महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर भारत-नेपाल सीमा पर चलाए जा रहे तस्करी विरोधी अभियान के तहत थाना नौतनवा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तस्करी के लिए छोड़े गए 216 प्लास्टिक रेनकोट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 30 मई 2026 को सीमा क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान हुई, जब तीन बोरियों में रखे कुल 216 प्लास्टिक रेनकोट संदिग्ध परिस्थितियों में लावारिस हालत में मिले। पुलिस का अनुमान है कि तस्कर पुलिस की सक्रियता को देखकर सामान छोड़कर फरार हो गए होंगे। बरामद माल के संबंध में थाना नौतनवा में कस्टम अधिनियम की धारा 113 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद, बरामद सामान को आगे की विधिक कार्यवाही के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवा भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा, तथा अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर भारत-नेपाल सीमा पर चलाए जा रहे तस्करी विरोधी अभियान के तहत थाना नौतनवा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान तस्करी के लिए छोड़े गए 216 प्लास्टिक रेनकोट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 30 मई 2026 को सीमा क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान हुई, जब तीन बोरियों में रखे कुल 216 प्लास्टिक रेनकोट संदिग्ध परिस्थितियों में लावारिस हालत में मिले। पुलिस का अनुमान है कि तस्कर पुलिस की सक्रियता को देखकर सामान छोड़कर फरार हो गए होंगे। बरामद माल के संबंध में थाना नौतनवा में कस्टम अधिनियम की धारा 113 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद, बरामद सामान को आगे की विधिक कार्यवाही के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवा भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा, तथा अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- अहिरौली में 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे यह मामला रहस्यमयी बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, संदीप रात करीब 11 बजे अपने घर से निकला था और बाद में उसे एक पुल पर घायल अवस्था में पाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने घटना से पहले अपने एक दोस्त को फोन किया था, और उनकी चैट में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बातें भी थीं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल के नागरिकों को पढ़ाई, नौकरी और बेहतर कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित मुक्त भी कराया है। कसया थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नेपाली नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस अभियान के तहत कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, सोने-चांदी जैसे आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाता था। इसके बाद उन्हें कुशीनगर बुलाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी से कमाए गए पैसों को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश भी जारी है। नेपाल दूतावास ने भी एक्स पर एक पोस्ट जारी कर कुशीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे गए 453 नेपाली नागरिकों को छुड़ाने और सुरक्षित नेपाल भेजने की जानकारी दी। नेपाल दूतावास ने इस कार्रवाई के लिए यूपी सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ की जानकारी दी है और फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।1
- Post by Raviteja Rajbhar1
- कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव में शनिवार देर रात 22 वर्षीय संदीप यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने इसे हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, संदीप शनिवार रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद घर से लगभग 50 मीटर दूर मोबाइल टावर और पुल की ओर गया था। रात करीब एक बजे संदीप के ही फोन से उसके पड़ोसी और मित्र विशाल यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर सूचना दी कि संदीप गांव के बाहर पुल पर घायल अवस्था में पड़ा है, जिसके बाद फोन काट दिया गया। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे, जहां संदीप पुल की रेलिंग के पास गंभीर रूप से घायल पड़ा था और उसका मोबाइल फोन उसके सीने पर रखा हुआ था। उसकी आंख, गाल, गले तथा पैरों की उंगलियों पर चोट के निशान मिले थे। गंभीर हालत में उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संदीप के परिवार में पिता शिवधर यादव, माँ विमला देवी, भाभी रेनू देवी और तीन वर्षीय भतीजी मुस्कान हैं, जबकि उसकी बड़ी बहन नीलू की शादी हो चुकी है। दो वर्ष पहले उसके बड़े भाई राजेश यादव की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद संदीप ही परिवार का मुख्य सहारा बन गया था। वह पहले अपने पिता के साथ पंजाब में रहता था, लेकिन भाई की मौत के बाद गांव लौट आया और पिछले एक महीने से गोरखपुर की एक फर्नीचर दुकान में कार्यरत था। स्थानीय लोगों के अनुसार, संदीप का गांव की ही एक अन्य जाति की महिला से प्रेम संबंध था, जिसकी जानकारी महिला के परिजनों को भी थी। उसके मोबाइल फोन में किसी अज्ञात नंबर से हुई चैटिंग की चर्चा भी सामने आई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए परिजन घटना को प्रेम प्रसंग से जोड़कर हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल अहिरौली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।4
- संतकबीरनगर पुलिस ने एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मेंहदावल-नौलखा मार्ग पर मुहिया पुल के पास से झपट्टेमारी और छिनैती के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रभारी एसओजी और थाना मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपी मो. कामिल उर्फ अली और मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे हैं, जो गोरखपुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस द्वारा खुलासा की गई घटना 23 मई 2026 की है, जब वादी इरशाद अहमद की माँ घर के सामने बैठी थीं। तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने पानी मांगने के बहाने पास आकर उनके गले से सोने की चेन जबरन छीन ली और फरार हो गए। इस संबंध में थाना मेंहदावल पर मु0अ0सं0 223/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और आर्थिक तंगी के कारण विभिन्न स्थानों पर झपट्टामारी, छिनैती और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। अभियुक्त मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे ने 2020 में चोरी के धन के बंटवारे को लेकर अपने एक मित्र की हत्या करने की बात भी कबूली, जिसमें नशे की हालत में उसने पत्थर और ब्लेड का इस्तेमाल किया था। पूछताछ के दौरान मो. अहमद के कब्जे से अवैध गांजा भी बरामद हुआ। उन्होंने 21 मई 2026 को एक मोटरसाइकिल चोरी करने और लाल डिग्गी क्षेत्र में छोड़ देने की बात बताई, साथ ही उसी रात लगभग 09:00 बजे गोरखपुर के जगनाथपुर वनकटी चक दुर्गा मंदिर के पास से एक और मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि गोरखपुर में अधिक सीसीटीवी कैमरे होने के कारण वे ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बनाते थे और पहचान छिपाने के लिए कैप व मुंह ढककर चलते थे, साथ ही विरोध होने पर फरार होने के लिए मिर्च पाउडर भी रखते थे। अछिया गांव में हुई चेन स्नैचिंग की घटना को स्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि सोने की चेन को एक अज्ञात व्यक्ति को ₹25,000/- में बेच दिया था, और बरामद ₹10,000/- उसी धनराशि का हिस्सा हैं, बाकी रकम खाने-पीने और अन्य खर्चों में व्यय कर दी गई। आरोपियों के पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, 4 मोबाइल फोन, लाल मिर्च पाउडर, 1 पर्स, चाभी का गुच्छा, 6 सिम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और ₹10,000/- नकद बरामद किए गए हैं। इस बरामदी के आधार पर थाना मेंहदावल पर मु0अ0स0 226/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी एसओजी रजनीश राय, हे0का0 अनुप राय, का0 दीपक सिंह, का0 विवेक मिश्रा और मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 आशुतोष मणि त्रिपाठी, उ0नि0 मैनेजर यादव, हे0का0 रामरतन तिवारी, का0 अनुराग कुमार सिंह, रि0का0 विशाल निषाद, एण्टी थेप्ट सेल का0 वीर बहादुर यादव, का0 अरुण हलवाई, का0 ज्ञानप्रकाश सिंह सहित सर्विलांस टीम के कर्मी शामिल रहे। एसपी संदीप कुमार मीना ने इस कार्य के लिए पुलिस टीमों को ₹25,000/- नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।3
- कुशीनगर पुलिस ने नौकरी और पढ़ाई का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में 8 पुरुषों और 2 महिलाओं सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित मुक्त कराया है, जिन्हें बाद में नेपाल भेज दिया गया। कसया थाना क्षेत्र में नेपाली नागरिकों से नौकरी और पढ़ाई के नाम पर कुशीनगर बुलाकर मोटी रकम वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं, जिसमें कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त टीम शामिल थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर फर्जी दस्तावेजों और बॉन्ड पेपर के सहारे ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, लैपटॉप, सोने-चांदी के आभूषण, भारतीय और नेपाली मुद्रा सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा इसके नेटवर्क की तलाश जारी है। नेपाल दूतावास ने भी X पर पोस्ट जारी कर इस कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है।4
- बहुजन मुक्ति पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन चलाते हुए तीन चरणों में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पहले चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारियों को लालटेन भेंट कर अपना रोष प्रकट किया। इसके बाद, दूसरे चरण में उन्होंने चूल्हा जलाकर खाना बनाया, और तीसरे चरण में पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों के विरोध में अपनी गाड़ियों को धक्का मारकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। पार्टी ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि देश में बेतहाशा बढ़ती महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी भाजपा की गलत नीतियों का सीधा परिणाम है। बहुजन मुक्ति पार्टी ने इन मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।1
- कुशीनगर में पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 अभियुक्तों (08 पुरुष और 02 महिलाएँ) को गिरफ्तार किया है, जो नेपाल के नागरिकों को नौकरी और पढ़ाई के नाम पर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, आभूषण, लैपटॉप और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की है। इस कार्रवाई के फलस्वरूप 453 पीड़ित नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके देश वापस भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान, थाना कसया क्षेत्र में विभिन्न स्रोतों से सूचना मिली थी कि कुछ नेपाली नागरिक कुशीनगर में किराए के मकान लेकर अपने हमवतनों को नौकरी और मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से अच्छी कमाई का लालच देकर बुला रहे हैं। इसके बाद वे उनसे धोखाधड़ी कर विभिन्न मदों में धन ऐंठते और उन्हें वापस नेपाल भेज देते थे। सूचना मिलने पर, थाना कसया में अभियोग पंजीकृत कर कई पुलिस टीमें गठित की गईं। दिनांक 31.05.2026 को थाना कसया, सर्विलांस सेल कुशीनगर, SWAT टीम कुशीनगर और STF गोरखपुर यूनिट की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इन 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में 09 कूटरचित आधार कार्ड, 60 अदद बॉन्ड पेपर, आभूषण, 01 लैपटॉप, ₹60,320/- भारतीय करेंसी, ₹14,290/- नेपाली करेंसी और जॉर्डन देश की एक दीनार करेंसी सहित अन्य सामग्री शामिल है। इस मामले में मु0अ0सं0 319/2026 धारा 61(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। पूछताछ के दौरान, अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। वे नेपाल से कुशीनगर आकर किराए के मकानों में रहते थे और नेपाल के कम पढ़े-लिखे व आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई और मार्केटिंग नेटवर्क के नाम पर ठगते थे। गिरोह कूटरचित आधार कार्ड और बॉन्ड पेपर का इस्तेमाल कर पीड़ितों का विश्वास जीतता था, उनसे मोटी रकम वसूल कर आर्थिक शोषण करता था, और फिर ठगी से मिली रकम को आपस में बाँटकर अपना भरण-पोषण करता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गनेश खत्री, सोजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग, सर्वेश प्रताप राव और दो महिलाएँ शामिल हैं।4