दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज रंगदारी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों साहिल गर्ग और राजन कालरा को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कारोबारी से कथित तौर पर कुख्यात काला जठेड़ी गैंग के नाम पर पैसे की मांग करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने केवल अपने उधार दिए गए पैसे को वापस लेने के लिए इस गैंग के नाम का इस्तेमाल किया था। राजन कालरा के एक जानकार ने कैलिफोर्निया से व्हाट्सएप्प के माध्यम से काला जठेड़ी के नाम पर वॉयस नोट भेजकर रंगदारी मांगी थी। उत्तर पश्चिम दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि आदर्श नगर निवासी कारोबारी रोहित जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप्प कॉल और संदेशों के जरिए धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को काला जठेड़ी गिरोह का सदस्य बताया और कथित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, धमकी देने वाले ने दावा किया था कि उसने साहिल गर्ग से कथित बकाया राशि की वसूली के लिए 50 लाख रुपये ‘टोकन मनी’ ली है और भुगतान न करने पर शिकायतकर्ता की हत्या कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को धमकी भरी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी, जिसके आधार पर सात जून को आदर्श नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस टीम ने हरियाणा के करनाल, जगाधरी और यमुनानगर में छापेमारी की, जिसके बाद पहले राजन कालरा को और फिर उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी साहिल गर्ग को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रंगदारी की वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका किसी गैंग से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने तथा अपना उधार दिया पैसा वापस मांगने के लिए काला जठेड़ी गिरोह के नाम का इस्तेमाल किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों के अन्य संभावित संपर्कों तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, राजन कालरा के भाई को दबोचने के प्रयास भी जारी हैं, जिसने कैलिफोर्निया से वॉयस नोट भेजे थे।
दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज रंगदारी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों साहिल गर्ग और राजन कालरा को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कारोबारी से कथित तौर पर कुख्यात काला जठेड़ी गैंग के नाम पर पैसे की मांग करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने केवल अपने उधार दिए गए पैसे को वापस लेने के लिए इस गैंग के नाम का इस्तेमाल किया था। राजन कालरा के एक जानकार ने कैलिफोर्निया से व्हाट्सएप्प के माध्यम से काला जठेड़ी के नाम पर वॉयस नोट भेजकर रंगदारी मांगी थी। उत्तर पश्चिम दिल्ली की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि आदर्श नगर निवासी कारोबारी रोहित जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप्प कॉल और संदेशों के जरिए धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को काला जठेड़ी गिरोह का सदस्य बताया और कथित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की। शिकायत के मुताबिक, धमकी देने वाले ने दावा किया था कि उसने साहिल गर्ग से कथित बकाया राशि की वसूली के लिए 50 लाख रुपये ‘टोकन मनी’ ली है और भुगतान न करने पर शिकायतकर्ता की हत्या कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को धमकी भरी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी, जिसके आधार पर सात जून को आदर्श नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस टीम ने हरियाणा के करनाल, जगाधरी और यमुनानगर में छापेमारी की, जिसके बाद पहले राजन कालरा को और फिर उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी साहिल गर्ग को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रंगदारी की वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका किसी गैंग से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने तथा अपना उधार दिया पैसा वापस मांगने के लिए काला जठेड़ी गिरोह के नाम का इस्तेमाल किया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों के अन्य संभावित संपर्कों तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, राजन कालरा के भाई को दबोचने के प्रयास भी जारी हैं, जिसने कैलिफोर्निया से वॉयस नोट भेजे थे।
- Qazi Dilnawaz Siddiquiदिल्ली, इंडिया😤2 hrs ago
- गुजरात के सूरत स्थित अरेथ के केवड़िया गांव में जब्त की गई 3.38 करोड़ रुपये मूल्य की शराब को नष्ट कर दिया गया।1
- दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ₹20 लाख के हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ एक छात्र को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय जसीम सियादुल फरसान के रूप में हुई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में बी.ए. के आठवें सेमेस्टर का छात्र है और केरल का मूल निवासी है. पुलिस ने जसीम को विजय नगर, डबल स्टोरी के पास से पकड़ा, जहाँ उसके कब्जे से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, जिसे OG भी कहा जाता है, बरामद किया गया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह आसानी से और तेजी से पैसा कमाने के लिए सत्यवती कॉलेज के छात्रों को ही ड्रग्स सप्लाई करता था. इस मामले में थाना मॉडल टाउन में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस अब इस छात्र के ड्रग नेटवर्क से जुड़ी अन्य कड़ियों को भी खंगालने में जुटी है.1
- भदोही जिले के सुरियावा थाना अंतर्गत मनीगंज छतरी पुर में एक जमीनी विवाद को हड़पने की साजिश के तहत एक महिला को बुरी तरह पीटकर जख्मी कर दिया गया। पीड़िता सुनीता सरोज ने बाबू नाथ सरोज, दाऊ, हरदेव और शिवा सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाया है कि उनके पति के बाहर रहने का फायदा उठाकर इन लोगों ने उन पर आतंक और जुल्म ढाया। सुनीता सरोज के अनुसार, कुछ दिन पहले इन आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। इस घटना के बावजूद, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। पोस्ट में ऐसे अपराधियों के खिलाफ पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि पुलिस "मुख्य दर्शक" बनी हुई है।1
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- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में लोकसभा स्पीकर को 20 टीएमसी सांसदों द्वारा लिखे गए पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई नेतृत्व तानाशाह की भूमिका अपना लेता है और दलों में नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिलता, तो ऐसी परिस्थितियाँ अक्सर विवादों को जन्म देती हैं। पासवान ने अपने निजी अनुभव का भी उल्लेख करते हुए बताया कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी अपनी पार्टी में भी इसी तरह की स्थितियाँ उत्पन्न हुई थीं, लेकिन उन्होंने पुनः प्रयास किया और अब समावेशी सोच के साथ पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान इन्हीं नेताओं ने बार-बार आरोप लगाया था कि एक कंपनी के माध्यम से पार्टी का संचालन किया जा रहा है। हालांकि, चिराग पासवान ने इसे तृणमूल कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताते हुए यह भी कहा कि कोई नहीं जानता क्या सही है या क्या गलत, लेकिन नेतृत्व के प्रति उनमें अविश्वास की स्थिति स्पष्ट है।1
- मूल पोस्ट में दोस्तों को 'हर हर महादेव' कहकर संबोधित किया गया है और बाबा भोलेनाथ जी से प्रार्थना की गई है कि उनकी कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।1
- राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर आज बस्ती में ग्रेट निकोबार क्षेत्र की रक्षा के लिए हर्रैया तहसील गेट पर एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कांग्रेस पार्टी ने इस दौरान जल, जंगल और जमीन की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पर्यावरण और आदिवासी हितों की अनदेखी करने वाली नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी। पार्टी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विकास के नाम पर देश की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरणीय विरासत को नुकसान पहुंचा रही है। विशेष रूप से, जैव विविधता से समृद्ध ग्रेट निकोबार क्षेत्र के जंगलों को व्यापारिक हितों के लिए नष्ट करने की तैयारी की जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होगा और वहां रहने वाली आदिम जनजातियों के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो सकता है। इस अभियान में सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी मुहिम को समर्थन दिया।1
- दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित चिंता हरण धाम मंदिर में सुंदर कांड का आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन डॉ स्वामी कृष्ण महाराज जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।1
- पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 कर्मियों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था। सोशल मीडिया पर कुछ दावों में यह कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया है कि यह दुर्घटना मुजफ्फराबाद के पास तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिसमें हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 लोग मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह हेलीकॉप्टर पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एमआई-17 था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पीओके के नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था, तभी उड़ान भरते समय उसमें तकनीकी खराबी आ गई। कथित तौर पर विमान ने आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में कोई जीवित नहीं बचा और पीड़ितों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल थे।3