे देश में गूंज रहा है और नौकरियों में एक बहुत बड़ा अनियमितता हो रही है। उनके अनुसार, मौजूदा भाजपा सरकार ने कुल 22 विभागों में इस प्रकार का घोटाला किया है, और इस गंभीर मामले पर सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। सांसद प्रसाद ने आगे कहा कि इस घोटाले के कारण पिछड़े और दलित समुदायों के नवयुवकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने सरकार का पक्ष देखा है, और इसी प्रकार 22 विभागों में पिछड़ों के अधिकारों को छीना जा रहा है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा जोहन मिश्रा का पुरवा के निवासी राजेश की पत्नी के साथ 'दबंग आनंद मिश्रा' के बेटे दिनेश मिश्रा ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान दिनेश मिश्रा ने राजेश के बेटे अभिनंदन का पैर तोड़ने की धमकी भी दी, जो एक वीडियो में साफ तौर पर सुनाई दे रही है।1
- विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन बहुजन समाज पार्टी विशाल सम्मेलन में बसपा पार्टी के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ा हजारों हजारों का जन्म सैलाब1
- पूर्व प्रोजेक्ट इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। वर्मा ने अपने इस बयान में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। हालांकि, विस्तृत खबर में उन व्यक्तियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिन्हें वर्मा ने अपने खुलासे में शामिल किया था, जिससे यह सवाल बरकरार है कि आखिर उन्होंने किन-किन लोगों का जिक्र किया है।1
- संपूर्ण भारतवर्ष के साथ-साथ विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी देशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे सेहतमंद रहने के लिए प्रतिदिन योग करें। यह रिपोर्टिंग लाल चंद और जीबी सोनी द्वारा आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ के लिए की गई है।1
- अयोध्या जनपद के बीकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मऊ चौहान का पुरवा में एक भूमि विवाद को लेकर पीड़ित जमुना प्रसाद ने स्थानीय लेखपाल राघव राम और एक पुलिसकर्मी पर उत्पीड़न तथा धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल राघव राम अवकाश के दिन भी उनके घर पहुँचकर कार्रवाई करने और बुलडोजर से मकान गिराने की धमकी देते हैं। जमुना प्रसाद के अनुसार, उन्होंने आपसी समझौते के तहत जितना रास्ता देना तय हुआ था, उतना रास्ता वह पहले ही दे चुके हैं। इसके बावजूद, लेखपाल और पुलिसकर्मी लगातार उनके घर आकर उन पर दबाव बनाते हैं और डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन इस मामले में सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की माँग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जाँच की जाए, तो वास्तविक तथ्य सामने आ जाएँगे और उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।1
- बस्ती जनपद के वॉटरगंज थाना क्षेत्र में रविवार को मनोरी चौराहे के पास डढ़वा मिश्र गांव के समीप एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने ई-रिक्शा और बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों वाहनों में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर (संख्या UP 51 BT 1213) की गति इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे ई-रिक्शा और बोलेरो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बोलेरो को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुटे और घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल बस्ती पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वॉटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।2