16 फरवरी 2026: मंडल आयुक्त ने ग्राम पंचायत पकरी में लगाई चौपाल, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर ली योजनाओं की हकीकत सोनभद्र जिले की ग्राम पंचायत पकरी में आज एक अनोखी चौपाल लगी, जहां मंडल आयुक्त ने ग्रामीणों के बीच जाकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जमीन पर जाकर पड़ताल की। यह चौपाल न केवल विकास योजनाओं की प्रगति का आईना बनी, बल्कि ग्रामीणों की परेशानियों को सुनने और उनका त्वरित समाधान ढूंढने का मंच भी साबित हुई। मंडल आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन योजनाओं से लेकर जल जीवन मिशन और बिजली आपूर्ति तक हर मुद्दे पर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उनका स्पष्ट संदेश था- "सरकार की योजनाओं का असली उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, और इसके लिए निरंतर निगरानी व जनसंवाद जरूरी है।"चौपाल में ग्रामीणों की जुबानी योजनाओं की सच्चाईग्राम पंचायत पकरी पहुंचे मंडल आयुक्त ने सबसे पहले लाभार्थियों के बीच बैठकर बातचीत शुरू की। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों का जायजा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से सवाल किया- "क्या आपको समय पर धनराशि मिली? निर्माण कार्य पूरा हुआ या आधा-अधूरा पड़ा है?" ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। कुछ ने बताया कि आवास के लिए पहली किश्त तो मिल गई, लेकिन दूसरी किश्त में देरी हो रही है, जिससे छत डालने का काम रुका हुआ है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण पर भी चर्चा हुई। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, "शौचालय तो बन गया, लेकिन पानी की कमी से इस्तेमाल मुश्किल हो रहा है।"पेंशन योजनाओं पर मंडल आयुक्त ने विशेष ध्यान दिया। विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों से पूछा कि क्या पेंशन राशि हर महीने समय पर खाते में आ रही है? कई ग्रामीणों ने आधार लिंकिंग और बैंक खाते सत्यापन की समस्या बताई। मंडल आयुक्त ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने साफ कहा, "पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण ही योजनाओं की सफलता की कुंजी है। कोई भी शिकायत 48 घंटे में निपटाई जाए।"जल जीवन मिशन और बिजली आपूर्ति पर भी नजरचौपाल की चर्चा जल जीवन मिशन तक पहुंची। मंडल आयुक्त ने ग्रामीणों से पेयजल आपूर्ति की नियमितता, पाइपलाइन की स्थिति और पानी की गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी ली। एक किसान ने शिकायत की कि गर्मी के दिनों में पानी की सप्लाई अनियमित हो जाती है, जिससे खेती प्रभावित होती है। इसी तरह, विद्युत आपूर्ति पर भी सवाल उठे। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय लोडशेडिंग की समस्या बनी रहती है, जिससे पंप चलाना मुश्किल हो जाता है। मंडल आयुक्त ने जल निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि पाइपलाइन लीकेज ठीक करें और ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।"अधिकारियों की टीम के साथ ग्रामीणों का जमावड़ाइस महत्वपूर्ण चौपाल में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों की भारी संख्या में उपस्थिति ने इस आयोजन को और प्रभावी बना दिया। मंडल आयुक्त ने अंत में ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसी चौपालों में सक्रिय भागीदारी करें और अपनी समस्याएं खुलकर बताएं।यह चौपाल न केवल पकरी ग्राम पंचायत के लिए मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि पूरे सोनभद्र जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश दे गई। प्रशासन का यह प्रयास ग्रामीणों में विश्वास जगाने और सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
16 फरवरी 2026: मंडल आयुक्त ने ग्राम पंचायत पकरी में लगाई चौपाल, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर ली योजनाओं की हकीकत सोनभद्र जिले की ग्राम पंचायत पकरी में आज एक अनोखी चौपाल लगी, जहां मंडल आयुक्त ने ग्रामीणों के बीच जाकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जमीन पर जाकर पड़ताल की। यह चौपाल न केवल विकास योजनाओं की प्रगति का आईना बनी, बल्कि ग्रामीणों की परेशानियों को सुनने और उनका त्वरित समाधान ढूंढने का मंच भी साबित हुई। मंडल आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन योजनाओं से लेकर जल जीवन मिशन और बिजली आपूर्ति तक हर मुद्दे पर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उनका स्पष्ट संदेश था- "सरकार की योजनाओं का असली उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, और इसके लिए निरंतर निगरानी व जनसंवाद जरूरी है।"चौपाल में ग्रामीणों की जुबानी योजनाओं की सच्चाईग्राम पंचायत पकरी पहुंचे मंडल आयुक्त ने सबसे पहले लाभार्थियों के बीच बैठकर बातचीत शुरू की। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों का जायजा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से सवाल किया- "क्या आपको समय पर धनराशि मिली? निर्माण कार्य पूरा हुआ या आधा-अधूरा पड़ा है?" ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी। कुछ ने बताया कि आवास के लिए पहली किश्त तो मिल गई, लेकिन दूसरी किश्त में देरी हो रही है, जिससे छत डालने का काम रुका हुआ है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण पर भी चर्चा हुई। एक बुजुर्ग महिला ने कहा, "शौचालय तो बन गया, लेकिन पानी की कमी से इस्तेमाल मुश्किल हो रहा है।"पेंशन योजनाओं पर मंडल आयुक्त ने विशेष ध्यान दिया। विधवाओं, दिव्यांगों और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों से पूछा कि क्या पेंशन राशि हर महीने समय पर खाते में आ रही है? कई ग्रामीणों ने आधार लिंकिंग और बैंक खाते सत्यापन की समस्या बताई। मंडल आयुक्त ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने साफ कहा, "पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण ही योजनाओं की सफलता की कुंजी है। कोई भी शिकायत 48 घंटे में निपटाई जाए।"जल जीवन मिशन और बिजली आपूर्ति पर भी नजरचौपाल की चर्चा जल जीवन मिशन तक पहुंची। मंडल आयुक्त ने ग्रामीणों से पेयजल आपूर्ति की नियमितता, पाइपलाइन की स्थिति और पानी की गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी ली। एक किसान ने शिकायत की कि गर्मी के दिनों में पानी की सप्लाई अनियमित हो जाती है, जिससे खेती प्रभावित होती है। इसी तरह, विद्युत आपूर्ति पर भी सवाल उठे। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय लोडशेडिंग की समस्या बनी रहती है, जिससे पंप चलाना मुश्किल हो जाता है। मंडल आयुक्त ने जल निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि पाइपलाइन लीकेज ठीक करें और ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।"अधिकारियों की टीम के साथ ग्रामीणों का जमावड़ाइस महत्वपूर्ण चौपाल में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों की भारी संख्या में उपस्थिति ने इस आयोजन को और प्रभावी बना दिया। मंडल आयुक्त ने अंत में ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसी चौपालों में सक्रिय भागीदारी करें और अपनी समस्याएं खुलकर बताएं।यह चौपाल न केवल पकरी ग्राम पंचायत के लिए मील का पत्थर साबित हुई, बल्कि पूरे सोनभद्र जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश दे गई। प्रशासन का यह प्रयास ग्रामीणों में विश्वास जगाने और सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
- सोनभद्र ओबरा डिग्री कॉलेज रोड यादव बस्ती के सामने पर दिन तो दिन रात में भी वसूली किया जाता है नगर पंचायत में जिला पंचायत का बैरियर क्यों@sonbhadrapolice @UPGovt @DmSonbhadra @Uppolice @uptrafficpolice1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र के ओबरा से, जहां इस्लामिया इंटर कॉलेज में आज हज यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। आज पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में हज की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही मेडिकल जांच और वैक्सीनेशन की भी व्यवस्था की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे हज ट्रेनर मौलाना नजम अली साहब, डीएमओ सुधांशु शेखर,प्रिंसिपल रियाज अहमद, इकबाल अहमद,कृष्णा सर, आफताब अहमद और इंतजामिया कमेटी ओबरा,साथ ही इस्लामिया इंटर कॉलेज की अध्यापिकाएं — आजरा , अफसाना परवीन, नसरीन परवीन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य ट्रेनर रहे मौलाना नजफ अली साहब, जो मिर्जापुर से आए थे। उन्होंने बेहद खूबसूरती और सरल भाषा में हज की पूरी प्रक्रिया समझाई — कि किस तरह एहराम बांधा जाता है, तवाफ कैसे किया जाता है, सई, अराफात, मुजदलिफा और मीना के अहम अमल क्या होते हैं। इस ट्रेनिंग कैंप को सफल बनाने में इंतजामिया कमेटी के सदर मोहम्मद हुसैन वाहिदी, नायब सदर मोहम्मद अली, सेक्रेटरी एमडी राज अली अंसारी, नायब सेक्रेटरी अली शेर, सहित शब्बीर अहमद, परवेज अहमद, शाकिर अंसारी, जहीर खान उर्फ अमजद का विशेष योगदान रहा। डीएमओ सुधांशु शेखर जी की मौजूदगी में पूरी ट्रेनिंग को विधिवत रूप से संपन्न कराया गया, और सभी हाजियों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के अंत में इंतजामिया कमेटी की ओर से हाजियों से अपील की गई कि वे हज के दौरान अपने मुल्क की तरक्की, अमन और भाईचारे के लिए खास दुआ करें। कुल मिलाकर, ओबरा में आयोजित यह हज ट्रेनिंग कैंप पूरी तरह सफल रहा, और बेहद खुशनुमा माहौल में सभी हाजियों ने प्रशिक्षण लिया।1
- कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड रूम में पत्रावलियों को निकलवाकर रख रखाव की स्थिति का जायजा लेने व पत्रावलियों के बेहतर रख रखाव हेतु संबंधित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मंडलायुक्त मीरजापुर श्री राजेश प्रकाश।3
- सोनभद्र.... - रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने से चार लोग झुलसे - हादसे के बाद परिजनों में बना अफरा-तफरी का माहौल - आग की लपटों की चपेट में धर्मावती के साथ उनकी दो वर्षीय बेटी अन्नु और रिश्तेदारी में आईं 40 वार्षिय रामदुलारी झुलस गईं। - आग की लपतों से बचाने की कोशिश में धर्मावती का 35 वर्षीय पति अखिलेश भी झुलसा - अफरा-तफरी के माहौल के बीच आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया - आनन-फ़ानन में सभी झुलसे हुए लोगों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी ले जाया गया - जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने धर्मावती, अन्नु और रामदुलारी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया - जिला अस्पताल से भी झूलसे लोगों को राहत ना मिलता देख 3 नो को वाराणसी ट्रामा सेंटर किया गया रेफर - घायलों में तीन की हालात बताई जा रही गंभीर - गैस लिक होने के कारण आग लगने की आशंका - रायपुर थाना क्षेत्र के बनबहुआर गांव की घटना।2
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- सोनभद्र।जनपद के नगवा विकास खंड व कोण विकास खंड में लगने वाली आवादा पावर प्लांट में कंपनी के कर्मचारी द्वारा कम पैसे में जबरजस्ती जमीन के खरीद का मामले को लेकर राष्ट्रीय लोक दल के जिलाअध्यक्ष श्रीकांत तिवारी ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिख कर जांच कराने हेतु निवेदन किया गया था।जिसको देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा अपने मुख्य सचिव को आदेश दिया गया।अब जिलाधिकारी को जांच कराने की जिम्मेदारी मिली है।1
- सोनभद्र। जनपद के करमा थाना क्षेत्र अंतर्गत मंगरदहा गांव में रविवार 15 फरवरी 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पारिवारिक विवाद से आहत एक 23 वर्षीय युवक 33 हजार के हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। घटना की सूचना तत्काल करमा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही करमा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बिजली विभाग को अवगत कराया, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। एहतियातन विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने संयम और संवाद कौशल का परिचय देते हुए युवक से बातचीत शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक पारिवारिक विवाद से मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक समझाइश, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता के साथ युवक को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने दी जाएगी। करीब एक घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद युवक टावर से नीचे उतरने को तैयार हुआ। पुलिसकर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारा। नीचे उतरते ही मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और युवक पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस ने युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया और परिवार को आपसी विवाद सुलझाने की सलाह दी। साथ ही युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए परामर्श लेने की भी बात कही गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता, सूझबूझ और मानवीय व्यवहार की सराहना की। यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन यह मामला एक बार फिर पारिवारिक संवाद और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर करता है।1