सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना के लिए चंबल घाटों पर संयुक्त निगरानी तेज एसपी विकास सांगवान ने वन, खनिज व परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ किया बड़ापुरा और बरेलापुरा घाटों का निरीक्षण, अवैध बजरी खनन-परिवहन पर सख्ती के निर्देश धौलपुर। चंबल नदी क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धौलपुर जिला प्रशासन ने संयुक्त निगरानी और सख्त कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने गुरुवार को जिला वन अधिकारी आशीष व्यास, परिवहन विभाग एवं पुलिस अधिकारियों के साथ चंबल नदी के बड़ापुरा और बरेलापुरा घाटों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने घाटों पर तैनात पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था, नाकाबंदी, गश्त, निगरानी बिंदुओं तथा संवेदनशील मार्गों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए किसी भी स्थिति में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन नहीं होने दिया जाए। एसपी विकास सांगवान ने कहा कि चंबल नदी क्षेत्र पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा न्यायालय के आदेशों की पालना से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखने, संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने तथा किसी भी सूचना पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील मार्गों पर नियमित नाकाबंदी, रात्रिकालीन गश्त और आकस्मिक निरीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जिले में चंबल नदी से जुड़े संवेदनशील घाटों, संभावित निकासी मार्गों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, वन, खनिज और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। प्रमुख स्थानों पर वाहन जांच, सघन निरीक्षण और नाकाबंदी की कार्रवाई निरंतर जारी है तथा अवैध गतिविधियों से संबंधित प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। धौलपुर पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी चंबल बजरी के अवैध खनन अथवा परिवहन की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना के लिए चंबल घाटों पर संयुक्त निगरानी तेज एसपी विकास सांगवान ने वन, खनिज व परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ किया बड़ापुरा और बरेलापुरा घाटों का निरीक्षण, अवैध बजरी खनन-परिवहन पर सख्ती के निर्देश धौलपुर। चंबल नदी क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धौलपुर जिला प्रशासन ने संयुक्त निगरानी और सख्त कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने गुरुवार को जिला वन अधिकारी आशीष व्यास, परिवहन विभाग एवं पुलिस अधिकारियों के साथ चंबल नदी के बड़ापुरा और बरेलापुरा घाटों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने घाटों पर तैनात पुलिस बल की ड्यूटी व्यवस्था, नाकाबंदी, गश्त, निगरानी बिंदुओं तथा संवेदनशील मार्गों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों
और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए किसी भी स्थिति में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन नहीं होने दिया जाए। एसपी विकास सांगवान ने कहा कि चंबल नदी क्षेत्र पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा न्यायालय के आदेशों की पालना से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखने, संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने तथा किसी भी सूचना पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील मार्गों
पर नियमित नाकाबंदी, रात्रिकालीन गश्त और आकस्मिक निरीक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। जिले में चंबल नदी से जुड़े संवेदनशील घाटों, संभावित निकासी मार्गों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस, वन, खनिज और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। प्रमुख स्थानों पर वाहन जांच, सघन निरीक्षण और नाकाबंदी की कार्रवाई निरंतर जारी है तथा अवैध गतिविधियों से संबंधित प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। धौलपुर पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी चंबल बजरी के अवैध खनन अथवा परिवहन की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- धौलपुर जिले की ग्राम पंचायत नुनहेरा में प्रशासनिक अनदेखी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब एक बड़े जन-आंदोलन में बदल चुका है। धौलपुर जिले की ग्राम पंचायत नुनहेरा में प्रशासनिक अनदेखी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब एक बड़े जन-आंदोलन में बदल चुका है। धौलपुर पिछले 10 वर्षों से बुनियादी नागरिक सुविधाओं और बदहाल व्यवस्था से पीड़ित नुनहेरा के ग्रामीणों की आवाज को जब शासन-प्रशासन ने अनसुना कर दिया, तो आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नुनहेरा के छात्र-छात्राओं ने एक अनोखा और ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन कर पूरे जिले को हिला कर रख दिया।"अंधे कानून" के खिलाफ बच्चों का ऐतिहासिक शंखनादआज नुनहेरा स्कूल के छोटे-छोटे मासूम बच्चों ने अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधी और हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लेकर बीच सड़क पर प्रदर्शन किया। बच्चों की आंखों पर बंधी यह काली पट्टी इस बात का सीधा प्रतीक थी कि धौलपुर का प्रशासन और यहाँ का सिस्टम पूरी तरह अंधा हो चुका है, जबकि हाथों में लहराता तिरंगा यह दिखा रहा था कि देश के भविष्य लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। बच्चों का यह रूप देखकर पूरा क्षेत्र दहल उठा और ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। करन परमार इस भ्रष्टाचार को 1 साल से जारी रखा है लिखित संघर्षइस आंदोलन की अगुवाई कर रहे युवायो ने धौलपुर प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि पिछले 10 सालों से यहाँ की जनता नारकीय जीवन जी रही है। वे खुद पिछले 1 वर्ष से लगातार ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लिखित और मौखिक रूप से प्रशासन, शासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत करा रहे हैं, लेकिन हर बार उनके ज्ञापनों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।🔥 जनप्रतिनिधियों की दबंगई और दादागिरी के कारण रुके विकास कार्यकरन परमार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सीधे और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "यहाँ के जनप्रतिनिधियों की दबंगई, तानाशाही और दादागिरी के कारण आज तक जनता का कोई भी काम नहीं हो सका है।" जब भी ग्रामीण अपने हक की आवाज उठाते हैं, तो जनप्रतिनिधियों की दादागिरी के बल पर उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। सरपंच और सेक्रेटरी के पास जनता के विकास कार्य के पैसों का कोई हिसाब नहीं है। निष्पक्ष जांच हो, वरना अधिकारियों की मिलीभगत साफकरन परमार ने धौलपुर उच्चाधिकारियों से बेहद कड़े शब्दों में आग्रह किया है कि पूरे मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच की जाए। परमार ने सीधे तौर पर प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी है कि "यदि यहाँ के दबंग जनप्रतिनिधियों, सरपंच और सेक्रेटरी के खिलाफ किसी निष्पक्ष एजेंसी से पारदर्शी जांच नहीं कराई गई, तो यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि इस महाभ्रष्टाचार में धौलपुर प्रशासन के उच्च अधिकारियों की भी पूरी मिलीभगत और सांठगांठ है।" 7 तारीख को महा-बहिष्कार: स्कूल पर होगी तालाबंदी ग्रामीणों ने प्रशासन को 3 दिन का दिया था अल्टीमेटम खत्म होने के बाद अब आगामी 7 तारीख को नुनहेरा स्कूल पर ऐतिहासिक तालाबंदी की तैयारी पूरी हो चुकी है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक इस भ्रष्ट तंत्र की जांच नहीं होती और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक स्कूल, अस्पताल और मुख्य रास्ते का पूर्ण रूप से बहिष्कार जारी रहेगा। इस उग्र आंदोलन और चक्काजाम के दौरान यदि कोई भी कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ धौलपुर प्रशासन और लापरवाह अधिकारियों की होगी।4
- चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे अम्बाह। चेहल्लुम के अवसर पर गुरुवार को अम्बाह शहर में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजियों का जुलूस निकाला गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिए पारंपरिक मार्गों से होते हुए नगर के प्रमुख रास्तों का भ्रमण कर कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हज़रत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों द्वारा नौहाखानी और मातम किया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों ने शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर अकीदतमंदों की सेवा की। पूरे जुलूस के दौरान भाईचारे, शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। चेहल्लुम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अंत में कर्बला पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं और देश-प्रदेश में अमन, चैन एवं खुशहाली की दुआ मांगी गई।1
- #रूपवास_उपजिला_अस्पताल के नए भवन के लिए ग्राम पंचायत चैकोरा में राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित की गई है। इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कटारा ने क्या कहा। सुनिए...1
- जौरा में ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर दो गोवंशों की दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने लगाया चक्का जाम जौरा में ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर दो गोवंशों की दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने लगाया चक्का जाम जौरा। शहर के रूनीपुर रोड स्थित नाहर वाली माता मंदिर के पास गुरुवार को ट्रांसफार्मर से फैले करंट की चपेट में आने से एक गाय और एक अन्य गोवंश की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने दोनों मृत गोवंशों को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर के खुले और नीचे पड़े बिजली के तारों में बरसात के कारण करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से दोनों गोवंशों की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पहले भी करंट लगने से कई गोवंश और आवारा पशु जान गंवा चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर आने तक जाम हटाने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। करीब एक घंटे बाद बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री (जेई) एम.के. मिश्रा मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। नागरिकों ने ट्रांसफार्मर के आसपास खुले पड़े तारों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर नाराजगी जताई। इस पर जेई ने आश्वासन दिया कि ट्रांसफार्मर के पास पड़े तारों को जल्द ठीक कराया जाएगा तथा ट्रांसफार्मर के चारों ओर फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद नगर पालिका के दरोगा महेश त्यागी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी एवं ट्रैक्टर की सहायता से दोनों मृत गोवंशों को सड़क से हटवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना में मृत गाय के मालिक सुरेश प्रजापति ने मुआवजे की मांग की। इस पर जेई एम.के. मिश्रा ने उन्हें थाने में शिकायत दर्ज कराने और गाय का पोस्टमार्टम कराने की सलाह देते हुए कहा कि नियमानुसार प्रशासन से मिलने वाली सहायता दिलाने में विभाग पूरा सहयोग करेगा। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि ट्रांसफार्मरों के आसपास तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति की जान जोखिम में न पड़े। स्थानीय व्यक्ति डॉ राम सिया कुशवाहा ने बताया की बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जौरा में यह कोई पहला हादसा नहीं है जौरा में इस तरह का यह स्थान पर ट्रांसफार्मर जमीन पर रखे हुए हैं जहां हमेशा ऐसी स्थिति निर्मित होती है लेकिन बिजली विभाग स्थानीय लोगों की कोई भी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है अगर बिजली विभाग समय के रहते नहीं जागा तो और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। स्थानीय व्यक्ति नेकी राम त्यागी ने बताया कि लोगों के लिए गाय की मौत एक आम बात होगी लेकिन हमारे लिए यह गौ माता है और बड़े ही दुख की बात है कि बिजली विभाग जौरा शहर में बिल्कुल भी नहीं देख रहा है और स्थानीय लोगों की बिजली विभाग में कोई भी सुनवाई नहीं होती है लोग चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन अगर इस तरह की घटना आगे हुई तो मजबूरन गौ रक्षक गौ सेवक और सभी सनातनियों को गौ माता की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।1
- मुरैना जिले मे सड़क नहीं होगी तो बेटी स्कूल कैसे जाएगी?" — नन्हीं बच्ची का सवाल बना ग्रामीणों की आवाज़1
- चैकोरा_ग्राम_पंचायत व नगरपालिका के पैरिफेरी क्षेत्र में ही उप जिला अस्पताल बनवाए जाने की मांग को लेकर निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन,,,, रूपवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत चैकोरा व डहर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों ने गुरुवार को हनुमान चौक से उपखंड कार्यालय तक रैली निकालकर उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को दिए ज्ञापन में लिखा कि ग्राम पंचायत चैकोरा में खसरा नंबर 1008 व 1010 को उप जिला अस्पताल के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित किया गया है। उक्त भूमि 15 बीघा है, जिस पर निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 28.5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे नवीन भवन का निर्माण किया जाना है। ज्ञापन में बताया गया कि उक्त जमीन के आसपास सघन आबादी बसी हुई है, जहां गरीब, मजदूर और किसान परिवार निवास करते हैं। यह जमीन उप जिला अस्पताल के लिए वर्तमान में सर्वोत्तम है। यह रूपवास आबादी क्षेत्र से मात्र 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं धौलपुर-भरतपुर हाईवे से 2 किमी की दूरी पर है। हाईवे से निर्धारित भूमि तक जाने वाली सड़क की चौड़ाई 100 मीटर है। वर्तमान में रूपवास में अस्पताल संचालित है, जो पूर्ववत चालू रहेगा। ग्रामीणों ने मांग की कि उक्त भूमि पर नवीन अस्पताल निर्माण से उपखंड रूपवास की करीब 50 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। इस अवसर पर विक्रम राजावत, धर्म सिंह, सुरेश राजावत, नोहबत सिंह, बृजेश शर्मा, पहलाद, अमर सिंह, हरवेन्द्र, दुर्ग सिंह, रूपेन्द्र, पप्पू परमार, श्यामवीर, इस्लाम खान, शैलेंद्र राजावत, पूरण सिंह, दामोदर, लक्ष्मण, शिव सिंह, नंदराम, अर्जुन, जल सिंह आदि मौजूद थे।4
- राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले की पोखर पर अतिक्रमण, पक्के निर्माण से पानी की निकासी अवरुद्ध मानसून की पहली बारिश के साथ ही राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले में जलभराव की समस्या सामने आ गई है। आरोप है कि मोहल्ले वाली ऐतिहासिक पोखर पर अतिक्रमण कर पक्के मकान और दुकानें बना दी गई हैं, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। धोबटी मोहल्ले में स्थित पोखर बरसात का पानी इकट्ठा करने का प्राकृतिक स्रोत थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में पोखर की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हुआ और अब वहां पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं। बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण मोहल्ले की गलियों और घरों में भर रहा है। इससे मच्छर, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी विष्णु सिंह ने कहा, "पहले पोखर में पानी भरकर निकल जाता था। अब अतिक्रमण की वजह से पानी वापस घरों में आ जाता है। 2 दिन की बारिश में ही पूरे मोहल्ले में 1-1 फीट पानी भर गया था। लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण के दौरान नगर पालिका और राजस्व विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गरीब लोगों को कुछ पट्टे जारी किए गए थे लेकिन उन पट्टों के आधार पर ही उन लोगों ने 100-100 फीट तक अतिक्रमण कर लिया, जिससे पोखर का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल गया , शिकायत करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब बारिश में दिक्कत बढ़ गई है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने कहा, हमें शिकायत मिली है। टीम भेजकर अतिक्रमण का सर्वे कराया जाएगा। जो भी अवैध निर्माण पोखर की जमीन पर पाया गया उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। तहसीलदार दीप्ति देव ने कहा, "पोखर की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। राजस्व टीम से नपती करवाई जाएगी। अतिक्रमण पाए जाने पर धारा 91 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पोखर की नपती कराकर अवैध निर्माण तुरंत हटाए जाएं, नालों की सफाई करवाई जाए और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए पक्की चारदीवारी बनाई जाए। राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले की पोखर पर अतिक्रमण, पक्के निर्माण से पानी की निकासी अवरुद्ध मानसून की पहली बारिश के साथ ही राजाखेड़ा के धोबटी मोहल्ले में जलभराव की समस्या सामने आ गई है। आरोप है कि मोहल्ले वाली ऐतिहासिक पोखर पर अतिक्रमण कर पक्के मकान और दुकानें बना दी गई हैं, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। धोबटी मोहल्ले में स्थित पोखर बरसात का पानी इकट्ठा करने का प्राकृतिक स्रोत थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में पोखर की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हुआ और अब वहां पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं। बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण मोहल्ले की गलियों और घरों में भर रहा है। इससे मच्छर, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी विष्णु सिंह ने कहा, "पहले पोखर में पानी भरकर निकल जाता था। अब अतिक्रमण की वजह से पानी वापस घरों में आ जाता है। 2 दिन की बारिश में ही पूरे मोहल्ले में 1-1 फीट पानी भर गया था। लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण के दौरान नगर पालिका और राजस्व विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गरीब लोगों को कुछ पट्टे जारी किए गए थे लेकिन उन पट्टों के आधार पर ही उन लोगों ने 100-100 फीट तक अतिक्रमण कर लिया, जिससे पोखर का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल गया , शिकायत करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब बारिश में दिक्कत बढ़ गई है। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने कहा, हमें शिकायत मिली है। टीम भेजकर अतिक्रमण का सर्वे कराया जाएगा। जो भी अवैध निर्माण पोखर की जमीन पर पाया गया उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। तहसीलदार दीप्ति देव ने कहा, "पोखर की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। राजस्व टीम से नपती करवाई जाएगी। अतिक्रमण पाए जाने पर धारा 91 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पोखर की नपती कराकर अवैध निर्माण तुरंत हटाए जाएं, नालों की सफाई करवाई जाए और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए पक्की चारदीवारी बनाई जाए।1