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Bapulal Ahari
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- राजकीय होम्योपैथिक औषधालय कुशलगढ़ के तत्वावधान में ग्राम पंचायत बड़वास बड़ी में आयोजित दो दिवसीय होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस शिविर में कुल 259 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें निःशुल्क दवाइयों के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। राजकीय होम्योपैथिक औषधालय कुशलगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सिद्धार्थ पांचाल ने अपनी टीम के साथ मरीजों का गहन परीक्षण कर महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। डॉक्टर पांचाल ने बताया कि शिविर में मौसमी बीमारियां, त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याएं, जोड़ों का दर्द, एलर्जी और पुरानी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे, जिन्हें होम्योपैथिक पद्धति से उपचार और परामर्श दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, डॉक्टर पांचाल ने ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। इस चिकित्सा शिविर के सफल संचालन में ग्राम पंचायत बड़वास बड़ी के ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत लिपिक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग और डॉक्टर सिद्धार्थ पांचाल की सेवाओं की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी। यह शिविर ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आमजन तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय पहल साबित हुआ है।1
- धम्बोला कस्बे में स्थित श्री गोवर्धननाथजी हवेली मंदिर में अधिक मास के पावन अवसर पर सोमवार को नौका विहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें ठाकुरजी को मनोहर नौका विहार स्वरूप में विराजित कर विशेष मनोरथ अर्पित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वैष्णवजन ठाकुरजी के दर्शन के लिए उपस्थित रहे। ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष दिनेश पंड्या ने बताया कि महोत्सव के दौरान पूरी हवेली परिसर भक्ति रस से सराबोर हो उठा। नीलकंठ पंड्या एवं प्रत्यक्ष पंड्या ने अष्टछाप कवियों द्वारा रचित नौका विहार से संबंधित पदों का सुमधुर गायन प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु वृंदावन की निकुंज लीलाओं और यमुना तट के दिव्य नौका विहार का भावपूर्ण अनुभव करते रहे। वहीं, अरुण कुमार पंड्या ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया, और भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु प्रभु के गुणगान में भावविभोर होकर झूम उठे। पूरे आयोजन में पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप सेवा, श्रृंगार और उत्सव का एक सुंदर समन्वय देखने को मिला। इस विशेष महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर श्री गोवर्धननाथजी ने अपने विशेष स्वरूप में समस्त वैष्णव सृष्टि को दर्शन प्रदान किए। श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर सुख, शांति एवं मंगल की कामना की। अधिक मास में आयोजित इस नौका विहार मनोरथ ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई, और हवेली मंदिर का वातावरण देर तक जयघोष और कीर्तन से गुंजायमान रहा।1
- सीमलवाड़ा के पीठ दिगंबर जैन समाज ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, जिला कलक्टर और पुलिस उप अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने मध्य प्रदेश के रीवा में हुई दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञापन में बताया गया है कि 20 मई 2026 को कलेक्ट्रेट रीवा के समीप पूज्य आर्यिका श्रुतमति माताजी और आर्यिका उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, तभी कथित रूप से एक कार ने उन्हें कुचल दिया, जिससे दोनों पूज्य माताजी का दुखद देहावसान हो गया। इस घटना से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक, पीड़ा और आक्रोश व्याप्त है। समाजजनों ने इस बात पर जोर दिया कि देशभर में संत-महात्मा तप, साधना और अहिंसा का संदेश देते हुए पदयात्रा करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएँ संत समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि इस घटना की उच्च स्तरीय एसआईटी या न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, जैन समाज ने संतों की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, विहार मार्गों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने और राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने की मांग भी रखी है। समाजजनों का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इस ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता और यतिन डेचिया सहित समाज के कई सदस्य मौजूद रहे।3
- डूंगरपुर जिला मुख्यालय के विजया राजे सिंधिया सभागार में 'एक दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशाला' का आयोजन किया गया। यह डूंगरपुर पुलिस की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटने के बजाय, जिले में बढ़ रहे सड़क हादसों पर अंकुश लगाकर कीमती जानें बचाना है। कार्यशाला के दौरान डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार ने गंभीर आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में हत्या जैसी घटनाओं से दस गुना अधिक मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस कार्यशाला में, हादसों की रोकथाम के लिए कई विभागों और संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने पुलिस की इस मुहिम को अनूठा बताते हुए लिकर शॉप मालिकों, मैकेनिकों और डीलरों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से शराब विक्रेताओं से 'ड्रिंक एंड ड्राइव' करने वाले युवाओं पर नज़र रखने का आग्रह किया ताकि किसी बेकसूर की जान खतरे में न पड़े। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित विशेष जागरूकता पोस्टरों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।2
- डूंगरपुर जिले में जैन समाज में मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुखद घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। इस घटना के विरोध में जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर के नेतृत्व में समाजजनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए समाज के सदस्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए अपनी अभिनव पहल "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत, उदयपुर रेंज पुलिस के "पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन" कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार, 26 मई को विजया राजे सभागार, डूंगरपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है और हेलमेट व यातायात नियमों का पालन जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से स्वयं नियमों का पालन करने और दूसरों को प्रेरित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की अपील की। उन्होंने "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाने का आह्वान करते हुए इसे युवाओं की जीवन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री खीम सिंह ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं हेलमेट और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, और डूंगरपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि आमजन में जागरूकता पैदा कर सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना है। राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने इस कार्यक्रम का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और विशेषकर युवाओं व बच्चों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करना बताया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को व्यक्तिगत क्षति के साथ-साथ सामाजिक एवं पारिवारिक त्रासदी बताते हुए बच्चों व युवाओं को सड़क सुरक्षा का दूत बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर डूंगरपुर पुलिस द्वारा तैयार सड़क सुरक्षा जागरूकता वीडियो का लोकार्पण और "नो पेट्रोल विदाउट हेलमेट" विषयक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स, मैकेनिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, लिकर शॉप संचालकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वागड़ के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार कमलेश बामनिया और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक "यमराज ऑन रोड" रहा, जिसने सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली हानियों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाकर जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। वागड़ी भाषा में तैयार किए गए गीत के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, वाहन विक्रेताओं और नागरिकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और डूंगरपुर पुलिस के इस जनहित अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।4
- Post by Bapulal Ahari1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ग्रामीण मंडल की ओर से चूड़ादा, ठुम्मठ, निशनावट, बड़वास छोटी सहित विभिन्न शक्ति केंद्रों की महत्वपूर्ण बैठकें मंडल अध्यक्ष सोहनलाल डामोर और महामंत्री नारायणी देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुईं। इन बैठकों में 'मन की बात' कार्यक्रम, संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियान पर गहन चर्चा की गई। आगामी पंचायत राज और संगठनात्मक चुनावों को ध्यान में रखते हुए, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने वार्ड पंच से लेकर जिला प्रमुख तक के सभी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को विजयी बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। इन महत्वपूर्ण बैठकों में सरदार सिंह कटारा, भुरजी कटारा, प्रकाश चरपोटा, कल सिंह भाई डामोर, भीम भाई भाभोर, भावजी रावत, भावचंद देवदा, कमील कटारा, सोहन कटारा, नाथ भाई, प्रेम सिंह रावत, रमेश भाई सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश के रीवा में 20 मई 2026 को हुई एक हृदयविदारक घटना में पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी के निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना पर पीठ दिगंबर जैन समाज ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह दुखद घटना रीवा कलेक्ट्रेट के समीप तब हुई जब राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, और कथित रूप से एक कार द्वारा कुचले जाने से दोनों आर्यिकाओं का देहावसान हो गया। इस संबंध में समाजजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस उप अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्च स्तरीय जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) अथवा न्यायिक जांच के आदेश देने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, देशभर में विहाररत संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट 'संत सुरक्षा नीति' एवं गाइडलाइन निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक होते हैं और विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है। समाज ने ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने को समय की मांग बताया है। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया सहित अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता एवं यतिन डेचिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से दिवंगत आर्यिकाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मांग को दोहराया है।1