नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास - 4 लाख 80 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास - 4 लाख 80 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई बारां, 11 मई। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोक्सो-1 बारां सोनिया बेनीवाल (अतिरिक्त प्रभार) ने नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास की सजा सुनाई एवं 4 लाख 80 हजार के अर्थदंड का जुर्माना लगाया। विशेष लोक अभियोजक श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि पीडिता के पिता द्वारा 12 मई 2024 को अपनी पुत्री पीडिता के साथ थाने में उपस्थित अभियुक्तगणों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक 61/2024 थाना महिला थाना बारां में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 11.12.2024 को अभियुक्त भोजराज सुमन का मेरे मोबाइल पर रात्रि के समय फोन आया कि उसने मुझे कहा कि मेरी लडकी से वह दोबारा मिलना चाहता है इस पर पीडिता के पिता ने कहा कि तु कैसी बात कर रहा है। तो अभियुक्त भोजराज ने जवाब दिया कि तेरी लडकी से मिलने की याद आ रही है। इस पर पीडिता के पिता ने अपनी पुत्री से सुबह पूछा तो उसने बताया कि 12.05.2024 को मैं दिन में साढे 11 बजे अंबेडकर सर्किल बारां पर गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी तो उसी गांव का अभियुक्त बंटी सुमन मोटरसाइकिल से आया और उसने पूछा कहा जा रही है तो पीडिता ने कहा कि मैं अपने नानी के गांव जा रही हूं तो अभियुक्त बंटी सुमन बोला मैं भी वहीं जा रहा हूं तेरे को वहां छोड दूंगा तो पीडिता उसी गांव का बंटी सुमन होने के कारण उसकी मोटरसाइकिल पर बैठ गई, जिसे बंटी सुमन शाहाबाद रोड की तरफ कच्चे रास्ते पर ले जा रहा था तो रास्ते में बंटी सुमन ने मोटरसाइकिल रोक दी और पीडिता से कहा पानी पीले तो पीडिता ने मना किया कि मुझे प्यास नहीं है फिर भी बंटी सुमन ने एक पानी की बोतल, जिसमें पानी जैसा भरा था उसने जबरदस्ती पिला दिया और उसी समय भोजराज माली भी वहां आ गया। दोनों आपस में धीरे-धीरे बात कर रहे थे। इस लडकी को कमरे में ले चले और दोनों उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर बरडिया बालाजी की तरफ एक कमरे में ले गए। पीडिता को थोडा नशा आ रहा था। तभी पीडिता को कमरे पर ले गए, जिसके बाद पीडिता बेहोश हो गई और जब उसे होश आया तो वह कमरे में लेटी हुई थी, उसके कपडे खुले हुए थे.......। इस पर पुलिस थाना महिला थाना बारां द्वारा प्रकरण संख्या 61/2024 धारा 363, 376, 376(3) भादसं व धारा 3/4, 11/12 पोक्सो एक्ट में पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया। अनुसंधान प्रमाणित होने पर अभियुक्तगण बंटी उर्फ रामेश्वर, भोजराज सुमन को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय में दोनों अभियुक्त के विरूद्ध चालान पेश किया गया। बाद विचारण न्यायालय में करीब 20 गवाह पेश हुए। तत्पश्चात न्यायालय ने सुनवाई के उपरांत अभियुक्तगणों को 363, 366, 376(3) भादस, 5/6, 11/12 में दोषी मानते हुए धारा 363 में तीन साल की व 20 हजार जुर्माना, 366 में 3 साल की सजा व 20 हजार रूपए जुर्माना एवं 376(3) एवं 5/6 पोक्सो में आजीवन कारावास, शेष जीवन प्राकृतिक काल के लिए व एक लाख जुर्माना की सजा सुनाई गई। 11/12 पोक्सो में 3 साल की सजा व 20 हजार रूपए के जुर्माना से दंडित किया।
नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास - 4 लाख 80 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास - 4 लाख 80 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई बारां, 11 मई। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोक्सो-1 बारां सोनिया बेनीवाल (अतिरिक्त प्रभार) ने नाबालिग बालिका का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपीगणों को आजीवन कारावास (आजीवन शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए) कारावास की सजा सुनाई एवं 4 लाख 80 हजार के अर्थदंड का जुर्माना लगाया। विशेष लोक अभियोजक श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि पीडिता के पिता द्वारा 12 मई 2024 को अपनी पुत्री पीडिता के साथ थाने में उपस्थित अभियुक्तगणों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक 61/2024 थाना महिला थाना बारां में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 11.12.2024 को अभियुक्त भोजराज सुमन का मेरे मोबाइल पर रात्रि के समय फोन आया कि उसने मुझे कहा कि मेरी लडकी से वह दोबारा मिलना चाहता है इस पर पीडिता के पिता ने कहा कि तु कैसी बात कर रहा है। तो अभियुक्त भोजराज ने जवाब दिया कि तेरी लडकी से मिलने की याद आ रही है। इस पर पीडिता के पिता ने अपनी पुत्री से सुबह पूछा तो उसने बताया कि 12.05.2024 को मैं दिन में साढे 11 बजे अंबेडकर सर्किल बारां पर गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी तो उसी गांव का अभियुक्त बंटी सुमन मोटरसाइकिल से आया और उसने पूछा कहा जा रही है तो पीडिता ने कहा कि मैं अपने नानी के गांव जा रही हूं तो अभियुक्त बंटी सुमन बोला मैं भी वहीं जा रहा हूं तेरे को वहां छोड दूंगा तो पीडिता उसी गांव का बंटी सुमन होने के कारण उसकी मोटरसाइकिल पर बैठ गई, जिसे बंटी सुमन शाहाबाद रोड की तरफ कच्चे रास्ते पर ले जा रहा था तो रास्ते में बंटी सुमन ने मोटरसाइकिल रोक दी और पीडिता से कहा पानी पीले तो पीडिता ने मना किया कि मुझे प्यास नहीं है फिर भी बंटी सुमन ने एक पानी की बोतल, जिसमें पानी जैसा भरा था उसने जबरदस्ती पिला दिया और उसी समय भोजराज माली भी वहां आ गया। दोनों आपस में धीरे-धीरे बात कर रहे थे। इस लडकी को कमरे में ले चले और दोनों उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर बरडिया बालाजी की तरफ एक कमरे में ले गए। पीडिता को थोडा नशा आ रहा था। तभी पीडिता को कमरे पर ले गए, जिसके बाद पीडिता बेहोश हो गई और जब उसे होश आया तो वह कमरे में लेटी हुई थी, उसके कपडे खुले हुए थे.......। इस पर पुलिस थाना महिला थाना बारां द्वारा प्रकरण संख्या 61/2024 धारा 363, 376, 376(3) भादसं व धारा 3/4, 11/12 पोक्सो एक्ट में पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया। अनुसंधान प्रमाणित होने पर अभियुक्तगण बंटी उर्फ रामेश्वर, भोजराज सुमन को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय में दोनों अभियुक्त के विरूद्ध चालान पेश किया गया। बाद विचारण न्यायालय में करीब 20 गवाह पेश हुए। तत्पश्चात न्यायालय ने सुनवाई के उपरांत अभियुक्तगणों को 363, 366, 376(3) भादस, 5/6, 11/12 में दोषी मानते हुए धारा 363 में तीन साल की व 20 हजार जुर्माना, 366 में 3 साल की सजा व 20 हजार रूपए जुर्माना एवं 376(3) एवं 5/6 पोक्सो में आजीवन कारावास, शेष जीवन प्राकृतिक काल के लिए व एक लाख जुर्माना की सजा सुनाई गई। 11/12 पोक्सो में 3 साल की सजा व 20 हजार रूपए के जुर्माना से दंडित किया।
- राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और सांसद दुष्यंत सिंह का भव्य स्वागत किया गया। धौलपुर से बारां जाते समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राजे को क्षेत्र की समस्याएं बताईं, जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।1
- छीपाबड़ौद क्षेत्र में अब शरीर और मन को लचीला बनाने का एक बेहद सरल तरीका उपलब्ध है। यह विधि इतनी आसान है कि कोई भी इसे सीखकर अपने जीवन में अपना सकता है। स्वस्थ रहने के लिए इस सरल तरीके को सीखने और साझा करने की अपील की गई है।1
- भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अल्का मूंदड़ा ने छीपाबड़ौद में पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आगामी समय में संगठन को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में मंडल अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- गुना #क्या_पुलिस_वाले_इंसान_नहीं_होते❓ चिलचिलाती धूप, तपती सड़कें और पसीने से तरबतर वर्दी…फिर भी महिला और पुरुष पुलिसकर्मी बिना रुके दौड़ते हुए अपने नेताओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। कर्तव्य निभाना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन उनकी सेहत और मानवीय संवेदनाओं का ख्याल रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। माननीय मुख्यमंत्री जी भीषण गर्मी में इस तरह रोड शो करने से बचें ताकि सुरक्षा में लगे जवानों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।वो कहेंगे नहीं मगर उनकी तकलीफ को समझिए1
- CM डॉ. मोहन यादव ने 2 मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश और वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। वहीं, 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारत में चीतों की संख्या अब 57 पहुंच गई है।1
- श्योपुर दरवाजा के पास स्थित जमात खाने में एक शादी समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर परिवारजनों ने नवविवाहित जोड़े को सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। बल्लू टी स्टॉल, श्योपुर ने भी सभी मेहमानों और परिवार को हार्दिक बधाई दी।1
- बारां के शाहबाद में मुंडियर वन क्षेत्र में चार नन्हे शावकों के साथ एक मादा भालू देखी गई। यह नजारा बेहद दुर्लभ है क्योंकि आमतौर पर भालू एक से तीन शावकों को ही जन्म देती है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।1
- बारां के छिपाबड़ौद स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में वहां भस्त्रिका प्राणायाम का विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किया गया। यह पहल आगामी बड़े आयोजन के लिए स्थानीय लोगों के उत्साह को दर्शाती है।1
- प्रोजेक्ट चीता को मिली नई रफ्तार… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने आज श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े से दो मादा चीतों को खुले जंगल में मुक्त किया। बोत्सवाना से लाए गए ये चीते क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कूनो के जंगलों में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे। Dr Mohan Yadav#1