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जनपद में गन्ना मूल्य भुगतान में ऐतिहासिक वृद्धि, किसानों को मिला सीधा लाभ बदायूं 20 अप्रैल। जनपद बदायूं में गन्ना किसानों के हित में विगत वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मार्च 2012 से मार्च 2017 की अवधि की तुलना में अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक गन्ना मूल्य भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य जहां कुल 84,509 गन्ना किसानों को लगभग 673.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं वर्ष 2017 से दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,32,450 किसानों तक पहुंच गई है। इस अवधि में कुल गन्ना मूल्य भुगतान बढ़कर लगभग 1173.34 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि न केवल भुगतान की मात्रा में बल्कि लाभार्थी किसानों की संख्या में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। गन्ना मूल्य भुगतान की यह प्रगति सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध भुगतान प्रणाली का परिणाम है। पहले जहां किसानों को अपने भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब डिजिटल एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। इस दौरान गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार, उन्नत बीजों की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं में सुधार तथा किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि देखने को मिली है। इसके अतिरिक्त, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर संवाद स्थापित किया गया है। मिलों के साथ समन्वय बनाकर भुगतान में देरी को न्यूनतम करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, गन्ना सर्वेक्षण एवं पर्ची वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गन्ना मूल्य भुगतान में यह वृद्धि न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों के पास बढ़ी हुई क्रय शक्ति से स्थानीय बाजारों में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर उनका पूरा भुगतान सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भविष्य में भी गन्ना किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय में निरंतर वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

3 hrs ago
user_संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
पत्रकारिता Budaun, Uttar Pradesh•
3 hrs ago

जनपद में गन्ना मूल्य भुगतान में ऐतिहासिक वृद्धि, किसानों को मिला सीधा लाभ बदायूं 20 अप्रैल। जनपद बदायूं में गन्ना किसानों के हित में विगत वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मार्च 2012 से मार्च 2017 की अवधि की तुलना में अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक गन्ना मूल्य भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ता आई है। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य जहां कुल 84,509 गन्ना किसानों को लगभग 673.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं वर्ष 2017 से दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,32,450 किसानों तक पहुंच गई है। इस अवधि में कुल गन्ना मूल्य भुगतान बढ़कर लगभग 1173.34 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि न केवल भुगतान की मात्रा में बल्कि लाभार्थी किसानों की संख्या में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। गन्ना मूल्य भुगतान की यह प्रगति सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था एवं समयबद्ध भुगतान प्रणाली का परिणाम है। पहले जहां किसानों को अपने भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब डिजिटल एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया गया है। इस दौरान गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार, उन्नत बीजों की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं में सुधार तथा किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि देखने को मिली है। इसके अतिरिक्त, किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर संवाद स्थापित किया गया है। मिलों के साथ समन्वय बनाकर भुगतान में देरी को न्यूनतम करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, गन्ना सर्वेक्षण एवं पर्ची वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गन्ना मूल्य भुगतान में यह वृद्धि न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों के पास बढ़ी हुई क्रय शक्ति से स्थानीय बाजारों में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर उनका पूरा भुगतान सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भविष्य में भी गन्ना किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आय में निरंतर वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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  • गरीब किशोर की पिटाई का वीडियो वायरल, दारोगा शैलेन्द्र सिंह सस्पेंड बस्ती, उत्तर प्रदेश: जनपद बस्ती में एक गरीब किशोर के साथ पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले एक किशोर को दारोगा शैलेन्द्र सिंह ने बेरहमी से पीट दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दारोगा ने किशोर को ठेला हटाने का आदेश दिया था, लेकिन जब बच्चे ने ठेला नहीं हटाया तो वह आगबबूला हो गया और उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद किशोर घंटों तक रोता रहा, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दारोगा शैलेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: यह घटना पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब पीड़ित एक नाबालिग और गरीब परिवार से हो। वहीं, वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जा रही है।
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    गरीब किशोर की पिटाई का वीडियो वायरल, दारोगा शैलेन्द्र सिंह सस्पेंड
बस्ती, उत्तर प्रदेश:
जनपद बस्ती में एक गरीब किशोर के साथ पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले एक किशोर को दारोगा शैलेन्द्र सिंह ने बेरहमी से पीट दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दारोगा ने किशोर को ठेला हटाने का आदेश दिया था, लेकिन जब बच्चे ने ठेला नहीं हटाया तो वह आगबबूला हो गया और उसकी पिटाई कर दी। घटना के बाद किशोर घंटों तक रोता रहा, जिसका वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दारोगा शैलेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
यह घटना पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब पीड़ित एक नाबालिग और गरीब परिवार से हो। वहीं, वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जा रही है।
    user_Bhoodev Parsad
    Bhoodev Parsad
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ब्रेकिंग न्यूज | लोकेशन बदायूं संवाददाता मुनेन्द्र शर्मा पत्रकार शादी समारोह से अपहृत 1 वर्षीय मासूम 48 घंटे में सकुशल बरामद 5 अपहरणकर्ता गिरफ्तार, खरीद-फरोख्त का खुलासा बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने महज 2 दिन में खुलासा कर दिया। शादी समारोह से अगवा किए गए 1 साल के मासूम सौरभ को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पूरा मामला 16 अप्रैल की रात मोनार्क फार्म हाउस में शादी समारोह के दौरान एक महिला ने कमरे में सो रहे मासूम को चुपचाप उठा लिया और फरार हो गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस और CCTV फुटेज के जरिए पुलिस ने एक संदिग्ध डिजायर कार (DL1ZC2948) को ट्रेस किया। जांच आगे बढ़ी तो पूरा गिरोह सामने आ गया। 70 हजार में बेचने की थी साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि मासूम को 70,000 रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। आरोपी दंपति संतान न होने के कारण बच्चे को खरीद रहे थे और 20,000 रुपये एडवांस भी दे चुके थे। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है: वहीं बरेली डीआईजी सफल अनावरण करने वाली टीम के लिए 50000 रुपए इनाम की भी की घोषणा
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    ब्रेकिंग न्यूज | 
लोकेशन बदायूं 
संवाददाता  मुनेन्द्र शर्मा पत्रकार 
शादी समारोह से अपहृत 1 वर्षीय मासूम 48 घंटे में सकुशल बरामद
5 अपहरणकर्ता गिरफ्तार, खरीद-फरोख्त का खुलासा
बदायूं के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने महज 2 दिन में खुलासा कर दिया। शादी समारोह से अगवा किए गए 1 साल के मासूम सौरभ को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।
पूरा मामला 16 अप्रैल की रात मोनार्क फार्म हाउस में शादी समारोह के दौरान एक महिला ने कमरे में सो रहे मासूम को चुपचाप उठा लिया और फरार हो गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सर्विलांस और CCTV फुटेज के जरिए पुलिस ने एक संदिग्ध डिजायर कार (DL1ZC2948) को ट्रेस किया। जांच आगे बढ़ी तो पूरा गिरोह सामने आ गया।
70 हजार में बेचने की थी साजिश
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मासूम को 70,000 रुपये में बेचने का सौदा किया गया था। आरोपी दंपति संतान न होने के कारण बच्चे को खरीद रहे थे और 20,000 रुपये एडवांस भी दे चुके थे।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
वहीं बरेली डीआईजी सफल अनावरण करने वाली टीम के लिए 50000 रुपए इनाम की भी की घोषणा
    user_Munendra Sharma
    Munendra Sharma
    Newspaper publisher बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस, सपा विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण :- केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा कांग्रेस,सपा, विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ किया विश्वासघात :- बी.एल. वर्मा विपक्ष ने फिर साबित किया, महिलाओं के मुद्दे पर भरोसे लायक नहीं :- बी.एल. वर्मा महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा बनना दुर्भाग्यपूर्ण :- बी.एल. वर्मा बदायूँ l बदायूँ स्थित फॉर लीफ होटल में विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता को माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने संबोधित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की महिला-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इन दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते ने कहा समाजवादी पार्टी जैसे दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर पूरी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक बहाना मात्र है। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी दल देश की आधी आबादी की नजरों में भी गिर गए। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी संसद में विपक्ष के इस शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण की कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जब भी महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। आगे कहा ये दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने स्पष्ट किया है, कि यह राजनीति का समय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में निर्णय लेने का समय है। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक रोके रखा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जब सभी दल एक साथ आते हैं, तो ऐसे मुद्दे राजनीतिक नहीं रह जाते, बल्कि देश के हित में निर्णय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत और दलगत हितों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब विपक्षी दलों ने चुनावी दबाव में उसका समर्थन किया, लेकिन जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तो उनकी महिला-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी है कि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। आज लाखों महिलाएं गांवों में पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं और निर्णय ले रही हैं, और अब वे संसद और विधानसभाओं में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस ऐतिहासिक अवसर को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रगति का गला घोंटना है, और इसके जिम्मेदार लोगों को हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। आगे कहा इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के झूठ के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने आगे कहा इन विधेयकों का मूल उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे लंबे समय से टाला गया, जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है। आगे कहा गृहमंत्री ने साफ किया है, कि कांग्रेस, सपा और उसके सहयोगियों का विरोध प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति उनकी असहमति से प्रेरित है, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, कि जिन्होंने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया और तीन तलाक जैसी प्रथा का समर्थन किया, वे महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के विचार को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ आगे कहा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नही करता। उन्होंने कहा कांग्रेस सपा, विपक्ष को लगता है, कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती है। साथ ही कहा यह केवल एक विधेयक का विरोध नही था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अचल शर्मा आदि मीडिया बंधु उपस्थित रहे।
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    महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस, सपा विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण :- केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा
कांग्रेस,सपा, विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ किया विश्वासघात :- बी.एल. वर्मा
विपक्ष ने फिर साबित किया, महिलाओं के मुद्दे पर भरोसे लायक नहीं :- बी.एल. वर्मा
महिलाओं को उनका अधिकार देने में बाधा बनना दुर्भाग्यपूर्ण :- बी.एल. वर्मा
बदायूँ l बदायूँ स्थित फॉर लीफ होटल में विपक्ष द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता को माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने संबोधित किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा 16 और 17 अप्रैल को संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों की महिला-विरोधी मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। इन दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें आने वाले समय में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते ने कहा समाजवादी पार्टी जैसे दल कोटा के भीतर धर्म-आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर पूरी प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहे हैं, जो तुष्टिकरण और ध्यान भटकाने का एक बहाना मात्र है। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इन महिला-विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। 
उन्होंने आगे कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर हुई चर्चा देश के लोकतांत्रिक भविष्य और महिलाओं की भागीदारी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन इन दो दिनों में केवल एक विधेयक ही नहीं गिरा, बल्कि विपक्षी दल देश की आधी आबादी की नजरों में भी गिर गए। आगे कहा भारतीय जनता पार्टी संसद में विपक्ष के इस शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी आचरण की कड़ी निंदा करती है। इन दलों ने केवल विधेयकों का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जब भी महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की बात आती है, ये दल राजनीतिक बहानों और देरी का सहारा लेते हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। आगे कहा ये दल लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण के कारण महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने स्पष्ट किया है, कि यह राजनीति का समय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में निर्णय लेने का समय है। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देना आवश्यक है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक रोके रखा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि जब सभी दल एक साथ आते हैं, तो ऐसे मुद्दे राजनीतिक नहीं रह जाते, बल्कि देश के हित में निर्णय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी सांसदों से व्यक्तिगत और दलगत हितों से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब विपक्षी दलों ने चुनावी दबाव में उसका समर्थन किया, लेकिन जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तो उनकी महिला-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी है कि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। आज लाखों महिलाएं गांवों में पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं और निर्णय ले रही हैं, और अब वे संसद और विधानसभाओं में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस ऐतिहासिक अवसर को टालना केवल विधायी देरी नहीं, बल्कि सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रगति का गला घोंटना है, और इसके जिम्मेदार लोगों को हर चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। आगे कहा इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के झूठ के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा इन विधेयकों का मूल उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के संवैधानिक सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है, जिसे लंबे समय से टाला गया, जिससे प्रतिनिधित्व में गंभीर असंतुलन उत्पन्न हुआ है। आगे कहा गृहमंत्री ने साफ किया है, कि कांग्रेस, सपा और उसके सहयोगियों का विरोध प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं को आरक्षण देने के मूल विचार के प्रति उनकी असहमति से प्रेरित है, उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, कि जिन्होंने शाह बानो मामले में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया और तीन तलाक जैसी प्रथा का समर्थन किया, वे महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने के विचार को स्वीकार नहीं कर सकते। साथ आगे कहा महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की इस साजिश में समाजवादी पार्टी ने भी धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर खतरनाक कदम उठाया है, जबकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नही करता। उन्होंने कहा कांग्रेस सपा, विपक्ष को लगता है, कि वह तकनीकी बहानों से जनता को भ्रमित कर सकता है, लेकिन आज की महिलाएं सब समझती है। साथ ही कहा यह केवल एक विधेयक का विरोध नही था, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विपक्ष की हताशा का प्रदर्शन था।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा अमिता उपाध्याय, जिला महामंत्री एमपी सिंह राजपूत, जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अनुभव उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अचल शर्मा आदि मीडिया बंधु उपस्थित रहे।
    user_संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
    संजय शर्मा पत्रकार बदायूं उत्तर प्रदेश
    पत्रकारिता Budaun, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • gram kailee post kunwargaon budaun ye hamare gaon ka sarkari nal hai jiske liye pani nikalne ke liye nali nahi bani hai or hamare gaon ka pradhan bhi nahi sunta hamari kripa karke hamare sarkari nal ki nali ban bane ki kripa kare aapki mahan kripa hogi my name vipin kumar prajapati
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    gram kailee post kunwargaon budaun 
ye hamare gaon ka sarkari nal hai jiske liye pani nikalne ke liye nali nahi bani hai or hamare gaon ka pradhan bhi nahi sunta hamari 
kripa karke hamare sarkari nal ki nali ban bane ki kripa kare 
aapki mahan kripa hogi 
my name vipin kumar prajapati
    user_Vipin kumar prajapati
    Vipin kumar prajapati
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बदायूं की पुलिस ने आगरा से सकुशल बरामद किया अगवा किया गया एक साल का मासूम, पांच गिरफ्तार बदायूं। जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से दो दिन पहले एक मैरिज हाल से चोरी किया गया बच्चा पुलिस ने आगरा जनपद से सकुशल बरामद कर लिया है इस मामले में एक नर्स समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्चें को किसी निसंतान दंपति को 70 हजार में बेंचने की योजना थी जिसके लिए 20 हजार रुपया आरोपियों को मिल चुका था। बदायूं पुलिस ने इस्लामनगर के मैरिज हाल से शादी समारोह के दौरान कमरे में सो रहा एक बच्चें को अज्ञात युवती चोरी कर अपने साथ ले गई थी। बच्चा चोरी की जानकारी जब मां और उसके परिजनों को मिली तब कोहराम मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चा और बच्चा चोर महिला की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंच कर आगरा से बच्चा सकुशल बरामद कर लिया और आरोपियों को बंदी बना कर जेल भेज दिया गया। यह जानकारी एसएसपी अंकिता शर्मा ने दी।
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    बदायूं की पुलिस ने आगरा से सकुशल बरामद किया अगवा किया गया एक साल का मासूम, पांच गिरफ्तार
बदायूं। जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से दो दिन पहले एक मैरिज हाल से चोरी किया गया बच्चा पुलिस ने आगरा जनपद से सकुशल बरामद कर लिया है इस मामले में एक नर्स समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्चें को किसी निसंतान दंपति को 70 हजार में बेंचने की योजना थी जिसके लिए 20 हजार रुपया आरोपियों को मिल चुका था। 
बदायूं पुलिस ने इस्लामनगर के मैरिज हाल से शादी समारोह के दौरान कमरे में सो रहा एक बच्चें को अज्ञात युवती चोरी कर अपने साथ ले गई थी। बच्चा चोरी की जानकारी जब मां और उसके परिजनों को मिली तब कोहराम मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्चा और बच्चा चोर महिला की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंच कर आगरा से बच्चा सकुशल बरामद कर लिया और आरोपियों को बंदी बना कर जेल भेज दिया गया। यह जानकारी एसएसपी अंकिता शर्मा ने दी।
    user_Pawan Verma Press Reporter
    Pawan Verma Press Reporter
    पत्रकार बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बदायूं बदायूं मुरादाबाद हाईवे थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव भगवतीपुर के निकट रविवार शाम के समय शादी समारोह से घर वापस लौट रहे वाइक सवार दम्पति को अज्ञात वाहन ने कुचला मौके पर पति पत्नी की मौत खास वात यह समय पर फोन करने पर नही पहुंची एम्बुलेंस काफी देर रोड पर पड़े रहे पति पत्नी मजबूरन में पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली मंगवा कर दोनों को ट्रैक्टर ट्राली में लादकर अस्पताल पहुंचाया
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    बदायूं
बदायूं मुरादाबाद हाईवे थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव भगवतीपुर के निकट रविवार शाम के समय शादी समारोह से घर वापस लौट रहे वाइक सवार दम्पति को अज्ञात वाहन ने कुचला मौके पर पति पत्नी की मौत खास 
वात यह समय पर फोन करने पर नही पहुंची एम्बुलेंस 
काफी देर रोड पर पड़े रहे पति पत्नी
मजबूरन में पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली मंगवा कर दोनों को ट्रैक्टर ट्राली में लादकर अस्पताल पहुंचाया
    user_Budaun talks Digital Media
    Budaun talks Digital Media
    Newspaper publisher बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बदायूं में दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में दूसरा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय शाने अली के रूप में हुई है।दातागंज कोतवाली क्षेत्र के फिरोजपुर गांव निवासी शाने अली अपनी मां को कादरचौक थाना क्षेत्र के भमुईया गांव स्थित बहन के घर छोड़कर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान कादरचौक क्षेत्र के रमजानपुर असरासी रोड पर धर्मकांटे के आगे विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य बाइक सवार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने शाने अली को मृत घोषित कर दिया।दूसरे घायल बाइक सवार की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने शाने अली के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
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    बदायूं में दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में दूसरा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय शाने अली के रूप में हुई है।दातागंज कोतवाली क्षेत्र के फिरोजपुर गांव निवासी शाने अली अपनी मां को कादरचौक थाना क्षेत्र के भमुईया गांव स्थित बहन के घर छोड़कर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान कादरचौक क्षेत्र के रमजानपुर असरासी रोड पर धर्मकांटे के आगे विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य बाइक सवार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने शाने अली को मृत घोषित कर दिया।दूसरे घायल बाइक सवार की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने शाने अली के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
    user_Mahesh Pal Gautam
    Mahesh Pal Gautam
    Advertising agency दातागंज, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    36 min ago
  • फरसा-डंडा लहराने पर कार्रवाई की चेतावनी खबर: मेरठ में परशुराम जयंती के मौके पर निकाली जा रही शौर्य यात्रा के दौरान हथियार लहराने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग फरसा और डंडे लहरा रहे हैं, उनकी फोटोग्राफी की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को तुरंत सभी डंडे नीचे कराने के निर्देश दिए और कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहार और जुलूस शांति और मर्यादा के साथ ही मनाए जाएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    फरसा-डंडा लहराने पर कार्रवाई की चेतावनी
खबर:
मेरठ में परशुराम जयंती के मौके पर निकाली जा रही शौर्य यात्रा के दौरान हथियार लहराने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी एसपी सुचिता सिंह ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग फरसा और डंडे लहरा रहे हैं, उनकी फोटोग्राफी की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को तुरंत सभी डंडे नीचे कराने के निर्देश दिए और कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहार और जुलूस शांति और मर्यादा के साथ ही मनाए जाएं, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_Bhoodev Parsad
    Bhoodev Parsad
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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