शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के नगरीय क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की रोकथाम और अनधिकृत भूखंड विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का गठन किया है। इस पहल का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है, जिसके तहत कॉलोनाइजर लाइसेंस और कॉलोनी विकास अनुमतियों की निगरानी की जाएगी, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस नवगठित कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। इसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक, संबंधित उप पंजीयक और संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल हैं। सेल का मुख्य कार्य नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले सभी नवीन कॉलोनाइजर लाइसेंस आवेदनों और नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का नियमानुसार प्रारंभिक परीक्षण करना है। परीक्षण के बाद, इन प्रकरणों को स्पष्ट अभिमत के साथ कलेक्टर के समक्ष अंतिम निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नवीन कॉलोनी विकास अनुमतियों के प्रस्तावों पर कॉलोनी सेल द्वारा मध्य प्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, मध्य प्रदेश कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन एवं शर्तें नियम 1998 और अन्य प्रचलित नियमों के अनुपालन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें स्वामित्व संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित कॉलोनी का मास्टर प्लान, विकास योजना, क्षेत्रीय योजना या अन्य स्वीकृत नगरीय नियोजन प्रावधानों के अनुरूपता की जांच होगी। साथ ही, प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी, उद्यान और सार्वजनिक उपयोग की भूमि जैसे आवश्यक अधोसंरचना के अभिलेखों की जांच भी की जाएगी। भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग, डायवर्सन की स्थिति, भू-अभिलेखीय प्रविष्टियों और किसी भी न्यायालयीन या राजस्व विवाद का भी परीक्षण होगा। विकास के लिए प्रस्तावित कॉलोनियों के संबंध में नगरीय निकाय और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी अभिमत प्राप्त कर एक समेकित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे अंतिम निर्णय के लिए कलेक्टर को भेजा जाएगा। कॉलोनाइजर लाइसेंस नवीनीकरण या अनुमति निरस्तीकरण से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभारी अधिकारी की अनुशंसा के साथ कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। यह सेल यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कॉलोनी सक्षम अनुमति और वैधानिक स्वीकृतियों के बिना विकसित न हो। इसके लिए, सेल जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कराएगी और वैध लाइसेंस, विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, अधोसंरचना विकास योजना तथा अन्य आवश्यक अनुमतियां रखने वाली कॉलोनियों की सूची तैयार करेगी। यदि कोई अनाधिकृत कॉलोनी विकसित होती पाई जाती है, तो कॉलोनी सेल सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाही शुरू करने और प्रकरण दर्ज करने के प्रस्ताव अनुशंसा सहित प्रस्तुत करेगी। अवैध कॉलोनियों में निवेश से लोगों को बचाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शिकायतों, निरीक्षण प्रतिवेदनों, अवैध कॉलोनियों की स्थिति, लंबित कार्यवाहियों और जारी नोटिसों की समीक्षा की जाएगी। अंत में, सेल वैध और अवैध कॉलोनियों की अद्यतन सूची तैयार कर विधिवत जानकारी उपलब्ध कराएगी।
शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले के नगरीय क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की रोकथाम और अनधिकृत भूखंड विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक जिला स्तरीय कॉलोनी सेल का गठन किया है। इस पहल का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है, जिसके तहत कॉलोनाइजर लाइसेंस और कॉलोनी विकास अनुमतियों की निगरानी की जाएगी, साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस नवगठित कॉलोनी सेल का प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर को बनाया गया है। इसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक, संबंधित उप पंजीयक और संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल हैं। सेल का मुख्य कार्य नगरीय क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले सभी नवीन कॉलोनाइजर लाइसेंस आवेदनों और नवीन कॉलोनी विकास अनुमति संबंधी प्रस्तावों का नियमानुसार प्रारंभिक परीक्षण करना है। परीक्षण के बाद, इन प्रकरणों को स्पष्ट अभिमत के साथ कलेक्टर के समक्ष अंतिम निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नवीन कॉलोनी विकास अनुमतियों के प्रस्तावों पर कॉलोनी सेल द्वारा मध्य प्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, मध्य प्रदेश कॉलोनाइजर रजिस्ट्रेशन एवं शर्तें नियम 1998 और अन्य प्रचलित नियमों के अनुपालन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें स्वामित्व संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित कॉलोनी का मास्टर प्लान, विकास योजना, क्षेत्रीय योजना या अन्य स्वीकृत नगरीय नियोजन प्रावधानों के अनुरूपता की जांच होगी। साथ ही, प्रस्तावित कॉलोनी में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी, उद्यान और सार्वजनिक उपयोग की भूमि जैसे आवश्यक अधोसंरचना के अभिलेखों की जांच भी की जाएगी। भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग, डायवर्सन की स्थिति, भू-अभिलेखीय प्रविष्टियों और किसी भी न्यायालयीन या राजस्व विवाद का भी परीक्षण होगा। विकास के लिए प्रस्तावित कॉलोनियों के संबंध में नगरीय निकाय और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक तकनीकी अभिमत प्राप्त कर एक समेकित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे अंतिम निर्णय के लिए कलेक्टर को भेजा जाएगा। कॉलोनाइजर लाइसेंस नवीनीकरण या अनुमति निरस्तीकरण से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभारी अधिकारी की अनुशंसा के साथ कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। यह सेल यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी कॉलोनी सक्षम अनुमति और वैधानिक स्वीकृतियों के बिना विकसित न हो। इसके लिए, सेल जिले में विकसित हो रही कॉलोनियों का सर्वेक्षण कराएगी और वैध लाइसेंस, विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, अधोसंरचना विकास योजना तथा अन्य आवश्यक अनुमतियां रखने वाली कॉलोनियों की सूची तैयार करेगी। यदि कोई अनाधिकृत कॉलोनी विकसित होती पाई जाती है, तो कॉलोनी सेल सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्यवाही शुरू करने और प्रकरण दर्ज करने के प्रस्ताव अनुशंसा सहित प्रस्तुत करेगी। अवैध कॉलोनियों में निवेश से लोगों को बचाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शिकायतों, निरीक्षण प्रतिवेदनों, अवैध कॉलोनियों की स्थिति, लंबित कार्यवाहियों और जारी नोटिसों की समीक्षा की जाएगी। अंत में, सेल वैध और अवैध कॉलोनियों की अद्यतन सूची तैयार कर विधिवत जानकारी उपलब्ध कराएगी।
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और कई भावुक भी दिखाई दिए। कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों और उनकी लीलाओं का महत्व बताते हुए धर्म और भक्ति का संदेश दिया। इस अवसर पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की अच्छी उपस्थिति रही। कथा दोपहर से शुरू होकर शाम 6 बजे समाप्त हुई। आयोजकों ने बताया कि सोमवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लीलाओं का विशेष वर्णन किया जाएगा। इस आगामी आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में अभी से काफी उत्साह बना हुआ है।1
- ग्राम डाबर घाट में भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हो गया है। आज से इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई है।1
- शिवपुरी जिले के करेरा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट डिजायर कार और उसमें रखी 11 पेटी देशी प्लेन शराब जब्त की है। मुखबिर की सूचना पर टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर चालक कार लेकर भाग निकला। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर वाहन पथरीले क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, जब्त की गई कार से कुल 550 क्वार्टर (99 बल्क लीटर) देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 55 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने लगभग 6 लाख रुपये कीमत की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।1
- शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस को अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 21 जून को मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए झांसी से शिवपुरी की ओर ले जाई जा रही 11 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक यूपी-15-डीडी-4002) जब्त की है। जब्त की गई कुल 550 क्वार्टर यानी 99 बल्क लीटर शराब की अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये और वाहन की कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस को 21 जून को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध शराब लेकर झांसी से आ रहा है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग शुरू की। झांसी की ओर से आ रही संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक पुलिस को देखकर वाहन को गलत दिशा में तेज गति से भगाने लगा। पुलिस ने पीछा किया, जिसके दौरान चालक कार को आईटीवी की बाउंड्री के पीछे कलोथरा के पथरीले क्षेत्र में ले गया। वहाँ कार पत्थर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई और आगे रास्ता बंद होने पर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली और डिग्गी से 11 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 415/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वाहन के पंजीयन की जांच में कार मालिक का नाम हृदेश राजपूत निवासी रक्सा, झांसी पाया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद छावई, उपनिरीक्षक राजकुमार चाहर, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह तथा आरक्षक हरेन्द्र गुर्जर, मत्स्येन्द्र गुर्जर और शिवम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शिवपुरी जिले की करैरा थाना पुलिस ने आज दिनांक 21.06.2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पेटी देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत ₹55,000 बताई गई है, के साथ एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार जब्त की है। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थ, जुआ, सट्टा, अवैध हथियार, अवैध खनन परिवहन और अवैध शराब के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले के निर्देशन और एस.डी.ओ.पी. प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में, करैरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मारुति स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक UP 15 DD 4002 में अवैध शराब लेकर झांसी से शिवपुरी की ओर जा रहा है। इस सूचना के बाद टीला रोड तिराहे पर पुलिस बल तैनात कर चेकिंग लगाई गई। झाँसी की तरफ से आ रही उक्त कार के चालक ने पुलिस को देखते ही गाड़ी को गलत दिशा में तेजी से भगाना शुरू कर दिया, जिसका पुलिस ने पीछा किया। चालक कार को आईटीबीपी बाउंड्री के पीछे कलोथरा पथरीले क्षेत्र में ले गया, जहाँ कार एक पत्थर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। चालक कार को वहीं छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने कार की डिग्गी खोलकर जाँच की तो उसमें 11 पेटी देशी प्लेन मदिरा पाई गईं, जिसमें प्रत्येक पेटी में 50-50 क्वाटर यानी कुल 550 क्वाटर थे। यह कुल 99 बल्क लीटर शराब थी, जिसकी कीमत ₹55,000 आँकी गई है। आरोपी का कृत्य आबकारी एक्ट की धारा 34 (2) के तहत दंडनीय पाया गया, जिसके चलते आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 415/26 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। कार क्रमांक UP 15 DD 4002 का रजिस्ट्रेशन हृदेश राजपूत, निवासी रक्सा, झांसी के नाम पर पाया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। जब्त किए गए माल में ₹55,000 की शराब और ₹6 लाख की स्विफ्ट डिजायर कार शामिल है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा, निरीक्षक श्री विनोद छावई, उपनिरीक्षक राजकुमार चाहर, प्रधान आरक्षक 689 वीरेंद्र सिंह, आरक्षक 338 हरेंद्र गुर्जर, आरक्षक 1165 मतस्येंद्र गुर्जर और आरक्षक 847 शिवम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भुटिया के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत करैरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पेटी देशी प्लेन शराब और एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मारुति स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक UP 15 DD 4002 में अवैध शराब लेकर झांसी से शिवपुरी की ओर आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान संदिग्ध कार दिखाई देने पर चालक ने पुलिस को देखकर वाहन को तेज गति से गलत दिशा में भगाने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा किया तो चालक कार को आईटीवी की बाउंड्री के पीछे स्थित पथरीले क्षेत्र में ले गया, जहां वाहन पत्थर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। आगे रास्ता बंद होने पर चालक कार छोड़कर चाबी सहित मौके से फरार हो गया। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से 11 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसमें प्रत्येक पेटी में 50-50 क्वार्टर रखे थे। कुल 550 क्वार्टर (99 बल्क लीटर) शराब की कीमत करीब 55 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने अवैध शराब और कार को जब्त कर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 415/26 के तहत धारा 34(2) आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वाहन के रजिस्ट्रेशन की जांच में कार हृदेश राजपूत निवासी रक्सा, झांसी के नाम पर पंजीकृत पाई गई है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है।1
- करेरा नगर परिषद द्वारा मंडी से झांसी तिराहे तक कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और ठेकेदार को नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि नाले के निर्माण में मानक गुणवत्ता की सरिया का उपयोग नहीं किया जा रहा है, और रेत की जगह घटिया सामग्री 'डस्ट' का इस्तेमाल हो रहा है। इससे नाले की मजबूती और गुणवत्ता पर गहरा प्रश्नचिह्न लग गया है। नागरिकों ने इस कार्य की निष्पक्ष जांच और निर्माण सामग्री के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि इन गंभीर शिकायतों के बावजूद, संबंधित अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और अधिक गहरी हो गई है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।2
- शिवपुरी जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, करैरा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान, पुलिस ने झांसी से शिवपुरी की ओर लाई जा रही 11 पेटी देशी प्लेन शराब और उसे ले जा रही एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक UP15DD4002) को जब्त किया। हालांकि, कार का चालक मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में चल रहे 'जीरो टॉलरेंस अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिलेभर में अवैध मादक पदार्थ, जुआ, सट्टा, अवैध हथियार, खनन परिवहन और अवैध शराब जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव मुले और एसडीओपी पिछोर श्री प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में, करैरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उक्त कार में अवैध शराब लाई जा रही है। सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान, संदिग्ध कार को देख चालक ने पुलिस से बचने के लिए कार को रॉन्ग साइड से तेज गति में भगाने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा किया तो चालक कार को आईटीवी की बाउंड्री के पीछे कलोथरा क्षेत्र के पथरीले इलाके में ले गया। वहां कार एक पत्थर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार की तलाशी ली तो उसकी डिग्गी से 11 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसमें प्रत्येक पेटी में 50-50 क्वार्टर थे। कुल 550 क्वार्टर (99 बल्क लीटर) शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, लगभग 6 लाख रुपये कीमत की मारुति स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस ने फरार आरोपी चालक के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वाहन के पंजीकरण की जांच में यह कार हृदेश राजपूत निवासी रक्सा, झांसी के नाम पर दर्ज पाई गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई, उपनिरीक्षक राजकुमार चाहर, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह और पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1