दमोह की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को समय पर उपज की तुलाई न होने से नाराज किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने मंडी परिसर में जाम लगाकर अपना विरोध जताया। किसानों का आरोप था कि लंबे समय से तुलाई कार्य प्रभावित होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह का नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने व्यापारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम भी नारे लगाए। स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीएम और मंडी के भारसाधक अधिकारी सौरभ गंधर्व तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और मंडी प्रशासन के साथ-साथ व्यापारियों को तुलाई व्यवस्था को सुचारू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। एसडीएम गंधर्व ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी उपज की तुलाई शीघ्र करवाई जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एसडीएम के इस भरोसे के बाद किसानों ने अपना जाम समाप्त कर दिया, जिसके उपरांत मंडी में आवागमन और तुलाई का कार्य धीरे-धीरे सामान्य हो सका। प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है।
दमोह की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को समय पर उपज की तुलाई न होने से नाराज किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों ने मंडी परिसर में जाम लगाकर अपना विरोध जताया। किसानों का आरोप था कि लंबे समय से तुलाई कार्य प्रभावित होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह का नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने व्यापारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम भी नारे लगाए। स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीएम और मंडी के भारसाधक अधिकारी सौरभ गंधर्व तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना और मंडी प्रशासन के साथ-साथ व्यापारियों को तुलाई व्यवस्था को सुचारू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। एसडीएम गंधर्व ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी उपज की तुलाई शीघ्र करवाई जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एसडीएम के इस भरोसे के बाद किसानों ने अपना जाम समाप्त कर दिया, जिसके उपरांत मंडी में आवागमन और तुलाई का कार्य धीरे-धीरे सामान्य हो सका। प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है।
- आज दमोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी और ग्रामीण अपनी विभिन्न मांगों और शिकायतों को लेकर कलेक्टर तथा एसपी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी बात सुने बिना ही महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं, और कुछ खास लोगों के प्रभाव में आकर कार्यवाही की जा रही है। इस स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि आखिर बांदकपुर की जनता की वास्तविक मांगें क्या हैं, क्या प्रशासन लोगों की चिंताओं पर ध्यान दे रहा है, और कॉरिडोर परियोजना को लेकर जमीन पर हकीकत में क्या माहौल है।1
- दमोह जिले में प्रशासन ने आबकारी नियमों के उल्लंघन के एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए हटा नाका-इमलाई मार्ग पर संचालित एक शराब दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा की गई इस कार्रवाई को जिले की हालिया अवधि की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित शराब दुकान के अनधिकृत तरीके से संचालित होने के साथ-साथ कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आई थीं। इन गंभीर अनियमितताओं और नियमों के विपरीत संचालन तथा अन्य गड़बड़ियों के पाए जाने के बाद प्रशासन ने दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य लाइसेंसधारियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अनियमितता, नियम विरुद्ध संचालन या शासकीय निर्देशों की अवहेलना को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्त कार्यशैली और नियमों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- दमोह जिले में किसानों को डीएपी यूरिया खाद की आवश्यकता को देखते हुए, उन्हें संबंधित जानकारी के लिए 'देखने' को कहा गया है।1
- सागर जिले की सुनार नदी में रहली निवासी एक युवक का श व मिला है। इस घटना के बाद, पुलिस इस मामले में युवक की मौत की गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है और गहन जांच कर रही है।1
- कलेक्टर ने हटा नाका स्थित शराब दुकान का दौरा कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दुकान में पाई गई विभिन्न अनियमितताओं का गहन जायजा लिया।1
- चित्रकूट में नाबालिग अंकुर विश्वकर्मा की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों, विश्वकर्मा समाज और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। इस दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों को सक्रिय रूप से लगाया गया है।1