राजस्थान के कोटा शहर में ईद के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जहाँ मुस्लिम समाज के लोगों ने गौशाला पहुँचकर गायों को चारा खिलाया। इस दौरान उन्होंने गौ माता को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की भी मांग उठाई। ईद की नमाज अदा करने के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग किशोरपुरा स्थित कायण हाउस गौशाला पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने हाथों से गायों को हरा चारा खिलाया और एकता का संदेश दिया। यह विशेष आयोजन गौ सेवक हिम्मत सिंह के आवाहन पर किया गया था, जिसमें मुस्लिम समाज ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। गौशाला में गौ सेवा के दौरान 'गौ माता का सम्मान हो' और 'गौ माता राष्ट्रीय माता' जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि गाय किसी एक धर्म की आस्था का प्रतीक मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरी भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ सेवा सीधे तौर पर मानवता और जीव दया का संदेश देती है, इसलिए सभी समाजों को मिलकर गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इस कार्यक्रम में पांच पीर गद्दीनशीन रफ़ीक बाबा, पूर्व पार्षद उमर सीआईडी, आफताब अंसारी, मुजाहिद हुसैन, आबिद अंसारी, इरफ़ान अली, मोहम्मद शफ़ीक़, अरविंद चोरसिया, राजेंद्र सिंह, भारत जेठी, देवेंद्र सिंह, राजवीर सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से गौ माता को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की, क्योंकि गांवों की अर्थव्यवस्था, खेती और डेयरी व्यवस्था आज भी पूरी तरह से गौवंश पर आधारित है। उनका मानना था कि गौ संरक्षण को लेकर देश का हर समाज यदि इसी तरह एकजुट होगा, तो सामाजिक समरसता और अधिक मजबूत होगी। ईद के जश्न के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने कोटा शहर में भाईचारे की एक मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ जमकर सराहना हो रही है।
राजस्थान के कोटा शहर में ईद के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जहाँ मुस्लिम समाज के लोगों ने गौशाला पहुँचकर गायों को चारा खिलाया। इस दौरान उन्होंने गौ माता को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की भी मांग उठाई। ईद की नमाज अदा करने के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग किशोरपुरा स्थित कायण हाउस गौशाला पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने हाथों से गायों को हरा चारा खिलाया और एकता का संदेश दिया। यह विशेष आयोजन गौ सेवक हिम्मत सिंह के आवाहन पर किया गया था, जिसमें मुस्लिम समाज ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। गौशाला में गौ सेवा के दौरान 'गौ माता का सम्मान हो' और 'गौ माता राष्ट्रीय माता' जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि गाय किसी एक धर्म की आस्था का प्रतीक मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरी भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गौ सेवा सीधे तौर पर मानवता और जीव दया का संदेश देती है, इसलिए सभी समाजों को मिलकर गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इस कार्यक्रम में पांच पीर गद्दीनशीन रफ़ीक बाबा, पूर्व पार्षद उमर सीआईडी, आफताब अंसारी, मुजाहिद हुसैन, आबिद अंसारी, इरफ़ान अली, मोहम्मद शफ़ीक़, अरविंद चोरसिया, राजेंद्र सिंह, भारत जेठी, देवेंद्र सिंह, राजवीर सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से गौ माता को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की, क्योंकि गांवों की अर्थव्यवस्था, खेती और डेयरी व्यवस्था आज भी पूरी तरह से गौवंश पर आधारित है। उनका मानना था कि गौ संरक्षण को लेकर देश का हर समाज यदि इसी तरह एकजुट होगा, तो सामाजिक समरसता और अधिक मजबूत होगी। ईद के जश्न के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने कोटा शहर में भाईचारे की एक मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ जमकर सराहना हो रही है।
- Deepak Deepakहरदा, हरदा, मध्य प्रदेश👍👍👍👍9 hrs ago
- हिराभैया,कोटालाडपुरा, कोटा, राजस्थान🙏9 hrs ago
- हिराभैया,कोटालाडपुरा, कोटा, राजस्थान👏9 hrs ago
- 45degrees/dreams द्वारा प्रचारित आकाश इंस्टिट्यूट को उस स्थान के रूप में दर्शाया गया है जहाँ डॉक्टर या IITian बनने के सभी सपने साकार होते हैं। यह संस्थान छात्रों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके लक्ष्यों तक पहुँचने में सहायता करने पर केंद्रित है।1
- Post by Sadbhavna sandesh news3
- कोटा के अनन्तपुरा थाना क्षेत्र में, वन कर्मियों ने अपनी नियमित गश्त के दौरान अवैध खनन कर लाए जा रहे पत्थरों से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़ा। यह ट्रैक्टर अवैध खनन की सामग्री ले जा रहा था। लेकिन, खनन माफिया से जुड़े लोगों ने अपनी दबंगई दिखाते हुए वनकर्मियों को घेर लिया और जबरन ट्रैक्टर को छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद, वनकर्मियों ने अनन्तपुरा थाने पहुंचकर इस संबंध में मामला दर्ज कराया है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आर्य वीर दल का एक विशाल प्रांतीय शिविर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के 22 जिलों से बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। इस शिविर का मुख्य आकर्षण 'तृतीय नेत्र विकास शिविर' रहा, जहाँ बच्चों ने अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया। शिविर में बच्चों ने आँखों पर पट्टी बाँधकर कार्ड पढ़े, विभिन्न रंगों और आकृतियों को पहचानकर सभी उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।1
- Post by Kuamr Sonu1
- राजस्थान के बूंदी जिले के बासनपुरा में एक गुरुद्वारा स्थित है। यह गुरुद्वारा गुरु महाराज से जुड़ा है और बूंदी के इंदरगढ़ क्षेत्र के बासनपुरा में स्थित होने की बात कही गई है।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान चेचट के पास से एक कार से ₹2.24 करोड़ जब्त किए हैं। यह कार गुजरात की बताई जा रही है, जिसमें यह बड़ी रकम मिली। ग्रामीण पुलिस एसपी के अनुसार, यह पैसा हवाला का था और इसे प्रयागराज-वाराणसी आदि जगहों से लाया जा रहा था। कार में सवार दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस मामले में आयकर विभाग को सूचित किया जाएगा, और आगे की कार्रवाई के लिए जांच जारी है।1
- राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत रावतभाटा नगर पालिका ने शहर में एक विशेष स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत आरपीएस गेस्ट हाउस डैम क्षेत्र, चंबल नदी किनारे स्थित गार्डन और मानव मंदिर क्षेत्र में व्यापक साफ-सफाई की गई। नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण करना, स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण के प्रति आमजन को जागरूक करना है। अभियान के तहत जल स्रोतों के आसपास फैली गंदगी को हटाकर क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया गया। इस अवसर पर दशहरा मैदान में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें शीशम, खुरंज और आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस कार्यक्रम में पूर्व पालिका अध्यक्ष राजकुमार वाधवा, राजेंद्र दसोरा, भुवनेश नागर, विजय गुप्ता, मनोज कुमार रणजीत सिंह, योगेश कुमार सहित अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे। राजेश जयपाल के अनुसार, नगर पालिका की विभिन्न टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई कार्य किया और सभी कर्मचारियों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। नगर पालिका प्रशासन ने आमजन से जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि शहर में इस प्रकार के स्वच्छता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।4
- अजमेर जिले के बोराज में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जहाँ पूर्व सरपंच, उनकी माँ और बेटे सहित कुल चार लोगों की हत्या कर दी गई है। घटना में तीन शव एक स्कॉर्पियो कार की पिछली सीट पर पाए गए, जबकि एक महिला का शव खेत में पड़ा मिला। पुलिस की शुरुआती जाँच में खुलासा हुआ है कि इस जघन्य वारदात को पहली पत्नी, बेटे और बेटी ने मिलकर अंजाम दिया है। हत्या के बाद, शवों को गाड़ी में डालकर आग लगा दी गई थी, ताकि पूरे मामले को एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके और अपराध को छिपाया जा सके।1