मंदिर के दान-पात्र से नकदी चोरी, चार माह में दूसरी वारदात से ग्रामीणों में रोष दिलखुश मोटीस सावर(अजमेर)@थाना क्षेत्र के रायनगर गांव में मंगलवार रात अज्ञात चोरों ने सगस जी महाराज के मंदिर को निशाना बनाते हुए दान-पात्र से नकदी चोरी कर ली। घटना रेगर मोहल्ला में पानी की टंकी के पास स्थित सगस जी महाराज के स्थान पर हुई, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह मंदिर के पुजारी तेजमल रेगर को चोरी की सूचना मिली, जिस पर वे मौके पर पहुंचे। वहां देखा तो मंदिर का दान-पात्र खाली मिला और उसमें रखी नकदी गायब थी। इसके बाद ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रायनगर गांव में मंदिरों में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। करीब चार माह पहले भी गांव के तेजाजी मंदिर में चोरी की वारदात हुई थी, जिसकी रिपोर्ट सावर थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक उस मामले का खुलासा नहीं हो सका है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। मौजूदा मामले को लेकर मंदिर के पुजारी व ग्रामीणों ने सावर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंदिर के दान-पात्र से नकदी चोरी, चार माह में दूसरी वारदात से ग्रामीणों में रोष दिलखुश मोटीस सावर(अजमेर)@थाना क्षेत्र के रायनगर गांव में मंगलवार रात अज्ञात चोरों ने सगस जी महाराज के मंदिर को निशाना बनाते हुए दान-पात्र से नकदी चोरी कर ली। घटना रेगर मोहल्ला में पानी की टंकी के पास स्थित सगस जी महाराज के स्थान पर हुई, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह मंदिर के पुजारी तेजमल रेगर को चोरी की सूचना मिली, जिस पर वे मौके पर पहुंचे। वहां देखा तो मंदिर का दान-पात्र खाली मिला और उसमें रखी नकदी गायब थी। इसके बाद ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों
ने बताया कि रायनगर गांव में मंदिरों में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। करीब चार माह पहले भी गांव के तेजाजी मंदिर में चोरी की वारदात हुई थी, जिसकी रिपोर्ट सावर थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक उस मामले का खुलासा नहीं हो सका है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है। मौजूदा मामले को लेकर मंदिर के पुजारी व ग्रामीणों ने सावर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- इंदरगढ़ थाना से एक मुजरिम ने की आत्महत्या थाना अधिकारी और पूरे स्टाफ को किया लाइन हाजिरी में लगाया गया है बूंदी में1
- शाहपुरा -कस्बे सहित पूर्व जिला क्षेत्र में शीतलाष्टमी पर्व की धूमधाम से मनाया जा रहा है।शीतला माता को महिलाओ द्वारा पूजा-अर्चना करते हुए ठंडे पकवानों का भोग लगाया । मंगल गीत गाते हुए महिलाओं ने बच्चों के निरोग जीवन और लंबी आयु की मनोकामना मांगी, शीतला माता मंदिर सहित घर-घर स्तूति की गई,बच्चे बड़ों ने दिनभर जमकर रंग और गुलाल उड़ाए। यह उत्सव होली के 7 दिन बाद त्यौहार मनाया जाता है, जब लोग रंगों में डूबकर एक दूसरे के साथ खुशियां मनाते हैं। इस अवसर पर पापड़ और औलिया खिलाकर खुशियों में सराबोर कर लेते हैं।2
- आमागढ़ क्षेत्र में मेट्रो के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन चेतावनी,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates1
- भीलवाड़ा की अंबेडकर कॉलोनी हरिजन बस्ती में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे खंभे पर लगे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि बिजली के तार पर कबूतर बैठने से स्पार्किंग हुई, जिससे ट्रांसफार्मर में आग भड़क गई। आग लगने के साथ ही इलाके में हाई वोल्टेज फैल गया, जिसके कारण करीब 20 से अधिक घरों में लगे पंखे, टीवी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। जितेश खोखर के घर में पंखे में आग तक लग गई, जबकि कई घरों में वॉशिंग मशीन और सेटअप बॉक्स भी खराब हो गए। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कर बिजली सप्लाई फिर से शुरू करवाई। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में काफी नाराजगी भी देखने को मिली। 📍स्थान: अंबेडकर कॉलोनी, भीलवाड़ा1
- जेबा पटेल/कोटा। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में प्राचीन समय से उपयोग की जाने वाली लीच थेरेपी (जोंक चिकित्सा) आज भी कई रोगों के उपचार में प्रभावी मानी जाती है। इसी विषय को लेकर आयोजित एक विशेष चिकित्सा शिविर में सूचना इंडिया की ब्यूरो जेबा पटेल ने विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सकों से खास बातचीत की और इस उपचार पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साक्षात्कार में आयुर्वेद चिकित्सकों ने बताया कि लीच थेरेपी आयुर्वेद की “रक्तमोक्षण” चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें विशेष प्रकार की जोंक (लीच) का उपयोग कर शरीर के दूषित रक्त को बाहर निकाला जाता है, जिससे कई प्रकार के रोगों में राहत मिलती है। कैसे किया जाता है लीच थेरेपी उपचार विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रक्रिया में पहले प्रभावित स्थान को अच्छी तरह साफ किया जाता है, फिर प्रशिक्षित चिकित्सक जोंक को उस स्थान पर लगाते हैं। जोंक धीरे-धीरे दूषित रक्त को चूसती है, जिससे सूजन और दर्द में कमी आती है। कुछ समय बाद जोंक को सावधानीपूर्वक हटाकर घाव की सफाई की जाती है और आवश्यक औषधियां लगाई जाती हैं। पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित आयुर्वेद विशेषज्ञ की देखरेख में ही की जाती है।1
- मोड़क क्षेत्र के दरा अभ्यारण क्षेत्र में अबली मणी के सामने बुधवार को सड़क पर एक कंटेनर ख़राब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दूसरी तरफ से वाहनों निकालने में लगे हैं जिससे हाईवे पर जाम कि स्थिति ना बने दरा नाल में बढ़ता जा रहा वाहनों का दबाव।1
- Post by VKH NEWS1
- बोरावड़ में शीतलाष्टमी पर शीतला माता को ठंडे पकवान भोग 🙏,#rajasthan #borawarnews #latestupdates1