भीलवाड़ा ने खोया कचौरी के बेमिसाल स्वाद का उस्ताद स्वर्गीय पप्पू प्रजापत के निधन से शहर में शोक की लहर, यादों में हमेशा जिंदा रहेगा उनकी कचौरी का स्वाद भीलवाड़ा। शहर ने मंगलवार को एक ऐसे शख्स को खो दिया, जिन्होंने अपनी मेहनत, सादगी और बेहतरीन स्वाद के दम पर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। शाहपुरा शहर से भीलवाड़ा आकर छोटी-सी केबिन और थैले से कचौरी का व्यवसाय शुरू करने वाले स्वर्गीय पप्पू जी प्रजापत आज भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके हाथों की बनी कचौरी का स्वाद और उनकी आत्मीय मुस्कान शहरवासियों की यादों में हमेशा जिंदा रहेगी। पप्पू प्रजापत ने अपने जीवन में मेहनत को ही अपनी पहचान बनाया। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनके हाथों के स्वाद ने धीरे-धीरे लोगों के बीच ऐसी पहचान बनाई कि उनकी कचौरी के मुरीद दूर-दूर तक हो गए। उनकी कचौरी का स्वाद सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए वर्षों पुरानी यादों का हिस्सा बन चुका था। सुबह-सुबह उनकी दुकान पर लगने वाली ग्राहकों की भीड़, गर्मागर्म कचौरी व मिर्ची बड़े की खुशबू और ग्राहकों से उनका आत्मीय व्यवहार आज भी उनके चाहने वालों को याद आ रहा है। उन्होंने अपने स्वाद और व्यवहार से ग्राहकों को सिर्फ ग्राहक नहीं माना, बल्कि उनसे एक पारिवारिक रिश्ता कायम किया। वर्षों तक उनकी दुकान पर कचौरी का स्वाद लेने वाले लोगों के लिए प्रजापत का निधन बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति है। उनके निधन की खबर मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिचितों, मित्रों और उनके पुराने ग्राहकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनकी सादगी, मिलनसार स्वभाव, मेहनत और लाजवाब स्वाद को याद किया। पप्पू प्रजापत आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके हाथों की कचौरी का वह बेमिसाल स्वाद, उनकी मेहनत की कहानी और लोगों के साथ उनका अपनापन हमेशा उनकी पहचान बनकर रहेगा। कुछ स्वाद जुबां से उतर जाते हैं, लेकिन कुछ स्वाद यादों में हमेशा के लिए बस जाते हैं—पप्पू कचौरी भी उन्हीं यादगार स्वादों में से एक थी।
भीलवाड़ा ने खोया कचौरी के बेमिसाल स्वाद का उस्ताद स्वर्गीय पप्पू प्रजापत के निधन से शहर में शोक की लहर, यादों में हमेशा जिंदा रहेगा उनकी कचौरी का स्वाद भीलवाड़ा। शहर ने मंगलवार को एक ऐसे शख्स को खो दिया, जिन्होंने अपनी मेहनत, सादगी और बेहतरीन स्वाद के दम पर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। शाहपुरा शहर से भीलवाड़ा आकर छोटी-सी केबिन और थैले से कचौरी का व्यवसाय शुरू करने वाले स्वर्गीय पप्पू जी प्रजापत आज भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके हाथों की बनी कचौरी का स्वाद और उनकी आत्मीय मुस्कान शहरवासियों की यादों में हमेशा जिंदा रहेगी। पप्पू प्रजापत ने अपने जीवन में मेहनत को ही अपनी पहचान बनाया। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनके हाथों के स्वाद ने धीरे-धीरे लोगों के बीच ऐसी पहचान बनाई कि उनकी कचौरी के मुरीद दूर-दूर तक हो गए। उनकी कचौरी का स्वाद सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए वर्षों पुरानी यादों का हिस्सा बन चुका था। सुबह-सुबह उनकी दुकान पर लगने वाली ग्राहकों की भीड़, गर्मागर्म कचौरी व मिर्ची बड़े की खुशबू और ग्राहकों से उनका आत्मीय व्यवहार आज भी उनके चाहने वालों को याद आ रहा है। उन्होंने अपने स्वाद और व्यवहार से ग्राहकों को सिर्फ ग्राहक नहीं माना, बल्कि उनसे एक पारिवारिक रिश्ता कायम किया। वर्षों तक उनकी दुकान पर कचौरी का स्वाद लेने वाले लोगों के लिए प्रजापत का निधन बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति है। उनके निधन की खबर मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिचितों, मित्रों और उनके पुराने ग्राहकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनकी सादगी, मिलनसार स्वभाव, मेहनत और लाजवाब स्वाद को याद किया। पप्पू प्रजापत आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके हाथों की कचौरी का वह बेमिसाल स्वाद, उनकी मेहनत की कहानी और लोगों के साथ उनका अपनापन हमेशा उनकी पहचान बनकर रहेगा। कुछ स्वाद जुबां से उतर जाते हैं, लेकिन कुछ स्वाद यादों में हमेशा के लिए बस जाते हैं—पप्पू कचौरी भी उन्हीं यादगार स्वादों में से एक थी।
- जैन तेरापंथ समाज में मनाया क्षमा याचना पर्व साध्वियां का हुआ मंगल प्रवचन जीव दया का दिया संदेश आसींद/ आसींद जैन समाज के सबसे पड़े पर्व पर्यूषण की समाप्ति के पश्चात आज आसींद कस्बे में जैन तेरापंथ समाज द्वारा क्षमा याचना पर्व मनाया गया,यह कार्यक्रम आसींद के सभा भवन में आयोजित हुआ जहां पर धर्म सभा को साध्वी श्री जसवती,साध्वी ऋषभ प्रभा,साध्वी अनेकांत प्रभा जी ने धर्म सभा को संबोधित किया और मौजूद जैन श्रावक श्राविकाओं को बताया की पर्यूषण पर्व आत्मा की शुद्धता एवं भगवान महावीर के सिद्धांत जीवों और जीने दो के संदेशों को अपनाने के लिए आमजन को प्रेरित करता हूं ताकि संसार में आमजन को अमन चैन शांति का संदेश देता है आसींद मंजूर 94138895964
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- छरे लगने से 20 साल का युवक घायल': पुलिस बोली फायरिंग संदीग्ध जांच जारी, तीन के खिलाफ मामला दर्ज भीलवाड़ा शहर के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के सांगानेर स्थित कीरो का खेड़ा इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में फायरिंग की घटना सामने आई है। घटना में 20 साल का युवक छरे लगने से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है पूरे मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार युवक गाड़ी लेने गया था उस दौरान फायरिंग हुई लखन कीर का कहना है कि मैं अपने पापा की गाड़ी लेने के लिए तस्वारिया रोड पर गया था। वहां कुछ लड़के बैठकर शराब पी रहे थे, उन्होंने मुझे गोली मार दी। वहां सोनू नानूराम और गोपाल तीनों बैठे हुए थे। इनकी मेरे पापा से भी बहस हुई थी। मैंने सुभाष नगर थाने में इनके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है l1
- महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर ☰ news24 logo Live TVn24app linkEnglish news24 logo होम लेटेस्ट न्यूज देश दुनिया खेल एंटरटेनमेंट Photos बिजनेस हेल्थ लाइफस्टाइल प्रदेश ऑटो ज्योतिष धर्म ओपीनियन More follow us on google news Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source English हिन्दी E24 Isomes लेटेस्ट न्यूज Live TV देश प्रदेश दुनिया खेल एंटरटेनमेंट Photos बिजनेस हेल्थ लाइफस्टाइल ऑटो गैजेट्स ट्रेंडिंग ओपीनियन धर्म शिक्षा वीडियो Upcoming Elections BRICSBigg Boss 20Weather देश महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में […] Edited By : Khushbu Goyal Updated: Sep 20, 2023 07:21 Share : fbtwitter whatsapp telegram Add news 24 as a Preferred Source Women's Reservation Bill 2023 Women's Reservation Bill 2023 ---विज्ञापन--- Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में कभी यह राज्यसभा में ही रिजेक्ट हो गया तो कभी लोकसभा में विरोध के कारण पास नहीं हो पाया। अब उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार इस बिल को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। वहीं बिल पास होते ही महिलाओं को काफी फायदा होगा। यह भी पढ़ें: 13 साल पहले मुलायम सिंह ने महिला आरक्षण बिल का किया था विरोध, जानिए अब कौन है खिलाफ में? महिला आरक्षण बिल से ये फायदे होंगे महिला आरक्षण बिल को 15 साल के लागू किया जाना है। इस बिल का लक्ष्य महिलाओं के लिए लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें आरक्षित करना है। बिल में 33 प्रतिशत कोटे में भी SCST, एंग्लो-इंडियन के लिए उप-आरक्षण के लिए भी सुझाव हैं। हर बार आम चुनाव के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट किए जाने का प्रावधान भी बिल में रहेगा, लेकिन इस बिल में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं है, जिस कारण विपक्षी दलों द्वारा इस बिल का विरोध किया जाता रहा है।3
- डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं।और मलेरिया के मच्छर गंदे पानी में। आपके घरों में कुलर फ्रिज गमले पक्षियों के पानी पीने के पात्र पशुओं के पानी पीने की प्याऊ घर के आसपास नालिया पानी की टंकियां पानी के टैंक या घर के आसपास कहीं पर भी पानी का गद्दा भरा हुआ मिले तो साफ सफाई जरूर रखें ताकि डेंगू या मलेरिया जैसे रोग से हमारे परिवार और हमारे पड़ोसी ना हो स्वस्थ रहें सुरक्षित रहे1
- चिकारड़ा में गणपति महोत्सव की धूम, 10 दिनों तक गूंजेगी भक्ति और गरबा की खनक प्रेम नगर के पिपलेश्वर महादेव मंदिर में 7 फीट की गणपति प्रतिमा स्थापित पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। डूंगला उपखंड क्षेत्र में गणपति महोत्सव को लेकर इस बार खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में विधि-विधान के साथ भगवान गणपति की स्थापना की गई है। कहीं सार्वजनिक पंडाल सजाए गए हैं तो कहीं ग्रामीणों ने अपने घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की है। दस दिवसीय गणपति महोत्सव के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आ रहा है। जहां देखो, वहां गणपति बप्पा की प्रतिमाएं क्षेत्र में जगह-जगह गणपति प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। सुबह-शाम आरती और पूजा के साथ श्रद्धालु गणपति बप्पा की सेवा में जुटे हुए हैं। रात्रि में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरबा और डांडिया आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। डांडियों की खनक से गांवों की गलियां देर रात तक गूंज रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गणपति महोत्सव अब धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उत्सव का भी माध्यम बन गया है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग उत्साह के साथ आयोजनों में भाग ले रहे हैं। प्रेम नगर में 7 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र डूंगला निवासी उदयलाल गायरी ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रेम नगर स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है। गरबा मंडल की ओर से यहां दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार मंदिर परिसर में 7 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भगवान गणपति के दर्शन एवं आरती में शामिल हो रहे हैं। शाम 8 बजे बाद उमड़ता है भक्तों का सैलाब आयोजक मंडल के अनुसार शाम करीब 8 बजे से कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ने लगती है। आरती के बाद गरबा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं में गरबा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजक मंडल ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में डूंगला क्षेत्र के ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से इस आयोजन को हर वर्ष और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थापना से विसर्जन तक भक्ति में डूबा रहेगा क्षेत्र क्षेत्र के कई स्थानों पर ग्रामीणों ने अपनी परंपरा के अनुसार गणपति स्थापना एवं विसर्जन की तैयारियां की हैं। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि वे स्थापना के दिन ही विधि-विधान के साथ गणपति का विसर्जन करेंगे, जबकि सार्वजनिक रूप से स्थापित प्रतिमाओं का दस दिवसीय आयोजन के बाद श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन किया जाएगा। गणपति महोत्सव के चलते इन दिनों डूंगला उपखंड क्षेत्र में हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंग में रंगा यह आयोजन ग्रामीणों के बीच उत्साह, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश दे रहा है।1
- आमेट में गणेश चतुर्थी पर 100 से ज्यादा प्रतिमाएं स्थापित: ढोल डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु; विसर्जन तक होंगे कार्यक्रम गणेश चतुर्थी पर आमेट शहर में गणपति भक्ति में डूबा नगर शहर में अलग-अलग गणेश पंडालो में 100 से ज्यादा छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई। सुबह से ही प्रतिमाओ को पंडालो तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया था। कई मंडलों के युवा ढोल डीजे के साथ प्रतिमाएं लेकर शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए पंडालो तक पहुंचे। गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा के दौरान युवा गणपति बप्पा मोरिया और देवा ओ देवा गणपति देवा जैसे भक्ति गीतों पर नाचते झूमते दिखे। कहीं जगह श्रद्धालुओं ने गणपति प्रतिमाओं का स्वागत किया गया। पंडालो में पहुंचने के बाद पंडितों ने मंत्रों के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना कर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई l1
- गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामला: 'मेरी जान जा सकती थी' - बाइकर सिया ने बैंसला के 'गलती' के दावे पर पलटवार किया, पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित कीं गुरुग्राम में एक महिला बाइकर का पीछा करने और उसे टक्कर मारने के आरोपी कार ड्राइवर कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह हिट-एंड-रन मामले में एक बड़ी कामयाबी है, जिसने देश भर में लोगों का ध्यान खींचा और भारी आक्रोश पैदा किया। रविवार सुबह हुई इस घटना के बाद से ही बैंसला फ़रार था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। अब उस पर हत्या की कोशिश समेत कई अन्य अपराधों के आरोप लग सकते हैं। यह घटना रविवार को गुरुग्राम के गोल्फ़ कोर्स रोड पर हुई, जहाँ महिला बाइकर शिवानी चौहान (जिन्हें सिया के नाम से भी जाना जाता है) दूसरे बाइकर्स के एक ग्रुप के साथ बाइक चला रही थीं। उनके अनुसार, बैंसला की कार उनका पीछा करने लगी और कार में बैठे लोग नशे में लग रहे थे। जब उन्होंने उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा, तो कार उनकी बाइक की ओर तेज़ी से बढ़ी और साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक से गिर गईं और सड़क पर कई मीटर तक घिसटती चली गईं।2
- सारंगपुरा में गुर्जर समाज की राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता शुरू 29 टीमों ने लिया भाग, उद्घाटन मुकाबलों में चार टीमों ने दर्ज की जीत; आठ पीटीआई ने दिया योगदान चिकारड़ा — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा भगवान श्री देवनारायण जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सारंगपुरा गांव में गुर्जर समाज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। प्रतियोगिता में कुल 29 टीमों ने भाग लिया है। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। प्रतियोगिता का समापन 17 सितंबर को होगा। उद्घाटन मुकाबलों में टीमों ने दिखाया दमखम प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर कुरेठा वर्सेस खेरमालिया, आंतरी वर्सेस खेरमालिया, संगरिया वर्सेस सांवलिया जी तथा रतनपुर वर्सेस नौगामा के बीच मुकाबले हुए। मुकाबलों में क्रमशः खेरमालिया ने कुरेठा को, खेरमालिया ने आंतरी को, सांवलिया जी ने संगरिया को तथा नौगामा ने रतनपुर को हराकर जीत हासिल की। इस प्रकार उद्घाटन अवसर पर कुल 8 टीमों के बीच चार मुकाबले हुए, जिनमें खेरमालिया ने दो मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि सांवलिया जी और नौगामा ने एक-एक मुकाबले में विजय प्राप्त की। प्रतियोगिता में आयोजन को सफल बनाने के लिए आठ पीटीआई ने अपना योगदान दिया। टूर्नामेंट के मुख्य निर्णायक धर्मेंद्र त्रिपाठी रहे। विजेता को 11 हजार, उपविजेता को 5100 रुपए प्रतियोगिता में विजेता टीम को 11 हजार रुपए तथा उपविजेता टीम को 5100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के लिए पहचान-पत्र (आईडी प्रूफ) साथ लाना अनिवार्य रखा गया है। खिलाड़ियों के लिए भोजन व्यवस्था भी आयोजन समिति की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। 17 सितंबर को शोभायात्रा, महाप्रसाद और भजन संध्या देवनारायण जन्मोत्सव के तहत 17 सितंबर को प्रतियोगिता के समापन के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। सुबह 11.15 बजे शोभायात्रा एवं जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद शाम 4.15 बजे महाप्रसाद तथा रात 8.15 बजे भजन संध्या का आयोजन होगा। देवनारायण मंदिर परिसर बना आयोजन का केंद्र तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता सहित जन्मोत्सव के सभी कार्यक्रम भगवान श्री देवनारायण जी मंदिर, सारंगपुरा में आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन समस्त गुर्जर समाज, सारंगपुरा, तहसील डूंगला के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही गांव में खेल भावना और धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। खेल मैदान में दिखा उत्साह प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही खेल मैदान में खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन मुकाबलों के दौरान ग्रामीणों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में खेलप्रेमी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। आयोजन में ग्रामीणों की उपस्थिति प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर दिनेश गुर्जर, दुगाशंकर गुर्जर, कांशीराम गुर्जर, राजमल गुर्जर, राहुल गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर, रामलाल गुर्जर, भेरूलाल गुर्जर, वरदीचंद, किशन गुर्जर और रमेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन में सहयोग करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।3