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दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद लाइसेंसी शस्त्रों को जमा कराने की कार्रवाई जारी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत ने बताया है कि थाना क्षेत्र के कुल 1188 शस्त्र लाइसेंस धारकों में से लगभग 700 लोगों ने अब तक अपने हथियार जमा करा दिए हैं। पुलिस ने शेष लाइसेंस धारकों से जल्द से जल्द अपने शस्त्र जमा कराने की अपील की है, यह कहते हुए कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होना है, जिसके चलते प्रशासन निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है।
Vikas Sen
दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद लाइसेंसी शस्त्रों को जमा कराने की कार्रवाई जारी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत ने बताया है कि थाना क्षेत्र के कुल 1188 शस्त्र लाइसेंस धारकों में से लगभग 700 लोगों ने अब तक अपने हथियार जमा करा दिए हैं। पुलिस ने शेष लाइसेंस धारकों से जल्द से जल्द अपने शस्त्र जमा कराने की अपील की है, यह कहते हुए कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होना है, जिसके चलते प्रशासन निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है।
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- दतिया उपचुनाव के मैदान से जनता के मन और विचारों को टटोलने का कार्य किया गया है।1
- दतिया जिले के भाण्डेर में वर्ष 2024 के बहुचर्चित भगवान सिंह यादव हत्याकांड में जिला न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने बुधवार को मामले के तीन आरोपियों आशीष रजक, अशोक रजक उर्फ बुजवंशी रजक और अरविंद उर्फ अरी रजक, जो काजीपाठा मोहल्ला भाण्डेर के निवासी हैं, को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 10 मई 2024 की सुबह घटी थी, जब भगवान सिंह यादव आटा लेने के लिए चिरगांव चुंगी स्थित आशीष रजक की चक्की पर पहुंचे थे। इसी दौरान, किसी बात को लेकर भगवान सिंह यादव का आरोपियों से विवाद हो गया। आरोप है कि अशोक और अरविंद ने लकड़ी के डंडों से भगवान सिंह यादव के साथ मारपीट की, जबकि आशीष ने चक्की पर रखे करीब 20 किलो वजनी लोहे के बांट से उनके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में भगवान सिंह यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, मृतक के भाई दिनेश कुमार यादव की शिकायत पर भाण्डेर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने इस मामले में पैरवी की। न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि दिनदहाड़े की गई यह हत्या गंभीर प्रकृति का अपराध है, जिसने क्षेत्र में भय का वातावरण निर्मित किया था, और ऐसे में आरोपियों को कठोर दंड दिया जाना न्यायोचित है।1
- आज न्यायालयीन समय की समाप्ति के अंतिम क्षणों में राजेंद्र भारती ने एक छोटी सी बहस की। इस मामले की अगली सुनवाई कल 2:30 बजे निर्धारित की गई है।1
- नगर परिषद के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। ये कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संजय पार्क में धरने पर बैठे हैं और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। बुधवार दोपहर 01 बजे धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले दो से तीन महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनका लगातार शोषण किया जा रहा है और कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। उनकी प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह समय पर वेतन का भुगतान, ठेकेदार द्वारा वेतन से की जा रही कटौती को बंद करना और लंबित एरियर का जल्द से जल्द भुगतान शामिल है। कर्मचारियों ने जानकारी दी कि वे अपनी शिकायतें कलेक्टर, एसडीएम, नगर परिषद सीएमओ और नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि तक पहुंचा चुके हैं। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।1
- दतिया की राजनीतिक नब्ज को टटोलते हुए, एक विशेष बातचीत में युवा छात्र नेता अनुराग शर्मा ने आगामी दतिया उपचुनाव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। 2026 की ओर देखते हुए और यह विचार करते हुए कि युवाओं और समुदाय की सेवा वास्तव में क्या करती है, विविध आवाजों को सुनना महत्वपूर्ण है। हर चुनाव हमारे भविष्य को आकार देने का एक मौका होता है, और अनुराग जैसे युवा नेताओं के दृष्टिकोण को समझना बेहद आवश्यक है।1
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल टेक्स्ट में केवल एक प्रश्न उठाया गया है: 'या मैं क्या हो रहा है?' इसमें किसी घटना या संदर्भ के बारे में कोई अन्य विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन प्राप्त हुआ है। ग्राम उदगुवा के दो दर्जन से अधिक भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। यह सभी कार्यकर्ता संतोष अहिरवार के नेतृत्व में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने नए सदस्यों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। भाजपा नेताओं ने इस घटनाक्रम को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के विकास कार्यों और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम बताया। उनका कहना है कि उपचुनाव से पहले लगातार विभिन्न वर्गों के लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं, और इस राजनीतिक विकास को दतिया उपचुनाव में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- दतिया उपचुनाव को लेकर पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के साथ एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।1
- एक बातचीत में, अनिल राज श्रीवास्तव ने दतिया उपचुनाव की बारीकियों पर अपनी बहुमूल्य राय साझा की है। उन्होंने राजनीतिक परिदृश्य और आगामी 2026 के चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान की है। इस चर्चा का उद्देश्य जमीनी हकीकत को सीधे उन लोगों से समझना है जो इससे जुड़े हैं। यह बातचीत दतिया की राजनीति की नब्ज को जानने का अवसर देती है।1