अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सासनी के प्रसिद्ध विलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में योग का विशेष महत्व देखने को मिला, जहाँ पिछले 18 वर्षों से नियमित रूप से योग साधना का क्रम अनवरत जारी है। योग के प्रति इस समर्पण और निरंतरता ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को एक नई जीवन शैली से भी जोड़ा है। इन 18 वर्षों से योग का अलख जगाने वाले प्रमुख साधकों में रणधीर सिंह राणा, पं. खगेंद्र शास्त्री, लीलाधर शर्मा, डब्बू गुप्ता और राकेश माहौर के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। ये सभी साधक न केवल स्वयं नियमित योग करते हैं, बल्कि प्रतिदिन आने वाले अन्य लोगों को भी योग और प्राणायाम का प्रशिक्षण देकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हैं। इन साधकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग केवल एक दिन का अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने निरंतर 18 वर्षों तक योग करने से उन्हें शारीरिक और मानसिक स्तर पर अद्भुत सकारात्मक बदलाव महसूस हुए हैं। विलेश्वर महादेव मंदिर में यह योग सत्र प्रतिदिन अलसुबह शुरू होता है, जहाँ क्षेत्र के तमाम युवा और बुजुर्ग एक साथ योग का अभ्यास करते हैं। रणधीर सिंह राणा और उनकी टीम ने समाज को यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी कार्य को वर्षों तक अनवरत जारी रखा जा सकता है। इन योग साधकों की मेहनत का ही परिणाम है कि आज सासनी के इस मंदिर प्रांगण में योग के प्रति लोगों का उत्साह और जुड़ाव निरंतर बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इन योग गुरुओं की सराहना करते हुए कहा है कि इनकी निष्ठा और सेवा भाव हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सासनी के प्रसिद्ध विलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में योग का विशेष महत्व देखने को मिला, जहाँ पिछले 18 वर्षों से नियमित रूप से योग साधना का क्रम अनवरत जारी है। योग के प्रति इस समर्पण और निरंतरता ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को एक नई जीवन शैली से भी जोड़ा है। इन 18 वर्षों से योग का अलख जगाने वाले प्रमुख साधकों में रणधीर सिंह राणा, पं. खगेंद्र शास्त्री, लीलाधर शर्मा, डब्बू गुप्ता और राकेश माहौर के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। ये सभी साधक न केवल स्वयं नियमित योग करते हैं, बल्कि प्रतिदिन आने वाले अन्य लोगों को भी योग और प्राणायाम का प्रशिक्षण देकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हैं। इन साधकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग केवल एक
दिन का अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने निरंतर 18 वर्षों तक योग करने से उन्हें शारीरिक और मानसिक स्तर पर अद्भुत सकारात्मक बदलाव महसूस हुए हैं। विलेश्वर महादेव मंदिर में यह योग सत्र प्रतिदिन अलसुबह शुरू होता है, जहाँ क्षेत्र के तमाम युवा और बुजुर्ग एक साथ योग का अभ्यास करते हैं। रणधीर सिंह राणा और उनकी टीम ने समाज को यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी कार्य को वर्षों तक अनवरत जारी रखा जा सकता है। इन योग साधकों की मेहनत का ही परिणाम है कि आज सासनी के इस मंदिर प्रांगण में योग के प्रति लोगों का उत्साह और जुड़ाव निरंतर बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इन योग गुरुओं की सराहना करते हुए कहा है कि इनकी निष्ठा और सेवा भाव हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ जे.एन. मेडिकल कॉलेज के सीएमएस पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन करते समय एक महिला की मौत का मामला दर्ज किया गया है।1
- शाहिद सलमान ने मुख्यमंत्री योगी जी से मिलने की इच्छा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री को यह बताना चाहते हैं कि अलीगढ़ शहर को किस तरह लूटा जा रहा है।1
- दरभंगा में मोहम्मद फैज अहमद हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर, यानी 13 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी मामले में गिरफ्तारी के अलावा कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे पीड़ित परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार देर रात फैज की मां ने एक प्रेस वार्ता कर अपना दर्द साझा किया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बेहद शांत, मिलनसार और जिम्मेदार स्वभाव का था। फैज की मां ने जोर देते हुए कहा कि "वह घर की हर बात हमसे साझा करता था और किसी से उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी। जुम्मे की नमाज पढ़कर वह काम पर गया था, लेकिन फिर कभी घर नहीं लौट सका। आखिर उसका कसूर क्या था, यह जानना चाहती हूं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी से उन्हें संतुष्टि नहीं है, बल्कि वे जानना चाहती हैं कि उनके बेटे की हत्या क्यों हुई और इसके पीछे कौन लोग हैं। फैज की फूफी ने भी मामले में कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, जिससे उनका संदेह और गहरा रहा है। परिजनों का सामूहिक रूप से कहना है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में, परिवार ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कर मामले का जल्द खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिलने का अहसास हो सके।1
- अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र में पिता दिवस के अवसर पर एक घटना सामने आई है, जहाँ चार नाबालिग बच्चियां अपने घर से चली गई थीं। इस मामले में अलीगढ़ पुलिस 15 घंटे के भीतर ही शामिल हुई।1
- अलीगढ़ किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के साथ ही, उन्होंने 'चलो गाँव की ओर' नामक अभियान का भी आह्वान किया।1
- हाथरस में एक विवादित जमीन को खाली कराने के लिए पहुंची नगर पालिका को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। नगर पालिका इस भूमि पर अपना मालिकाना हक जता रही है, जबकि वहाँ पिछले 25 सालों से रह रहे परिवार का दावा है कि वे इस जमीन का नियमित किराया कोर्ट में जमा कर रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन के साथ तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। फिलहाल, मौके पर मालिकाना हक के पुख्ता दस्तावेज न मिल पाने के कारण यह काम रोक दिया गया है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि दोनों पक्षों के कागजातों की गहन जांच के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा।1