मौत का कुआं बंद होना चाहिए समाज सेवी रामेश्वर बाबल की मार्मिक अपील “मौत का कुआं बंद होना ही चाहिए” — समाजसेवी रामेश्वर बाबल की मार्मिक अपील घड़साना में प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके नवजात शिशु की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के माथे पर लगा वह कलंक है जो स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और निजी अस्पतालों की मनमानी को उजागर करता है। इसी बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल ने बेहद मार्मिक और भावुक अपील करते हुए कहा कि घड़साना में जिस नर्सिंग होम ने एक माँ और उसके अजन्मे बच्चे की जिंदगी निगल ली, वह अस्पताल नहीं बल्कि “मौत का कुआं” बन चुका है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे स्थान को बंद करवाना अब सिर्फ सुथार परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी बन चुकी है। रामेश्वर बाबल ने क्षेत्रवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि कल अधिक से अधिक संख्या में घड़साना पहुंचकर पीड़ित सुभाष सुथार और उसके परिवार के साथ खड़े हों, ताकि यह संदेश साफ जाए कि समाज अन्याय और लापरवाही को चुपचाप सहने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आज हम चुप रहे तो कल किसी और की बहू-बेटी इस लापरवाही की भेंट चढ़ सकती है। इसलिए यह सिर्फ एक अस्पताल बंद करवाने की मांग नहीं, बल्कि इंसाफ, मानवता और व्यवस्था को आईना दिखाने की लड़ाई है। रामेश्वर बाबल ने कहा कि जनता की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। अगर पूरा क्षेत्र एक साथ खड़ा हो गया तो वह दिन दूर नहीं जब इस “मौत के कुएं” पर हमेशा के लिए ताला लग जाएगा और सुदेश कुमारी की आत्मा को सच्चा न्याय मिलेगा। अब देखना यह है कि क्या घड़साना की जनता इस दर्द और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरती है, या फिर सिस्टम की खामोशी एक और सच्चाई को दफन कर देगी।
मौत का कुआं बंद होना चाहिए समाज सेवी रामेश्वर बाबल की मार्मिक अपील “मौत का कुआं बंद होना ही चाहिए” — समाजसेवी रामेश्वर बाबल की मार्मिक अपील घड़साना में प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके नवजात शिशु की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के माथे पर लगा वह कलंक है जो स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और निजी अस्पतालों की मनमानी को उजागर करता है। इसी बीच समाजसेवी रामेश्वर बाबल ने बेहद मार्मिक और भावुक अपील करते हुए कहा कि घड़साना में जिस नर्सिंग होम ने एक माँ और उसके अजन्मे बच्चे की जिंदगी निगल ली, वह अस्पताल नहीं बल्कि “मौत का कुआं” बन चुका है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे स्थान को बंद करवाना अब सिर्फ सुथार परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी बन चुकी है। रामेश्वर बाबल ने क्षेत्रवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि कल अधिक से अधिक संख्या में घड़साना पहुंचकर पीड़ित सुभाष सुथार और उसके परिवार के साथ खड़े हों, ताकि यह संदेश साफ जाए कि समाज अन्याय और लापरवाही को चुपचाप सहने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आज हम चुप रहे तो कल किसी और की बहू-बेटी इस लापरवाही की भेंट चढ़ सकती है। इसलिए यह सिर्फ एक अस्पताल बंद करवाने की मांग नहीं, बल्कि इंसाफ, मानवता और व्यवस्था को आईना दिखाने की लड़ाई है। रामेश्वर बाबल ने कहा कि जनता की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है। अगर पूरा क्षेत्र एक साथ खड़ा हो गया तो वह दिन दूर नहीं जब इस “मौत के कुएं” पर हमेशा के लिए ताला लग जाएगा और सुदेश कुमारी की आत्मा को सच्चा न्याय मिलेगा। अब देखना यह है कि क्या घड़साना की जनता इस दर्द और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरती है, या फिर सिस्टम की खामोशी एक और सच्चाई को दफन कर देगी।
- हेडलाइन: एरिगेशन विभाग की लापरवाही से किसानों का रास्ता बंद, पक्के खाले के निर्माण को लेकर फिर विवाद श्रीगंगानगर/सूरतगढ़। सूरतगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत गुरुसर मोडिया के चक 27 एमओडी में बन रहे पक्के खाले के निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। किसानों ने एरिगेशन विभाग की लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि निर्माण कार्य के चलते उनके खेतों तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, पहले यहां पक्का खाला और उसके साथ खेतों तक आने-जाने के लिए रास्ता भी बना हुआ था। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है, जिसके कारण रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में एरिगेशन विभाग द्वारा सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर यहां पुलिया निर्माण की बात कही जा रही है और विभागीय स्तर पर इसे सही ठहराया जा रहा है। हालांकि किसानों का आरोप है कि यदि पुलिया का सही और नियमानुसार निर्माण किया जाता तो खेतों तक जाने वाला रास्ता बंद नहीं होता। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार और कुछ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही यह समस्या पैदा हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित ठेकेदार पर पहले भी घटिया निर्माण करवाने के आरोप लग चुके हैं। उस समय “न्यूज 21 नेशनल” में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिया के निर्माण कार्य को दोबारा करवाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि अब एक बार फिर वही ठेकेदार निर्माण कार्य कर रहा है और इस बार भी काम में लापरवाही बरती जा रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की मौके पर जांच करवाई जाए और खेतों तक जाने के लिए रास्ता तुरंत बहाल किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। Tv एंकर न्यूज बनाओ ब्रेकिंग न्यूज पटी बनाओ1
- मोरजंडखारी (हनुमानगढ़)। सांसद कुलदीप इंदौरा ने हनुमानगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंचायत मोरजंड खारी में मनरेगा श्रमिकों के बीच पहुँचकर उनसे संवाद किया। सांसद ने कार्यस्थल पर श्रमिकों से उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। श्रमिकों को संबोधित करते हुए सांसद इंदौरा ने कहा कि मनरेगा आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर परिवारों के लिए जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा केंद्र की भाजपा सरकार लगातार बजट में कटौती और जटिल नियमों के जरिए मनरेगा को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश रच रही है। यह गरीब मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। सांसद ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से किसान, मजदूर और वंचित वर्ग की ढाल रही है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि गरीबों के हक की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और संसद से लेकर सड़क तक उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी। सांसद इंदौरा के साथ सुभाष भाकर जिला परिषद सदस्य ,राजेश नागर sc विभाग जिला अध्यक्ष व अन्य मौजूद रहे।3
- इंडिया स्नेक बार के बाहर एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने का सीसीटीवी वीडियो हुआ वायरल, ट्रैक्टर ट्राली से एक कार के क्षतिग्रस्त होने की सूचना, 20 से 25 युवा थे ट्रैक्टर ट्राली में सवार सूत्र, गनीमत रही टला बड़ा हादसा,1
- *पदमपुर में होली पर कल जमकर हुआ हुड़दंग,* इंडिया स्नेक बार के बाहर एक ट्रैक्टर ट्रॉली के पलटने का सीसीटीवी वीडियो हुआ वायरल, ट्रैक्टर ट्राली से एक कार के क्षतिग्रस्त होने की सूचना, 20 से 25 युवा थे ट्रैक्टर ट्राली में सवार सूत्र, गनीमत रही टला बड़ा हादसा,1
- शराब बीड़ी सिगरेट तंबाकू गुटखा पान मसाला जर्दा जाफरी आदि से छुटकारा पाओ। 75686281431
- 🌿 मेहंदी आर्टिस्ट उपलब्ध 🌿 शादी, तीज, करवा चौथ, पार्टी या किसी भी खास मौके के लिए सुंदर और लेटेस्ट डिज़ाइन की मेहंदी लगवाईए। ✔️ ब्राइडल मेहंदी ✔️ अरेबिक मेहंदी ✔️ फुल हैंड मेहंदी ✔️ लेटेस्ट ट्रेंडिंग डिज़ाइन 💯 नेचुरल मेहंदी – गहरा रंग की गारंटी 📍 घर पर आकर भी मेहंदी लगाई जाती है 📞 संपर्क करें: 8890 936 450 ✨ एक बार सेवा का मौका जरूर दें1
- खानूवाली प्रकरण में गरमाई सियासत: पीड़ित सुभाष सुथार के समर्थन में डटकर खड़े हुए प्रशासक दिनेश कुमार सोनी खानूवाली में प्रसूता सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच रावला के प्रशासक दिनेश कुमार सोनी का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा गरमा दिया है। प्रशासक सोनी ने साफ शब्दों में कहा है कि इस दुखद प्रकरण में पीड़ित पति सुभाष सुथार के साथ न्याय होना ही चाहिए और वह इस न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। प्रशासक दिनेश कुमार सोनी ने कहा कि एक मां और उसके अजन्मे बच्चे की मौत केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर सवाल है। उन्होंने मांग की कि सुदेश कुमारी और उसके अजन्मे बच्चे की मौत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। सोनी ने यह भी कहा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील करते हुए कहा कि इस मामले की जांच पूरी ईमानदारी से की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। खानूवाली की इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। आम लोग भी अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि न्याय की इस लड़ाई में वे सुभाष सुथार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। #बेटी_को_न्याय_दो #वायरलपोस्ट2025シ #खबरें24 #खानुवाली #रावला #घडसाना #अनूपगढ़ #चिकित्सामंत्री #वायरलन्यूज़ #dmsriganganagar #पुलिस #राजस्थानन्यूज़ #गोपीबेनीवाल1
- *बीकानेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी,* आया मेल, कोर्ट परिसर को करवाया जा रहा खाली,2
- लखासर। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर माहौल में लखासर स्थित बाबा रामदेव जी महाराज मंदिर में आयोजित बाबा श्री रामदेव जी महाराज की पावन कथा का रविवार को विधिवत हवन-यज्ञ के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन हवन में आहुतियां देने के लिए ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। कथा समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर परिवार, गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर हवन में आहुति दी और क्षेत्रवासियों की उन्नति की कामना की। मेघवाल ने कहा कि समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे धार्मिक आयोजनों का होना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि धार्मिक विचार और संस्कार ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं। हवन-यज्ञ के उपरांत कथा वाचन कर रहे संत-महात्माओं का सम्मान एवं विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने संतों का साफा पहनाकर व माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। संतों ने अपने आशीर्वचन में कहा कि बाबा रामदेव जी महाराज की कृपा से गांव में सदैव सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे तथा समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा मजबूत हो। कार्यक्रम के दौरान दुलहंडी पर्व की भी धूम रही। उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा। मंदिर पुजारी पूर्णराम जी पटिर ने कथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामवासियों, श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की एकजुटता और सहयोग से ही इतना भव्य धार्मिक आयोजन संभव हो पाया है। समापन के साथ ही मंदिर परिसर “जय बाबा री” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देकर संपन्न हुआ।1