कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में घर में घुसकर हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों के बाद अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोटपूतली में सामने आए मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी को केवल शांति भंग में गिरफ्तार कर छोड़ देने के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार एक परिवार ने कुछ लोगों पर घर पहुंचकर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। घटना के वीडियो भी सामने आए बताए जा रहे हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर हंगामा करते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई नहीं की। केवल इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में कथित तौर पर महिला के साथ अभद्र भाषा और धमकी साफ दिखाई देने के बावजूद महिला उत्पीड़न और गंभीर अपराध से जुड़ी धाराएं अब तक नहीं जोड़ी गई हैं। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस ने खुद मामला दर्ज किया है तो फिर आरोपी को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आरोपी को केवल शांति भंग की कार्रवाई में गिरफ्तार कर तुरंत छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया बेहद नरम नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते तो पुलिस तत्काल सख्त कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर आरोपी को छोड़ दिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और प्रत्यक्ष आरोपों के बावजूद गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी जातीं तो इससे आमजन का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। हाईवे से घरों तक दबंगई की चर्चा प्रदेश में लंबे समय से कुछ कथित गौ रक्षक दलों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाए हैं कि हाईवे पर वाहनों को रोककर डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसी घटनाएं होती हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ इलाकों में “मंथली बंदी” तक की चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं। अब कोटपूतली की घटना के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर कुछ समूहों का मनोबल इतना क्यों बढ़ चुका है कि वे घरों तक पहुंचकर हंगामा और दबंगई करने लगे हैं। निष्पक्ष जांच की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहे तथ्यों के आधार पर उचित धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में कोटपूतली में कथित गौ रक्षक दल पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई भी सवालों के घेरे में घर में घुसकर हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों के बाद अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कोटपूतली में सामने आए मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी को केवल शांति भंग में गिरफ्तार कर छोड़ देने के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार एक परिवार ने कुछ लोगों पर घर पहुंचकर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। घटना के वीडियो भी सामने आए बताए जा रहे हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर हंगामा करते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई नहीं की। केवल इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2), 126(2), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में कथित तौर पर महिला के साथ अभद्र भाषा और धमकी साफ दिखाई देने के बावजूद महिला उत्पीड़न और गंभीर अपराध से जुड़ी धाराएं अब तक नहीं जोड़ी गई हैं। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस ने खुद मामला दर्ज किया है तो फिर आरोपी को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आरोपी को केवल शांति भंग की कार्रवाई में गिरफ्तार कर तुरंत छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया बेहद नरम नजर आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते तो पुलिस तत्काल सख्त कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर आरोपी को छोड़ दिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और प्रत्यक्ष आरोपों के बावजूद गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी जातीं तो इससे आमजन का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। हाईवे से घरों तक दबंगई की चर्चा प्रदेश में लंबे समय से कुछ कथित गौ रक्षक दलों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई वाहन चालकों ने आरोप लगाए हैं कि हाईवे पर वाहनों को रोककर डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसी घटनाएं होती हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ इलाकों में “मंथली बंदी” तक की चर्चाएं समय-समय पर उठती रही हैं। अब कोटपूतली की घटना के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि आखिर कुछ समूहों का मनोबल इतना क्यों बढ़ चुका है कि वे घरों तक पहुंचकर हंगामा और दबंगई करने लगे हैं। निष्पक्ष जांच की मांग स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहे तथ्यों के आधार पर उचित धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
- महिला पत्रकार के परिवार पर हमले को लेकर गरजे हनुमान बेनीवाल, कालवाड़ पत्रकार हमला प्रकरण भी उठाया महिला पत्रकार के परिवार पर हमले को लेकर गरजे हनुमान बेनीवाल, कालवाड़ पत्रकार हमला प्रकरण भी उठाया “हमारे ही समाज के मंत्री ने आरोपी को बचाया, सरकार बचाने के लिए दबा दिया गया मामला” जयपुर। महिला पत्रकार के परिवार पर हुए हमले के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो Hanuman Beniwal ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बेनीवाल ने पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता और प्रभावशाली लोगों के दबाव में कई मामलों को दबा दिया जाता है। बेनीवाल ने 25 मई 2022 को झोटवाड़ा क्षेत्र के कालवाड़ इलाके में “हमारा समाचार” से जुड़े तीन पत्रकारों पर हुए हमले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पूरे प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि “हमारे ही समाज के एक मंत्री ने आरोपी को बचा लिया। उस समय मंत्री इस्तीफा देने को तैयार हो गए थे, लेकिन सरकार अल्पमत में थी। यदि मंत्री इस्तीफा दे देते तो शायद सरकार भी गिर सकती थी।” उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमले के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय सत्ता बचाने की राजनीति की गई। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि उस दौरान पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने की बजाय मामले को शांत कराने के प्रयास किए गए। आरएलपी सुप्रीमो ने कहा कि कालवाड़ पत्रकार हमला प्रकरण को लेकर करीब 60 दिनों तक धरना चला था और पत्रकार संगठनों ने लगातार आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और पत्रकारों तथा उनके परिवारों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। बेनीवाल ने महिला पत्रकार के परिवार पर हुए हालिया हमले को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि पत्रकार और उनके परिवार सुरक्षित नहीं रहेंगे तो भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ आवाज कौन उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।1
- युवा उदय सम्मेलन में NSUI President विनोद जाखड़ ने क्या कहा!1
- मुहाना इलाके में फिरौती के लिए युवक का अपहरण का प्रयास,बदमाशों ने जमकर पीटा जयपुर के मुहाना थाना इलाके में फिरौती के लिए एक युवक का किडनैप करने की कोशिश का मामला सामने आया है। छुड़ाकर भागने पर बदमाशों ने पीछा कर दोबारा उसे पकड़ लिया और जमीन पर पटक-पटक कर पीटने के बाद बदमाश कार से फरार हो गए। मुहाना थाने में पीड़ित की ओर से कार सवार बदमाशों के खिलाफ रविवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- सांगानेर के रामपुरा रोड निवासी 21 साल के युवक के किडनैप की कोशिश की। वह सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक कर घर लौट रहा था। इसी दौरान रीको कांटा के पास एक कार तेजी से आकर उसके आगे रुकी। कार में सवार 5-6 लड़के उतरे और उसे पकड़ लिया। मारपीट कर उसकी तलाशी ली। कुछ नहीं मिलने पर कर में बैठ कर ले गए और धमकाया कि उसका किडनैप कर घरवालों से फिरौती वसूलकर छोड़ेंगे। जैसे-तैसे बदमाशों को धक्का देकर उनके चंगुल से भाग निकला। भागने को लेकर गुस्साए बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मारपीट के दौरान लोगों को आते देखकर बदमाश कार में बैठकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने ने के साथ ही बदमाशों की तलाश करने में जुटी हुई है।1
- गर्मी के मौसम में दो जहरीले नागों में लड़ाई है या प्यार ... आंधी तहसील की ग्राम पंचायत खरड़ में दो सर्पराज आपस में प्यार जाता रहे है या दोनो में झगड़ा हो रहा है कोई कह नहीं सकता इन बेजुबानों के दिल में क्या है1
- पटना के दानापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक परिसर के एटीएम बूथ में एक सैलून चल रहा है। बाहर बैंक का बोर्ड लगा है, लेकिन अंदर पैसे निकालने की मशीन गायब है, जिससे स्थानीय लोग हैरान हैं। इस पर बैंक प्रबंधन का कहना है कि अब यह जगह किराए पर दे दी गई है, लेकिन ग्राहकों को पूर्व सूचना न मिलने से सवाल उठ रहे हैं।1
- जयपुर में ऑटो किराए को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक ड्राइवर ने यात्री से तय किराए से ज़्यादा पैसे मांगे, जिस पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर भीड़ जमा हो गई और यह मनमानी का मुद्दा फिर गरमा गया।1
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। उनकी इस उपस्थिति ने राष्ट्रीय राजनीति में कई नए सियासी संकेतों और अटकलों को जन्म दिया है।1
- किरयाना खुदरा विक्रेता संघ की नई कार्यकारिणी ने शपथ ली किरयाना खुदरा विक्रेता संघ की नई कार्यकारिणी ने शपथ ली व्यापारिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं सूरतगढ़। किरयाना खुदरा विक्रेता संघ की नई कार्यकारिणी का रविवार को महेश्वरी भवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में चुनाव अधिकारी मनोज सोमानी ने अध्यक्ष पद के लिए राघव गुप्ता,सचिव गोपाल कोठारी कोषाध्यक्ष सतपाल भटेजा को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह मान पुर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू, पुर्व विधायक अशोक नागपाल, सुत व्यापार मंडल अध्यक्ष अवतार सिंह सरां नगरपालिका पुर्व अध्यक्ष आरती शर्मा, काजल छाबड़ा, ओमप्रकाश कालवा भाजपा मण्डल अध्यक्ष गोरव बलाना रहे। कार्यकारिणी पूर्व अध्यक्ष किशोर गाबा ने राघव गुप्ता का स्वागत किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यकारिणी के अध्यक्ष राघव गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।1