बोकारो के पिंडाजोरा (चास) स्थित आजीविका संकुल संगठन भवन में उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार की अध्यक्षता में बाल संरक्षण से संबंधित जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक सुरक्षा बाल संरक्षण इकाई, बोकारो के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में श्रीमती मजूमदार ने जोर देकर कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। इसमें विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम, मानव तस्करी, बालिका शिक्षा और बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रीमती मजूमदार ने बताया कि बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और बालिका शिक्षा में बाधा जैसी समस्याओं के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण होते हैं, जिन्हें जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से दूर किया जा सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल संरक्षण संबंधी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने में सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर फोस्टर केयर (पालन-पोषण एवं देखरेख) और प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फोस्टर केयर के तहत जरूरतमंद बच्चों को पारिवारिक माहौल देने के लिए असंबंधित परिवार के संरक्षण में रखा जाता है। वहीं, स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिन्हें परिवार से अलग होने का खतरा हो या पुनर्वास की आवश्यकता हो। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ, छोड़े गए, गंभीर रूप से बीमार माता-पिता के बच्चे, एकल माता के बच्चे, तस्करी से बचाए गए बच्चे, जेल में बंद अभिभावकों के बच्चे और गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए बच्चे इन योजनाओं के लाभार्थी हो सकते हैं। प्रायोजन योजना में पात्र बच्चों को प्रति माह 4000 रुपये तक की सहायता मिलती है, बशर्ते परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक न हो और एक परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को यह लाभ दिया जा सकता है, जिसमें बालिकाओं को प्राथमिकता मिलती है। कार्यक्रम में बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें बताया गया कि यह मानव तस्करी को बढ़ावा दे सकता है और कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी ऐसे बच्चे की जानकारी मिले, जिसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है या जिसने अपने माता-पिता को खो दिया है, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। कानूनी रूप से गोद लेने संबंधी जानकारी के लिए CARA (Adoption India) पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस श्री अरविंद राधाकृष्णन, एएसपी चास श्री वेदांत शंकर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री शफीक आलम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी चास श्री प्रदीप कुमार, डीपीएम जेएसएलपीएस, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती अनिता झा सहित कई मुखिया और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिसका उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना था।
बोकारो के पिंडाजोरा (चास) स्थित आजीविका संकुल संगठन भवन में उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार की अध्यक्षता में बाल संरक्षण से संबंधित जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक सुरक्षा बाल संरक्षण इकाई, बोकारो के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में श्रीमती मजूमदार ने जोर देकर कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। इसमें विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम, मानव तस्करी, बालिका शिक्षा और बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रीमती मजूमदार ने बताया कि बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और बालिका शिक्षा में बाधा जैसी समस्याओं के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण होते हैं, जिन्हें जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से दूर किया जा सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल संरक्षण संबंधी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जरूरतमंद बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने में सहयोग करने की
अपील की। इस अवसर पर फोस्टर केयर (पालन-पोषण एवं देखरेख) और प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फोस्टर केयर के तहत जरूरतमंद बच्चों को पारिवारिक माहौल देने के लिए असंबंधित परिवार के संरक्षण में रखा जाता है। वहीं, स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिन्हें परिवार से अलग होने का खतरा हो या पुनर्वास की आवश्यकता हो। बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ, छोड़े गए, गंभीर रूप से बीमार माता-पिता के बच्चे, एकल माता के बच्चे, तस्करी से बचाए गए बच्चे, जेल में बंद अभिभावकों के बच्चे और गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए बच्चे इन योजनाओं के लाभार्थी हो सकते हैं। प्रायोजन योजना में पात्र बच्चों को प्रति माह 4000 रुपये तक की सहायता मिलती है, बशर्ते परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक न हो और एक परिवार के अधिकतम तीन बच्चों को यह लाभ दिया जा सकता है, जिसमें बालिकाओं को प्राथमिकता मिलती है। कार्यक्रम में बच्चों
को अवैध रूप से गोद लेने के दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें बताया गया कि यह मानव तस्करी को बढ़ावा दे सकता है और कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी ऐसे बच्चे की जानकारी मिले, जिसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है या जिसने अपने माता-पिता को खो दिया है, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। कानूनी रूप से गोद लेने संबंधी जानकारी के लिए CARA (Adoption India) पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस श्री अरविंद राधाकृष्णन, एएसपी चास श्री वेदांत शंकर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री शफीक आलम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी चास श्री प्रदीप कुमार, डीपीएम जेएसएलपीएस, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती अनिता झा सहित कई मुखिया और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिसका उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना था।
- धनबाद में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने हेलमेट थीम पर बने अत्यधिक ट्रैफिक पोस्ट का उद्घाटन किया। यह जानकारी नीरज कुमार ने साधना न्यूज के माध्यम से साझा की है।1
- भरत तिवारी की मौत के बाद पूरे बिहार में सवालों का एक बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या यह एक वैध पुलिस कार्रवाई थी या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। पूरे बिहार में लोगों के मन में कई सवालों के जवाब बाकी हैं, जिससे राज्य में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- निरसा और कालूबथान पुलिस ने मिलकर एक शातिर बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के करीब आधा दर्जन सदस्यों को हिरासत में लिया है। सभी पकड़े गए सदस्यों की उम्र 20 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। गिरोह के सदस्यों को कालूबथान ओपी में रखकर गहन पूछताछ की जा रही है। ग्रामीण एसपी मोहम्मद फारूकी और एसडीपीओ लीलेश्वर महतो भी मौके पर पहुंचे और वे भी पूछताछ में शामिल हैं। पुलिस ने पकड़े गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर चोरी की दो बाइक भी बरामद की हैं। इस मामले में अभी भी छापेमारी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- चंद्रपुरा प्रखंड के नर्रा पंचायत स्थित शिव-पार्वती मंदिर परिसर में शनिवार को शिव आस्था और लोकविश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ परंपरागत विधि-विधान के साथ भोक्ता पर्व मनाया गया, जिसे आस्था का महापर्व बताया गया। इस पर्व पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलने और पीठ पर लोहे की कील चुभवाने जैसे हैरतअंगेज रिवाजों को देखने के लिए आतुर थे। इसके साथ ही, 40 फीट ऊंचे झूले से शिव भक्ति का एक अद्भुत नजारा भी प्रस्तुत किया गया, जिसने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।4
- निरसा में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस गुरु मिलन प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योगपीठ की निरसा इकाई ने इस अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ निरसा के विधायक अरूप चटर्जी और भारत स्वाभिमान न्यास के जिला संयोजक मनजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। अपने संबोधन में विधायक अरूप चटर्जी ने सभी से नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया, यह बताते हुए कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। जिला संयोजक मनजीत सिंह ने संस्था के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका उद्देश्य योग को हर घर तक पहुंचाना है और उन्होंने स्वामी रामदेव जी महाराज के संदेश "करें योग, रहें निरोग" को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में, विधायक अरूप चटर्जी ने योग कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले बच्चों को मेडल प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प भी लिया।7
- Post by Khurshid Parvez1
- गोबिंदपुर थाना क्षेत्र के आसनबनी निवासी अकबर अंसारी के हत्याकांड मामले में आसनबनी 2 पंचायत के मुखिया गयासुद्दीन अंसारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।1
- धनबाद जिले के बाघमारा स्थित रामकनाली ओपी क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों द्वारा की गई बमबारी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। इस हमले में कमलेश्वर बेलदार के घर को निशाना बनाया गया, जिससे उनके घर का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, वहीं क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।1