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आंदोलन कारियों की आवाज नहीं सुनते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
Bku lokshakti master sheoraj singh
आंदोलन कारियों की आवाज नहीं सुनते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
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- ये विचलित करने वाले दृश्य @noidapolice के अंतर्गत अल्फा 1 सेक्टर के हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक बेकाबू थार सवार ने सड़क किनारे शांति से खड़ी आई-10 (I-10) कार को ज़ोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया। सड़क पर खड़ी गाड़ियों की सुरक्षा अब भगवान भरोसे है। क्या इन रईसजादों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं? @noidapolice @CP_Noida कृपया सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन नंबर ट्रैक करें और इस लापरवाह चालक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करें। ऐसी घटनाएं किसी की जान भी ले सकती हैं।1
- घने कोहरे में यमुना पुल पर बड़ा हादसा टला, हाइड्रा-जेसीबी से सुरक्षित निकाली गई गाड़ी1
- भारतीय किसान यूनियन शहीद ए आजम भगत सिंह संगठन की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी बीकेयू1
- Post by मोहम्मद आसिफ सैफी4
- नोएडा, मजदूर विरोधी चार नए लेबर कोड, निजीकरण, ठेकाकरण और बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी व 26000 हजार रुपया न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा आदि को लेकर ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू गौतम बुध नगर कमेटी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आज भी कई स्थानों पर मीटिंग, जनसंपर्क प्रचार वितरण कर कामगारों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील किया। सीटू कार्यालय सेक्टर- 8, नोएडा पर सीटू कार्यकर्ताओं की बैठक बैठक में हड़ताल की समीक्षा कर अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक को सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, राम स्वारथ, अरुण कुमार बलराम चौधरी प्रभात, रामकिशन, हुकम सिंह आदि ने संबोधित किया। अनमोल इंप्लाइज यूनियन ग्रेटर नोएडा कंपनी के कर्मचारियों ने यूनियन के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में सूरजपुर ग्रेटर नोएडा पार्क में आम सभा कर 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव राम स्वारथ ने कहा कि चाहे कारखाना हो या निर्माण मजदूर हो या रेहड़ी-पटरी कामगार या फिर महिला कामगार या गिग श्रमिक अब चार लेबर कोड कानूनों से हमें गुलामी बनाने की तैयारी है, हमें आजाद भारत में सम्मान, गरिमा और मेहनत के सही दाम के लिए बढ़ती महंगाई तथा लगातार जान माल पर हमले के खिलाफ तथा न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई समेत तमाम कानूनी सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा हासिल करने के लिए 12 फरवरी 2026 की हड़ताल को की तैयारी और तेज करनी पड़ेगी और गौतम बुध नगर का के मजदूरों को रोड पर आकर विरोध प्रदर्शन कर गौतम बुध नगर में चक्का जाम करना मजदूरों की मजबूरी बन गई है सीटू जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि आजाद भारत में मजदूरों को गुलाम बनाने वाले कानून बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे उनके खिलाफ संगठित क्षेत्र में सामूहिक हड़ताल और एक बड़ी हड़ताल गौतम बुध नगर के मजदूर 12 फरवरी को जरूर करेंगे और सरकार हमारे कानून को वापस नहीं लेती है या उनमें संशोधन नहीं करती है तो आगे भी बड़ी हड़ताल की तैयारी करने का काम गौतम बुद्ध नगर के मजदूर करेंगे।2
- ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नया नियम (समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम, 2026) लागू किया। यह नियम भारत के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होता है और इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित और अन्य प्रकार के भेदभाव को रोकना है। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों एससी, ओबीसी समुदाय के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव, उत्पीडऩ और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई। इससे न केवल अभ्यर्थियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न लगे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया। भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव मुक्त वातावरण- सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिसका हम पुरजोर समर्थन करते है। यूजीसी कानून कमेटी को लेकर स्वर्ण समाज के लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं यह कमेटी ओबीसी एससी समाज के अभ्यर्थियों के लिए नौकरी व प्रमोशन में भेदभाव रोकने के लिए बनाई जा रही है इसको लेकर स्वर्ण समाज के लोग मिथ्या प्रचार कर रहे हैं कि इस कमेटी से ओबीसी समाज के लोग स्वर्ण समाज के लोगों को एससी एक्ट की तरह इस्तेमाल करेंगे, जबकि अभी यूजीसी कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं है इसीलिए स्वर्ण समाज के लोग यूजीसी कमेटी रद्द करने का प्रयास कर रहे हैं। इस यूजीसी कमेटी की सुरक्षा के लिए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी पुरजोर समर्थन करती है, और सरकार व राष्ट्रपति महोदय जी से मांग करती है कि इस यूजीसी कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और दिव्यांग, महिला व सोशल रिटायर्ड प्रोफेसर या समाजसेवी वर्ग से मेम्बर गठित होने है परन्तु इसमे यह स्पष्ट नहीं है किस वर्ग से कितने कितने मेंबर होंगे प्रधानमंत्री जी यह स्पष्ट कराये । और यह भी मांग करते है इस कमेटी में आधे से ज्यादा एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी, दिव्यांग वर्ग से मेम्बर शामिल किए जाये हो क्योंकि वर्चस्व यूनिवर्सिटी में स्वर्ण वर्ग के लोगों की संख्या और नेटवर्क ज्यादा है तो फिर जनरल कैटेगरी के साथ अन्याय कैसे हो सकता है। जबकि नियमों का उद्देश्य संस्थानों में भेदभाव मुक्त और जवाबदेह शैक्षणिक वातावरण- सुनिश्चित करना है। इसलिय लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की मांग है कि (यूजीसी) कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और माइनॉरिटी के मेम्बर की संख्या अधिक हो ताकि अभियार्थियो को भेदभाव-मुक्त समानता, पारदर्शिता का बेहतर अकादमिक माहौल मिल सके । इस नियम का पुरजोर समर्थन करते है।1
- Post by Ranjana rathor6
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