हरिद्वार में अगने वर्ष आयोजित होने जा रहे कुंभ मेला के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। मेला क्षेत्र में प्रस्तावित आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों को जुटा दिया गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका स्वयं लगातार ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा और निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे और कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों। मंगलवार की सुबह मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप और दक्षद्वीप क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़कों, घाटों और पुलों की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप क्षेत्र में अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के लिए चिन्हित शिविर स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर स्थलों की भूमि का समुचित समतलीकरण समय रहते पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पार्किंग स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि मेले के दौरान यातायात का दबाव नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए यातायात प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। दक्षद्वीप क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने वहां स्थित घाटों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि घाटों की सीढ़ियों, रेलिंग और प्रकाश व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित बनाया जाए। घाटों की नियमित सफाई और मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए किसी भी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक कमी को तत्काल दूर किया जाए। सड़क और पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रमुख मार्गों का सुदृढ़ीकरण समय से पूरा किया जाए। दक्षद्वीप पार्किंग से राष्ट्रीय राजमार्ग तक संपर्क मार्ग विकसित करने की योजना पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे मेले के दौरान वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुचारु रूप से संचालित करने में सहूलियत होगी। कनखल क्षेत्र से वाहनों के निकास के लिए उपयुक्त पुलों और वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं पर विस्तृत अध्ययन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने और मौजूदा पुलों की सुरक्षा जांच व नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित करने के लिए के निर्देश भी दिए गए। मेलाधिकारी ने बिजली, पेयजल और स्वच्छता को लेकर प्रस्तावित व्यवस्थाओं की भी मौके पर समीक्षा की। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उन्होंने विशेष निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और सार्वजनिक शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वित कार्ययोजना बनाई जाए। मेलाधिकारी ने कुंभ क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि को अतिक्रमणमुक्त बनाए रखने के निर्देश भी दिए। भूमि प्रबंधन को लेकर स्पष्ट कहा गया कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाएं प्रदान करना मेला प्रशासन की प्रतिबद्धता है। कुंभ मेला 2027 को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सीओ ट्रैफिक विनोद सिंह सहित कुंभ मेले से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में अगने वर्ष आयोजित होने जा रहे कुंभ मेला के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। मेला क्षेत्र में प्रस्तावित आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों को जुटा दिया गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका स्वयं लगातार ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा और निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे और कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों। मंगलवार की सुबह मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप और दक्षद्वीप क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़कों, घाटों और पुलों की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने बैरागी कैंप क्षेत्र में अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के लिए चिन्हित शिविर स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर स्थलों की भूमि का समुचित समतलीकरण समय रहते पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पार्किंग स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि मेले के दौरान यातायात का दबाव नियंत्रित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए यातायात प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। दक्षद्वीप क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने वहां स्थित घाटों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि घाटों की सीढ़ियों, रेलिंग और प्रकाश व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित बनाया जाए। घाटों की नियमित सफाई और मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए किसी भी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक कमी को तत्काल दूर किया जाए। सड़क और पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रमुख मार्गों का सुदृढ़ीकरण समय से पूरा किया जाए। दक्षद्वीप पार्किंग से राष्ट्रीय राजमार्ग तक संपर्क मार्ग विकसित करने की योजना पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे मेले के दौरान वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुचारु रूप से संचालित करने में सहूलियत होगी। कनखल क्षेत्र से वाहनों के निकास के लिए उपयुक्त पुलों और वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं पर विस्तृत अध्ययन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने और मौजूदा पुलों की सुरक्षा जांच व नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित करने के लिए के निर्देश भी दिए गए। मेलाधिकारी ने बिजली, पेयजल और स्वच्छता को लेकर प्रस्तावित व्यवस्थाओं की भी मौके पर समीक्षा की। स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उन्होंने विशेष निर्देश देते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण और सार्वजनिक शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वित कार्ययोजना बनाई जाए। मेलाधिकारी ने कुंभ क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि को अतिक्रमणमुक्त बनाए रखने के निर्देश भी दिए। भूमि प्रबंधन को लेकर स्पष्ट कहा गया कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाएं प्रदान करना मेला प्रशासन की प्रतिबद्धता है। कुंभ मेला 2027 को भव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सीओ ट्रैफिक विनोद सिंह सहित कुंभ मेले से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- हरिद्वार के ज्वालापुर में आज दोपहर दुर्गा चौक के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। कार में अचानक ऊंची ऊंची लपटें उठने लगी। देखते ही देखते पूरी गाड़ी धू-धूकर जल गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।1
- *थाना कनखल* *वारंटियो के विरुद्ध हरिद्वार पुलिस की ताबडतोड धर पकड़ लगातार जारी* *मा0 न्यायालय के आदेशानुसार 01 महिला वारण्टी को पकडा गया* मा0 न्यायालय से प्राप्त गैर जमानती वारंटो की शत प्रतिशत तामील किये जाने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार द्वारा अभियान चलाने हेतु आदेशित किया गया है । उपरोक्त आदेश के अनुपालन में माननीय न्यायालय द्वारा जारी वारण्टों की तामील में थाना कनखल पुलिस द्वारा 01 महिला वारण्टी को पकडा गया। *नाम पता वारंटी* 1- निवासी ग्राम अजीतपुर थाना कनखल जनपद हरिद्वार। *पुलिस टीम* 01. उ0नि0 सुधांशु कौशिक 02. म0कानि0 सुमन राणा 03. हो0गा0 मधु सैनी1
- Post by अमित कुमार जर्नलिस्ट1
- Post by A Bharat News 101
- Post by राहुल चौहान1
- Post by Ankur Chauhan1
- हरिद्वार से खबर हैं _ 🐆 हरिद्वार के भेल क्षेत्र से सटी सुभाष नगर कॉलोनी में देर रात गुलदार की आवाजाही का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में गुलदार गली में घूमते और कुत्तों पर हमला करते नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व से घिरा होने के कारण अक्सर जंगली जानवर आबादी में घुस आते हैं। वन विभाग के अनुसार, यह वीडियो हाल का है और डीपीएस स्कूल के पीछे का इलाका बताया जा रहा है। टीम ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं। ⚠️ स्थानीय लोगों में दहशत, सतर्क रहने की अपील।1
- आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को परखने एवं तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज बुधवार को हरिद्वार जनपद की तीन तहसीलों में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरिद्वार द्वारा मॉक अभ्यास का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आपदा परिदृश्यों—बाढ़, अग्निकांड एवं भगदड़ की घटनाओं—में संबंधित विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण करना था। अभ्यास के अंतर्गत राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप पाँच अलग-अलग स्थानों पर आपदा की घटनाओं के बनावटी परिदृश्य तैयार कर सर्च, रेस्क्यू एवं राहत की गतिविधियाँ संचालित की गईं। इसमें पुलिस, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड्स, पीआरडी, लोनिवि सहित अनेक विभागों एवं अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मॉक अभ्यास के अंतर्गत हरकी पैड़ी क्षेत्र में अचानक गंगा जी का जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने तथा वहाँ मौजूद श्रद्धालुओं/यात्रियों में भगदड़ मचने का बनावटी परिदृश्य तैयार किया गया। इस दौरान बाढ़ से भवनों को नुकसान पहुँचने तथा कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना दर्शाई गई। दूसरा परिदृश्य शिवपुल, हरकी पैड़ी के निकट, भगदड़ के कारण त्श्रद्धालुओं के नदी में गिरने का था। तीसरा परिदृश्य मनसा देवी पैदल मार्ग में वनाग्नि की घटना पर आधारित था, जहाँ आग लगने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होने और कई लोगों के घायल होने की सूचना आपातकालीन परिचालन केंद्र को प्राप्त हुई। चौथा परिदृश्य तहसील लक्सर के अंतर्गत गंगदासपुर में तटबंध टूटने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने का था, जिसमें कई लोगों के फँसे होने की सूचना प्राप्त हुई। इसी प्रकार पाँचवाँ परिदृश्य तहसील रुड़की क्षेत्र में गंगा नदी में बाढ़ के कारण गंगा नहर में लोगों के बहने की घटना से संबंधित था, जिसमें रेस्क्यू अभियान का अभ्यास किया गया। इन सभी घटनाओं की सूचनाएँ जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को पूर्वाह्न 10:20 बजे के बाद मिलनी शुरू हुईं। सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार आपदा प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर गठित इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को तत्काल सक्रिय किया गया। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर. चौहान को जिला स्तर से राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी तथा संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को इंसीडेंट कमांडर नामित करते हुए पूर्ण क्षमता एवं तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। तहसील स्तर पर स्थापित स्टेजिंग एरिया से राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों एवं चिकित्सा टीमों के साथ घटनास्थलों के लिए रवाना किया गया। टीमों ने मौके पर पहुँचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए फँसे लोगों को सुरक्षित निकाला तथा घायलों को उपचार हेतु नजदीकी राहत केंद्रों एवं अस्पतालों में पहुँचाया। सभी स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य निर्धारित मानकों एवं एसओपी के अनुरूप समयबद्ध तरीके से संपादित किए गए। मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी सहित आईआरएस से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। रुड़की तहसील में मॉक ड्रिल का संचालन इंसीडेंट कमांडर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ एवं उपजिलाधिकारी अनिल शुक्ला के नेतृत्व में किया गया, जबकि हरिद्वार तहसील में मॉक ड्रिल के इंसीडेंट कमांडर उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार रहे।1