निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर, भीलवाड़ा के आकोला स्थित श्री कोटड़ी श्याम के दरबार में आयोजित पंचम नौका विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बन गया। गुरुवार को दोपहर 12.15 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी और दिनभर भगवान श्री कोटड़ी श्याम के दर्शन, सेवा तथा विभिन्न धार्मिक मनोरथों का सिलसिला चलता रहा। देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने नौका विहार के दिव्य दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया, जिससे पूरा कोटड़ी भक्ति के सागर में डूबा रहा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव का शुभारंभ कन्नौज से मंगवाए गए सुगंधित इत्र से भगवान के अभिषेक के साथ हुआ, जिसके बाद प्रभु का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को वृंदावन से मंगाई गई लगभग 150 किलो मोगरे की लड़ियों से सजाकर एक भव्य मोगरा महल का स्वरूप दिया गया था। चारों ओर फैली मोगरे की मनमोहक सुगंध और इत्र के फव्वारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दोपहर 12:15 बजे, भगवान श्री कोटड़ी श्याम को आकर्षक रूप से सुसज्जित नौका में विराजमान कर एक विशाल कृत्रिम कुंड में नौका विहार कराया गया। इस कुंड को वृंदावन से लाए गए यमुना जल, ऋषिकेश के गंगाजल तथा एकलिंगजी से मंगाए गए कमल पुष्पों से सजाया गया था। जैसे ही प्रभु की नौका जल में उतरी, पूरा मंदिर परिसर "कोटड़ी श्याम बाबा की जय" के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया। पूरे दिन प्रभु की सेवा में विशेष मनोरथ आयोजित किए गए, जिसमें हर 15 मिनट के अंतराल में लगभग 50 प्रकार के व्यंजनों जैसे माखन-मिश्री, श्रीखंड, मैंगो क्रीम, मैसूर पाक, ठंडाई, गुलाब शरबत, रबड़ी, पंजीरी, रसगुल्ला, बेसन चक्की का भोग अर्पित किया गया। दोपहर 1 बजे, सात प्रकार की मठरियों से सुसज्जित 108 थालों का भव्य मठरी मनोरथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना, और शाम 4 बजे विभिन्न किस्मों के 501 किलो आमों (केसर, हाफुस, तोतापुरी, कलमी) से सजा भव्य आम मनोरथ प्रस्तुत किया गया। नौका विहार कार्यक्रम की शुरुआत के साथ आयोजित भजन संध्या में वृंदावन से पधारे नंदरायदास (चैतन्य शर्मा) के साथ भीलवाड़ा के जिम्मी दाधीच और कोटड़ी के लखन टेलर एंड पार्टी ने अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इत्र के फव्वारों, पुष्प सज्जा और शाम की संध्या आरती के बाद की गई भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया, जिससे नौका में विराजमान प्रभु का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए, आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई प्रसाद की विशेष व्यवस्था की, जिसका वितरण संध्या आरती के बाद बड़ी संख्या में किया गया। इस पंचम नौका विहार महोत्सव को सफल बनाने में श्री चारभुजा मंदिर ट्रस्ट, आयोजन समिति, युवा भक्त मंडल तथा अनेक सेवाभावी श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिन्होंने व्यवस्थाओं से लेकर सजावट, प्रसाद वितरण, सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था तक सभी कार्य सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किए। आयोजन समिति ने बताया कि अपेक्षा से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा, तथा भगवान श्री कोटड़ी श्याम की कृपा से यह महोत्सव ऐतिहासिक, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर, भीलवाड़ा के आकोला स्थित श्री कोटड़ी श्याम के दरबार में आयोजित पंचम नौका विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बन गया। गुरुवार को दोपहर 12.15 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी और दिनभर भगवान श्री कोटड़ी श्याम के दर्शन, सेवा तथा विभिन्न धार्मिक मनोरथों का सिलसिला चलता रहा। देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने नौका विहार के दिव्य दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया, जिससे पूरा कोटड़ी भक्ति के सागर में डूबा रहा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव का शुभारंभ कन्नौज से मंगवाए गए सुगंधित इत्र से भगवान के अभिषेक के साथ हुआ, जिसके बाद प्रभु का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को वृंदावन से मंगाई गई लगभग 150 किलो मोगरे की लड़ियों
से सजाकर एक भव्य मोगरा महल का स्वरूप दिया गया था। चारों ओर फैली मोगरे की मनमोहक सुगंध और इत्र के फव्वारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दोपहर 12:15 बजे, भगवान श्री कोटड़ी श्याम को आकर्षक रूप से सुसज्जित नौका में विराजमान कर एक विशाल कृत्रिम कुंड में नौका विहार कराया गया। इस कुंड को वृंदावन से लाए गए यमुना जल, ऋषिकेश के गंगाजल तथा एकलिंगजी से मंगाए गए कमल पुष्पों से सजाया गया था। जैसे ही प्रभु की नौका जल में उतरी, पूरा मंदिर परिसर "कोटड़ी श्याम बाबा की जय" के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया। पूरे दिन प्रभु की सेवा में विशेष मनोरथ आयोजित किए गए, जिसमें हर 15 मिनट के अंतराल में लगभग 50 प्रकार के व्यंजनों जैसे
माखन-मिश्री, श्रीखंड, मैंगो क्रीम, मैसूर पाक, ठंडाई, गुलाब शरबत, रबड़ी, पंजीरी, रसगुल्ला, बेसन चक्की का भोग अर्पित किया गया। दोपहर 1 बजे, सात प्रकार की मठरियों से सुसज्जित 108 थालों का भव्य मठरी मनोरथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना, और शाम 4 बजे विभिन्न किस्मों के 501 किलो आमों (केसर, हाफुस, तोतापुरी, कलमी) से सजा भव्य आम मनोरथ प्रस्तुत किया गया। नौका विहार कार्यक्रम की शुरुआत के साथ आयोजित भजन संध्या में वृंदावन से पधारे नंदरायदास (चैतन्य शर्मा) के साथ भीलवाड़ा के जिम्मी दाधीच और कोटड़ी के लखन टेलर एंड पार्टी ने अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। इत्र के फव्वारों, पुष्प सज्जा और शाम की संध्या आरती के बाद की गई भव्य आतिशबाजी ने पूरे आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया, जिससे नौका
में विराजमान प्रभु का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए, आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई प्रसाद की विशेष व्यवस्था की, जिसका वितरण संध्या आरती के बाद बड़ी संख्या में किया गया। इस पंचम नौका विहार महोत्सव को सफल बनाने में श्री चारभुजा मंदिर ट्रस्ट, आयोजन समिति, युवा भक्त मंडल तथा अनेक सेवाभावी श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिन्होंने व्यवस्थाओं से लेकर सजावट, प्रसाद वितरण, सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था तक सभी कार्य सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किए। आयोजन समिति ने बताया कि अपेक्षा से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा, तथा भगवान श्री कोटड़ी श्याम की कृपा से यह महोत्सव ऐतिहासिक, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कंचन दीदी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि भगवान से केवल एक संबंध या रिश्ता बना लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आत्मा का सच्चा जुड़ाव ही वास्तविक शांति, सुख और शक्ति का स्रोत है।1
- जापान और स्वीडन के बीच एक बेहद शानदार और रोमांचक मैच खेला गया। दोनों ही टीमों ने मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुकाबला किया, जिसके परिणामस्वरूप यह मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।1
- राजस्थान के आसींद कस्बे में मुस्लिम समाज द्वारा पैगंबर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम का पर्व मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन कर्बला की जंग में यजीद के साथ लड़ते हुए अपने पूरे परिवार के साथ शहीद हो गए थे, और उन्हीं की याद को ताजा करते हुए मुस्लिम धर्मावलंबी हर साल यह पर्व मनाते हैं। आसींद कस्बे में युवाओं ने मातमी धुनों के साथ ताजिया का जुलूस निकाला, जहां अकीदत मंदों ने ताजिया के सामने अपनी मन्नतें पूरी कीं और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान ताजिये के जुलूस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसींद स्थानीय प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किए थे। पुलिस उपाधीक्षक जय सिंह राठौड़ और सीआई श्रीमती श्रद्धा शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान कस्बे में तैनात किए गए थे।2
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय सहित गिलूण्ड, कुरज, जगपुरा और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। गमेरपुरा में आयोजित पारंपरिक छड़ी जुलूस भी आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह मुस्लिम समाज के लोगों ने ताजियों पर पकवान व प्रसाद चढ़ाकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। इस दौरान फातिहा पढ़ी गई और अकीदतमंदों के बीच नियाज़ वितरित की गई। इसके बाद, ढोल-ताशों की गूंज के बीच ताजिया जुलूस रवाना हुआ। रेलमगरा में यह जुलूस मस्जिद से प्रारंभ होकर बालिका विद्यालय मार्ग, पुलिस थाना मार्ग, बस स्टैंड, राजीव गांधी सर्किल, मस्जिद गली, सदर बाजार, विवेकानंद चौक, देवली चबूतरा और रंगरेज मोहल्ला सहित विभिन्न मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा, जहाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों का विसर्जन किया गया। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नतों की पूर्ति के लिए ताजियों के आगे लोटन की रस्म निभाई और क्षेत्र में सुख-समृद्धि, अमन-चैन तथा भाईचारे की दुआ मांगी। इस अवसर पर अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक खेलों एवं हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। मुहर्रम के इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने पूरे मार्ग पर सतत निगरानी रखकर जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।4
- रेलमगरा उपखंड मुख्यालय में गुरुवार रात मोहर्रम पर्व के अवसर पर इमाम हुसैन की याद में एक ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस श्रद्धा, अकीदत और गमगीन माहौल के बीच आयोजित हुआ, जिसकी शुरुआत रात करीब 10 बजे स्थानीय मस्जिद से हुई। जुलूस पुराने हॉस्पिटल रोड, रजा एंपोरियम वाली गली सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मस्जिद पहुंचा। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और मातमी रस्में अदा कीं। इस दौरान, विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक खेलों और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया, जो विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। इन अखाड़ों के शानदार प्रदर्शन को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ युवाओं ने अपनी पारंपरिक कला और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पूरे जुलूस के दौरान क्षेत्र में धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा। आयोजन के शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलमगरा थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। थानाधिकारी प्रवीण सिंह जुगतावत के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता, अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। पुलिस ने जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा।4
- एक स्कूल के ग्राउंड में अनावश्यक पत्थर पड़े होने और बारिश के पानी के जमाव के कारण बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राउंड में जगह-जगह बिखरे इन पत्थरों की वजह से खेलते समय कई बच्चों को चोटें भी लगी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया गया है।1
- फीफा वर्ल्ड कप के एक रोमांचक मुकाबले में इक्वाडोर ने जर्मनी को 2-1 से मात दी। इस मैच के नतीजे के बाद ग्रुप ए में आगे बढ़ने की होड़ और भी तेज हो गई है। दर्शकों से पूछा गया है कि वे इस टूर्नामेंट में किस टीम को सपोर्ट कर रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ में एकादशी के पावन अवसर पर विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजन हुए। इस दिन माली समाज द्वारा मिल्करोज का वितरण किया गया। इसी कड़ी में, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग ने गौसेवा का कार्य किया, जबकि अग्निवीर भानु प्रताप सिंह का सम्मान भी किया गया।1
- राजसमंद जिले के किशोर नगर मंडा में पालीवाल समाज द्वारा 'परिवार सृजन पुस्तिका' का प्रकाशन करने का निर्णय लिया गया है। इस पुस्तिका का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी व्यापार, उच्च शिक्षा और विवाह संबंधों को मजबूत करना है, जिससे भारत के अनेक राज्यों में रहने वाले समाजजनों को लाभ मिल सके। प्रभु श्री द्वारिकाधीश जी की पुण्य धरा किशोर नगर मंडा में आयोजित एक बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसमें सेवा समिति के कोषाध्यक्ष श्री बसंत जी पालीवाल, युवा मंडल धोईन्दा के अध्यक्ष हितेश जी पालीवाल और कोषाध्यक्ष उमेश जी पालीवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गांव मंडा के प्रतिनिधि काशीराम जी पालीवाल, पालीवाल समाज के चुनाव अधिकारी देवीलाल जी पालीवाल, गिरिजा शंकर जी पालीवाल, धनेश्वर जी पालीवाल, जगदीश जी और भगवती लाल जी पालीवाल भी सानिध्य में थे। समाज के युवा संयोजक गिरीश पालीवाल ने संबोधित करते हुए बताया कि आगामी दिनों में इस पुस्तिका का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके लिए मेवाड़ के 50 से अधिक गांवों में जनगणना अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह पुस्तिका समाज की संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को घर-घर तक पहुंचाएगी, जिससे युवा पीढ़ी को समाज से जुड़ने का अवसर और मार्गदर्शन मिलेगा। वरिष्ठ काशीराम जी पालीवाल और गिरजा शंकर जी पालीवाल ने समाजजनों, विशेषकर युवाओं से, निस्वार्थ भाव और सकारात्मक सोच के साथ समाज के कार्यों में अग्रणी रहकर सहयोग करने की अपील की। कोषाध्यक्ष बसंत जी पालीवाल और उमेश जी पालीवाल ने समाज उत्थान के लिए पूर्व में लिए गए सकारात्मक निर्णयों की जानकारी दी, जिसका सभी उपस्थित सदस्यों ने समर्थन किया। देवीलाल जी पालीवाल और युवा अध्यक्ष हितेश जी पालीवाल ने उच्च शिक्षा पर अपने सुझाव रखे, वहीं वरिष्ठ दिनेश जी और युवा साथी आशीष जी परमानंद जी ने भी समाज उत्थान हेतु अपने विचार साझा किए। बैठक में सर्वसम्मति से विजय जी पालीवाल, युगल जी पालीवाल, संजय जी पालीवाल, आशीष जी परमानंद जी, पवन जी और विशाल जी पालीवाल को गांव मंडा में जनगणना अभियान के लिए नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक का संचालन लक्ष्मी नारायण जी पालीवाल ने किया और अंत में धनेश्वर जी पालीवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सभी समाजजनों ने एक बैनर का विमोचन कर गांव मंडा में अभियान की औपचारिक शुरुआत की।4