उत्तराखंड के देहरादून मास्टर प्लान 2041 के मसौदे पर जनपरामर्श की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद अब राजधानी से परे मसूरी के लिए भी एक समर्पित दीर्घकालिक योजना की मांग उठने लगी है। हालांकि मसूरी वर्तमान मसौदा योजना का हिस्सा नहीं है, लेकिन शहरी नियोजकों, पत्रकारों और नागरिकों ने यह सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि क्या 'पहाड़ों की रानी' के लिए भी एक समर्पित दीर्घकालिक योजना ढांचे की आवश्यकता है। इस चर्चा के तहत मसूरी को देहरादून मास्टर प्लान में शामिल करने के बजाय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के अंतर्गत एक समर्पित "मसूरी विजन 2041" शुरू करने का प्रस्ताव है। यह ढांचा विशेष रूप से टिकाऊ पर्यटन, यातायात प्रबंधन, जल सुरक्षा, विरासत संरक्षण, जलवायु लचीलापन और पारिस्थितिक संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे देहरादून का विकास होगा, मसूरी पर इसका प्रभाव और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा, जिससे घाटी और पहाड़ियों दोनों के भविष्य के लिए एकीकृत क्षेत्रीय योजना आवश्यक हो गई है। नागरिक देहरादून मास्टर प्लान 2041 के मसौदे पर अपने सुझाव और आपत्तियां 21 जुलाई 2026 तक दर्ज करा सकते हैं।
उत्तराखंड के देहरादून मास्टर प्लान 2041 के मसौदे पर जनपरामर्श की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद अब राजधानी से परे मसूरी के लिए भी एक समर्पित दीर्घकालिक योजना की मांग उठने लगी है। हालांकि मसूरी वर्तमान मसौदा योजना का हिस्सा नहीं है, लेकिन शहरी नियोजकों, पत्रकारों और नागरिकों ने यह सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि क्या 'पहाड़ों की रानी' के लिए भी एक समर्पित दीर्घकालिक योजना ढांचे की आवश्यकता है। इस चर्चा के तहत मसूरी को देहरादून मास्टर प्लान में शामिल करने के बजाय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के
अंतर्गत एक समर्पित "मसूरी विजन 2041" शुरू करने का प्रस्ताव है। यह ढांचा विशेष रूप से टिकाऊ पर्यटन, यातायात प्रबंधन, जल सुरक्षा, विरासत संरक्षण, जलवायु लचीलापन और पारिस्थितिक संरक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे देहरादून का विकास होगा, मसूरी पर इसका प्रभाव और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा, जिससे घाटी और पहाड़ियों दोनों के भविष्य के लिए एकीकृत क्षेत्रीय योजना आवश्यक हो गई है। नागरिक देहरादून मास्टर प्लान 2041 के मसौदे पर अपने सुझाव और आपत्तियां 21 जुलाई 2026 तक दर्ज करा सकते हैं।
- उत्तराखंड के देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने छठे 'लोक संवर्धन पर्व' का भव्य शुभारंभ किया। इस खास अवसर पर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश भर के शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार और उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं। उत्सव में लगाए गए 150 से अधिक स्टॉलों पर पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, लोक कला और विभिन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक संस्कृति का संरक्षण और स्थानीय शिल्पकारों का सशक्तिकरण विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर्व को भारत की सांस्कृतिक एकता और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव बताया। इस आयोजन में केंद्र सरकार के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।1
- टिहरी गढ़वाल के डांडाचली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृक्षारोपण किया गया। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज श्री दयाराम की अगुवाई में आयोजित हुआ।1
- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर अंतर्गत ढुंग ग्राम पंचायत को एक नई सौगात मिली है। यहाँ ग्राम पंचायत के प्रधान कार्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया गया है। इस नए कार्यालय के शुरू होने से अब स्थानीय ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में चारधाम यात्रा के लिए टूर पैकेज की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इस यात्रा पैकेज के तहत श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा कर सकते हैं। इच्छुक लोग बुकिंग की जानकारी और बुकिंग के लिए संपर्क नंबर 7895547902 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- हरिद्वार जिले के बहादराबाद ब्लॉक के ग्राम दिनारपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा गुरुद्वारा साहिब में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों की समस्याओं पर चर्चा करना और आगामी 20 जुलाई को सिद्ध स्रोत में होने वाली विशाल महापंचायत के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना था। बैठक में दिनारपुर और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और स्थानीय कृषि मुद्दों, फसलों के लाभकारी मूल्य, सिंचाई की किल्लत व भूमि संबंधी विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया। संगठन का विस्तार करते हुए सरदार बलदेव सिंह को सर्वसम्मति से वरिष्ठ जिला संरक्षक मनोनीत किया गया, जिनका उपस्थित नेताओं और किसानों ने माला पहनाकर स्वागत किया और आगामी किसान आंदोलनों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष विजय शास्त्री, प्रदेश प्रचार मंत्री बेदपाल पंवार, जिला उपाध्यक्ष आनंद सैनी व सतीश चौधरी, जिला प्रचार मंत्री अमित सैनी, जिला सचिव सानू व अनुज बेनीवाल, जिला प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी शिवम चौधरी और युवा किसान नेता निशांत सैनी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर उपस्थित सैकड़ों किसानों ने हाथ उठाकर आगामी 20 जुलाई को सिद्ध स्रोत महापंचायत में अपनी मजबूत और संगठित उपस्थिति दर्ज कराने का संकल्प लिया। किसान नेताओं ने कहा कि इस महापंचायत के माध्यम से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष किसानों की मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा और उनके न्यायपूर्ण समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा। नेताओं ने सभी किसानों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से समय पर महापंचायत में पहुंचने का आह्वान किया है।1
- उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही विभाग ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष रूप से सावधान रहने की अपील की है।1
- देहरादून में पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और चरस के साथ तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब बेचने के काम में इस्तेमाल की जा रही दो स्कूटी को भी सीज कर दिया है।1