हरसूद विधानसभा क्षेत्र में आशापुर और बाराजोशी के बीच निर्माणाधीन नेशनल हाईवे 347B की फोरलेन सड़क अपनी गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस सड़क का अभी औपचारिक लोकार्पण भी नहीं हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कई स्थानों पर सड़क की डामर की परत उखड़ने लगी है, किनारों पर कटाव हो रहा है और सतह कमजोर पड़ गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि यह सड़क पहली बारिश का दबाव नहीं झेल पा रही है, तो भविष्य में भारी वाहनों के आवागमन के दौरान इसकी स्थिति और भी बदतर हो सकती है। यह मार्ग हरसूद क्षेत्र के औद्योगिक, कृषि और व्यापारिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए लोग सार्वजनिक धन के इस तरह के उपयोग और निर्माण में बरती गई कथित लापरवाही से नाराज हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भी, शुरुआती बारिश में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण सामग्री या तकनीकी प्रक्रिया में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। अब स्थानीय लोग और क्षेत्रवासी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से तत्काल निरीक्षण और स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का आग्रह है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल, लोगों को उम्मीद है कि विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाएगा ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ क्षेत्र को मिल सके।
हरसूद विधानसभा क्षेत्र में आशापुर और बाराजोशी के बीच निर्माणाधीन नेशनल हाईवे 347B की फोरलेन सड़क अपनी गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस सड़क का अभी औपचारिक लोकार्पण भी नहीं हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश ने निर्माण कार्यों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कई स्थानों पर सड़क की डामर की परत उखड़ने लगी है, किनारों पर कटाव हो रहा है और सतह कमजोर पड़ गई है। क्षेत्रवासियों
का कहना है कि यदि यह सड़क पहली बारिश का दबाव नहीं झेल पा रही है, तो भविष्य में भारी वाहनों के आवागमन के दौरान इसकी स्थिति और भी बदतर हो सकती है। यह मार्ग हरसूद क्षेत्र के औद्योगिक, कृषि और व्यापारिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए लोग सार्वजनिक धन के इस तरह के उपयोग और निर्माण में बरती गई कथित लापरवाही से नाराज हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भी, शुरुआती बारिश में सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण सामग्री या तकनीकी प्रक्रिया
में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। अब स्थानीय लोग और क्षेत्रवासी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से तत्काल निरीक्षण और स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का आग्रह है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल, लोगों को उम्मीद है कि विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाएगा ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का लाभ क्षेत्र को मिल सके।
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नाजिया इलाही नामक महिला पर इस्लाम धर्म और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कमेटी का कहना है कि इस प्रकार के बयानों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए कमेटी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1
- भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा के लोगों के लिए 'ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क' और 'आल न्यूज़ टाइम्स' अखबार से जुड़कर काम करने का सुनहरा अवसर है। इस न्यूज़ नेटवर्क को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सौगात मिली है, जिससे अब आपकी खबरें पूरी दुनिया में गूंजेंगी। इन दोनों ही मीडिया माध्यमों के लिए रिपोर्टर बनने का खुला आमंत्रण दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति सीधे एडिटर इन चीफ Masood javed Qadri से उनके मोबाइल नंबर 9424550560 पर संपर्क कर जुड़ सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के अंतर्गत खातेगांव में एक नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित बच्ची की मां ने अपनी बेटी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस मामले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।1
- सनावद में कुछ दिन पहले सामने आए लव जिहाद के एक मामले के विरोध में शुक्रवार को सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली मुरली मनोहर (बावड़ी) मंदिर परिसर से दोपहर 4 बजे शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों—सुभाष चौक, मोटका चौराहा और बस स्टैंड से होते हुए पुलिस थाना परिसर तक पहुंची। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जिन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस थाना परिसर में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी सत्यनारायण दर्रो को जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि युवतियों को प्रेम, विवाह या बेहतर भविष्य का झांसा देकर उनका शोषण किया जा रहा है और उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, कथित लैंड जिहाद के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि अपराध करने वालों की पहचान उनके धर्म से नहीं बल्कि उनके कृत्य से होनी चाहिए और कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। सकल हिंदू समाज ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन के माध्यम से रणनीति तैयार की जाएगी। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई इस रैली के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।4
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित दिशा समिति की बैठक से कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया है। बैठक के दौरान हुई तीखी बहस के बाद जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के दोनों विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील अपना अपमान किए जाने से नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने इस दिशा बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस बैठक में भोपाल मास्टर प्लान को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।1