रंग में भंग या लापरवाही का डंक? होली पार्टी में DJ पर थिरक रहे थे छात्र, अचानक मधुमक्खियों का हमला… फिर कैंपस बना अखाड़ा! मनोज सिंह पत्रकार, 9407012812, शहडोल। शहर के चर्चित पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का जश्न उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। चंद मिनटों में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में तब्दील हो गया। जान बचाने के लिए छात्र-छात्राएं परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। रंगों की बौछार और फिल्मी गानों पर डांस के बीच अचानक मधुमक्खियों का झुंड आ धमका। हमले से घबराए कई छात्र जमीन पर गिरते-पड़ते दिखे। परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ( रंग में भंग, फिर गुटों में तकरार ) मामला यहीं नहीं थमा। अफरा-तफरी के बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। कहासुनी ने देखते ही देखते धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया। ( वायरल हुआ वीडियो, उठे सवाल ) पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर सुर्खियों में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि किसी गंभीर घायल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।
रंग में भंग या लापरवाही का डंक? होली पार्टी में DJ पर थिरक रहे थे छात्र, अचानक मधुमक्खियों का हमला… फिर कैंपस बना अखाड़ा! मनोज सिंह पत्रकार, 9407012812, शहडोल। शहर के चर्चित पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का जश्न उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। चंद मिनटों में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में तब्दील हो गया। जान बचाने के लिए छात्र-छात्राएं परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। रंगों की बौछार और फिल्मी गानों पर डांस के बीच अचानक मधुमक्खियों का झुंड आ धमका। हमले से घबराए कई छात्र जमीन पर गिरते-पड़ते दिखे। परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। राहत की बात यह रही कि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ( रंग में भंग, फिर गुटों में तकरार ) मामला यहीं
नहीं थमा। अफरा-तफरी के बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। कहासुनी ने देखते ही देखते धक्का-मुक्की का रूप ले लिया। कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया। ( वायरल हुआ वीडियो, उठे सवाल ) पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और आयोजन प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर सुर्खियों में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि किसी गंभीर घायल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।
- बिजलीघर के गेट पर जंगल का मेहमान, बिरसिंहपुर पाली में बाघ की एंट्री से हड़कंप उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में शनिवार शाम एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। औद्योगिक गतिविधियों से गुलजार रहने वाले इलाके में अचानक जंगल का सबसे खतरनाक शिकारी दिखाई दे गया। मामला संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के पास का है, जहां प्लांट की ओर जाने वाली सड़क से कुछ ही दूरी पर बाघ नजर आया। शाम के समय कर्मचारी अपनी ड्यूटी के लिए प्लांट की ओर बढ़ रहे थे। तभी डैम क्षेत्र के पास सड़क किनारे हलचल दिखी। देखते ही देखते साफ हो गया कि वह कोई सामान्य जानवर नहीं, बल्कि बाघ है। कुछ पल के लिए वहां सन्नाटा छा गया। कई लोग रुक गए, कुछ ने दूरी बनाकर खड़े रहना बेहतर समझा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ कुछ देर तक इलाके में घूमता रहा। ऐसा माना जा रहा है कि वह पानी पीने के लिए डैम की ओर आया था और फिर वापस वन क्षेत्र की तरफ बढ़ गया। इस दौरान किसी को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन घटना ने कर्मचारियों की धड़कनें जरूर बढ़ा दीं। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद कुछ श्रमिकों ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है और पास में ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कभी-कभी शिकार या पानी की तलाश में बाघ अपने निर्धारित क्षेत्र से बाहर भी निकल आते हैं। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, फिर भी सवाल उठ रहे हैं कि रोजाना सैकड़ों कर्मचारियों की आवाजाही वाले औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। श्रमिकों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि इलाके में नियमित गश्त हो, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए। फिलहाल प्लांट परिसर के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है। लोग समूह में आना-जाना कर रहे हैं और शाम के समय विशेष सावधानी बरती जा रही है। जंगल और उद्योग के इस अप्रत्याशित आमने-सामने ने पूरे क्षेत्र को चौकन्ना कर दिया है।1
- होली धुरेड़ी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले द्वारा थाना परिसर मानपुर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर सुश्री हरनीत कौर कलसी ने की।बैठक में धुरेड़ी के दौरान कानून व्यवस्था,यातायात नियंत्रण,फायर ब्रिगेड,बिजली एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।एसडीएम सुश्री कलसी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नगर एवं क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो,इसकी पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए।चंद्रग्रहण के कारण 3तारीख को प्रस्तावित धुरेड़ी कार्यक्रम को सर्वसम्मति से 4तारीख को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।होली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य विभाग एवं तहसीलदार को मिष्ठान दुकानों पर मिलावट की रोकथाम हेतु औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए।ड्रंक एंड ड्राइव पर नियंत्रण के लिए नगर के प्रमुख तिराहों-चौराहों पर स्टॉपर लगाकर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए गए।साथ ही बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए डीजे रात्रि 10बजे तक सीमित ध्वनि में बजाने की अपील की गई।त्योहार के दौरान संपूर्ण नगर में सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।बैठक में तहसीलदार पंकज नयन तिवारी,नायब तहसीलदार सनत सिंह,रणमत सिंह,रामलाल पनिका,सीएमओ राजेंद्र कुशवाहा,कनिष्ठ अभियंता संदीप सोनी,समाजसेवी शारदा प्रसाद गौतम,ओपी द्विवेदी,हरीश विश्वकर्मा, सुरेश सिंह,ज्ञान प्रकाश पटेल,रोशनी सिंह,अरविंद चतुर्वेदी विकास गुप्ता,राहुल शुक्ला,बिहारी प्रजापति,असगर खान,शेख आशिक अहसान खान,पत्रकार खालिक अंसारी,आशुतोष त्रिपाठी, रामाभिलाष त्रिपाठी,त्रिवेणी द्विवेदी,बजरंग सोनी,राजू गुप्ता,कृष्णा उपाध्याय,रवि सेन,मनोज श्रीवास्तव,जय शर्मा,रामविनोद पटेल,दिवाकर मिश्रा,शंकर पटेल,रामभुवन गुप्ता,संतोष द्विवेदी,अजय सिंह,जमुना प्रसाद बैगा,सोनू मिश्रा सहित नगर सुरक्षा समिति के सदस्य एवं थाना स्टाफ उपस्थित रहे अंत में सभी ने आपसी भाईचारे शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली धुरेड़ी मनाने का संकल्प लिया।3
- यह है झमाझम बारिश1
- 🏆 खेल, एकता और उत्साह का संगम: ग्राम पंचायत मझौली में खेल प्रतियोगिता संपन्न! 🏆 मैदान पर पसीना, दिल में जोश और पंचायत में एकता! 🏟️🔥 अडानी फाउंडेशन (Adani Foundation) द्वारा ग्राम पंचायत मझौली में आयोजित खेल प्रतियोगिता का सफल समापन हुआ। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारे ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को निखारने का एक शानदार मंच साबित हुआ। 🏃♂️✨ इस सफल आयोजन के लिए अडानी फाउंडेशन का हृदय से आभार, जिन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। इस खेल महोत्सव ने न केवल खिलाड़ियों के कौशल को निखारा, बल्कि विभिन्न गांवों के बीच एकता, भाईचारे और नई ऊर्जा का संचार भी किया है। विजेता टीम और सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ! हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम हमारी पंचायतों में1
- https://youtu.be/-BUSmuJULRY?si=IIaFQOSaqmoopcnD1
- कला दीर्घा परिसर में होली उत्सव मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय सिंह कुशराम एवं कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने फीता खोलकर मेले का उद्घाटन किया।1
- संवाददाता मनोज श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में राहत भरी और मानवता को मजबूत करने वाली एक मिसाल बनेगा अब सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार की अभिनव राहवीर योजना अब आम जनता के लिए वरदान साबित होगा इस योजना से न सिर्फ पीड़ित को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि मदद करने वाले को भी सम्मान और आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस अभिनव योजना के तहत यदि कोई भी व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को गोल्डन ऑवर यानी 1 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे किसी भी तरह की पुलिस जांच-पड़ताल नहीं करेगी चाहे अस्पताल सरकारी हो या निजी, घायल व्यक्ति को बिना किसी औपचारिकता के तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया जाएगा। योजना की मुख्य विशेषताएं घायल को 1 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 तक की प्रोत्साहन राशि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक का इलाज पूरी तरह निःशुल्क न FIR का डर,न पुलिस की झंझट, न पूछताछ सरकारी, निजी व गवर्नमेंट अंडरटेकिंग अस्पतालों में योजना है लागू स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि यह प्रधानमंत्री की एक अत्यंत संवेदनशील और जनहितकारी योजना है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि कोई भी नागरिक एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा देता है, तो पुलिस द्वारा उससे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। मदद करने वाले व्यक्ति को ₹25,000 की राशि मिलेगी और घायल का इलाज डेढ़ लाख रुपये तक पूरी तरह मुफ्त होगा। चाहे अस्पताल निजी हो या सरकारी, इलाज में कोई देरी नहीं होगी। इस योजना को भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोग बिना डर के सड़क हादसों में घायलों की मदद करें और समय पर इलाज मिलने से अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती है।3
- *मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जरियारी एक बार फिर से भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है।* *ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पंचायत में भले कितना भी भ्रष्टाचार हो जाए, लेकिन जनपद पंचायत मैहर के सीईओ अशोक तिवारी कोई कार्रवाई नहीं करते।* ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच लगातार यह कहती हैं कि— “चाहे जितनी शिकायतें कर लो, काम तो यही तरीके से होगा… क्योंकि हर काम में ऊपर तक कमीशन जाता है। अच्छा करो या खराब करो—कमीशन तो देना ही पड़ता है।” ग्रामीणों का आरोप है कि इसी कमीशन व्यवस्था के कारण— गांव में घटिया निर्माण, अधूरे काम, बिना समिति गठन के भुगतान, और अनियमित विकास कार्य लगातार जारी हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतें कई बार सीईओ कार्यालय मैहर में दी गईं, लेकिन कार्रवाई शून्य रही। ग्रामीणों के शब्दों में— “जब तक कमीशन पहुंचता रहता है, तब तक किसी अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ता।” ग्रामीण अब चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।1
- *PWD की बनाई सड़क जर्जर, टूटी:घटिया निर्माण का आरोप; स्थानीय लोगों में रोष, लाखों रुपए दिखाई गई लागत* *40 दिन पहले बनाई गई सड़क कई जगह से उखड़ गई है*। अमरपाटन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीरदत्त से कुम्हारी रोड का निर्माण मात्र 40 दिन पहले पूरा हुआ था, लेकिन अब यह कई जगहों से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह सड़क दो साल तक क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी रही और स्थानीय लोगों की लगातार मांग के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया। निवासियों का कहना है कि जहां सड़क निर्माण की लागत लाखों रुपये दिखाई गई, वहीं वास्तविक खर्च एक लाख रुपये से भी कम का लगता है। इससे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग आक्रोशित स्थानीय लोगों ने इस मामले को डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। उनकी मांग है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में सड़क की खस्ता हालत के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।4