गंगा में गिर रहा शौचालय का सीवर!, तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था पर बड़ा आघात, गंगा किनारे खुले में शौच से पवित्र धारा हो रही दूषित स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से कुंभ की तैयारियाँ तेज, पर गंगा में गिर रहे गंदे नाले! 700 करोड़ के विकास कार्यों के बीच उठे बड़े सवाल – क्या दूषित जल में स्नान करेंगे करोड़ों श्रद्धालु? हरिद्वार। धर्म और आस्था की राजधानी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला की तैयारियाँ जोरों पर हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा नए स्नान घाटों के निर्माण, पुराने घाटों के नवीनीकरण, बड़े कंट्रोल रूम और हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने की योजना तैयार की गई है। लेकिन इन तमाम तैयारियों के बीच एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है—जिस गंगा में करोड़ों श्रद्धालु स्नान करने आएंगे, क्या वह गंगा सच में स्वच्छ है? हरिपुरकला से गंगा में गिर रहा गंदा नाला जानकारी के अनुसार हरिपुर कला क्षेत्र के प्रेम विहार चौक से निकलने वाला गंदा नाला सीधे गंगा नदी में गिर रहा है। यह दूषित पानी आगे बहते हुए सप्तऋषि घाट, गीता कुटीर घाट, परमार्थ निकेतन घाट जैसे कई प्रमुख स्नान घाटों से गुजरते हुए अंततः हर की पौड़ी तक पहुंचता है। यही वह स्थान है जहां कुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु और नागा संन्यासी गंगा में स्नान करते हैं। ❓ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बड़ा प्रश्न चारधाम यात्रा शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा में स्नान करेंगे। लेकिन यदि गंगा में नालों का गंदा पानी ही बहता रहेगा, तो क्या श्रद्धालु इसी दूषित जल में स्नान करेंगे? यह सवाल आज करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। सीवर लाइन बिछी, पर नाले क्यों नहीं बंद? हरिपुरकला क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन नालों को पहले चिन्हित किया गया था? यदि चिन्हित किया गया था, तो उन्हें सीवर लाइन से क्यों नहीं जोड़ा गया? और यदि चिन्हित ही नहीं किया गया, तो इतनी बड़ी योजना की योजना कैसे बनाई गई? अधिकारी बोले – दिखवाते है इस मामले में जब परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारियों को भेजकर निरीक्षण करवाएंगी और विस्तृत जानकारी अधिशासी अभियंता से ली जाए। वहीं अधिशासी अभियंता हरीश बंसल ने कहा कि उनका विभाग केवल उन परियोजनाओं का संचालन करता है जिन्हें पेयजल निगम द्वारा तैयार कर उन्हें सौंपा जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नाला गंगा में गिर रहा है तो उसे बंद कर सीवर लाइन से जोड़ने की जिम्मेदारी पेयजल निगम की है। गंगा के नाम पर खर्च हुए हजारों करोड़, फिर भी हालात जस के तस गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले वर्षों में नमामि गंगे सहित कई योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी कई नाले सीधे गंगा में गिर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतनी बड़ी योजनाओं का वास्तविक लाभ गंगा को कब मिलेगा। कुंभ में अमृत स्नान या दूषित जल? अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब 2027 के कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, तो क्या वे मां गंगा की निर्मल और अविरल धारा में स्नान करेंगे या फिर नालों के मिले दूषित जल में? यदि समय रहते इन नालों को बंद कर सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया, तो कुंभ की भव्यता के बीच गंगा की पवित्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। ❗ प्रशासन और सरकार की परीक्षा हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान कर गंगा को स्वच्छ बनाते हैं या फिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच यह प्रश्न यूं ही खड़ा रहता है। ✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार |
गंगा में गिर रहा शौचालय का सीवर!, तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था पर बड़ा आघात, गंगा किनारे खुले में शौच से पवित्र धारा हो रही दूषित स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से कुंभ की तैयारियाँ तेज, पर गंगा में गिर रहे गंदे नाले! 700 करोड़ के विकास कार्यों के बीच उठे बड़े सवाल – क्या दूषित जल में स्नान करेंगे करोड़ों श्रद्धालु? हरिद्वार। धर्म और आस्था की राजधानी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला की तैयारियाँ जोरों पर हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा नए स्नान घाटों के निर्माण, पुराने घाटों के नवीनीकरण, बड़े कंट्रोल रूम और हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधा जैसी योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने की योजना तैयार की गई है। लेकिन इन तमाम तैयारियों के बीच एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा हो गया है—जिस गंगा में करोड़ों श्रद्धालु स्नान करने आएंगे, क्या वह गंगा सच में
स्वच्छ है? हरिपुरकला से गंगा में गिर रहा गंदा नाला जानकारी के अनुसार हरिपुर कला क्षेत्र के प्रेम विहार चौक से निकलने वाला गंदा नाला सीधे गंगा नदी में गिर रहा है। यह दूषित पानी आगे बहते हुए सप्तऋषि घाट, गीता कुटीर घाट, परमार्थ निकेतन घाट जैसे कई प्रमुख स्नान घाटों से गुजरते हुए अंततः हर की पौड़ी तक पहुंचता है। यही वह स्थान है जहां कुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु और नागा संन्यासी गंगा में स्नान करते हैं। ❓ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बड़ा प्रश्न चारधाम यात्रा शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा में स्नान करेंगे। लेकिन यदि गंगा में नालों का गंदा पानी ही बहता रहेगा, तो क्या श्रद्धालु इसी दूषित जल में स्नान करेंगे? यह सवाल आज करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। सीवर लाइन बिछी, पर नाले क्यों नहीं बंद? हरिपुरकला क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन नालों को पहले चिन्हित
किया गया था? यदि चिन्हित किया गया था, तो उन्हें सीवर लाइन से क्यों नहीं जोड़ा गया? और यदि चिन्हित ही नहीं किया गया, तो इतनी बड़ी योजना की योजना कैसे बनाई गई? अधिकारी बोले – दिखवाते है इस मामले में जब परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारियों को भेजकर निरीक्षण करवाएंगी और विस्तृत जानकारी अधिशासी अभियंता से ली जाए। वहीं अधिशासी अभियंता हरीश बंसल ने कहा कि उनका विभाग केवल उन परियोजनाओं का संचालन करता है जिन्हें पेयजल निगम द्वारा तैयार कर उन्हें सौंपा जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नाला गंगा में गिर रहा है तो उसे बंद कर सीवर लाइन से जोड़ने की जिम्मेदारी पेयजल निगम की है। गंगा के नाम पर खर्च हुए हजारों करोड़, फिर भी हालात जस के तस गंगा की स्वच्छता के लिए पिछले वर्षों में नमामि गंगे सहित कई योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी कई नाले
सीधे गंगा में गिर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतनी बड़ी योजनाओं का वास्तविक लाभ गंगा को कब मिलेगा। कुंभ में अमृत स्नान या दूषित जल? अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब 2027 के कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे, तो क्या वे मां गंगा की निर्मल और अविरल धारा में स्नान करेंगे या फिर नालों के मिले दूषित जल में? यदि समय रहते इन नालों को बंद कर सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया, तो कुंभ की भव्यता के बीच गंगा की पवित्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। ❗ प्रशासन और सरकार की परीक्षा हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान कर गंगा को स्वच्छ बनाते हैं या फिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच यह प्रश्न यूं ही खड़ा रहता है। ✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार |
- आज दिनांक 30.03.2026 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्रान्तर्गत शिवलोक कालोनी में एक अबोध बालिका उम्र करीब 2-3 वर्ष लावारिस अवस्था में घूमती हुई मिली, जो कि अपना नाम पता नही बता पा रही थी। उक्त अबोध बालिका को पुलिस द्वारा सुरक्षा के दृष्टिगत सरंक्षण में लेकर परिजनो की काफी खोजबीन/तलाश की गयी एवं आस पास के थाना/चौकियो से भी जानकारी की गयी। काफी प्रयासो के उपरान्त उक्त बालिका के पिता के बारे में जानकारी मिली जिन्हें थाने पर बुलाकर बालिका को सकुशल परिजनो के सुपुर्द किया गया। पूछताछ में पता चला कि राजस्थान निवासी दंपति अपनी बेटी के साथ शिवलोक कालोनी स्थित अपनी बहन के यहाँ आये हुये थे जहां खेलते खेलते उक्त बालिका गुम हो गई। बालिका के परिजनो द्वारा बालिका के मिलने की खुशी जाहिर करते हुये रानीपुर पुलिस की प्रसंशा कर आभार व्यक्त किया गया।1
- *कोतवाली रानीपुर* *B.H.E.L. क्षेत्र में चला बुलडोजर* *पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रुप से चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान* *सेक्टर-1 में जमीन को किया अवैध कब्जे से मुक्त*1
- Post by A Bharat News 101
- 📢 The Aman Times 🚨 दून पुलिस का नाइट एक्शन, बार-रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप देहरादून में लगातार बढ़ रही घटनाओं के बीच दून पुलिस ने देर रात बड़ा एक्शन लिया। निर्धारित समय के बाद खुले बार और रेस्टोरेंट्स पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। 👮♂️ एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल के निर्देश पर एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक और एसपी देहात के नेतृत्व में कई पुलिस टीमें मैदान में उतरीं। 🔍 शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई, जहां कई स्थानों पर अनियमितताएं पाई गईं। ⚖️ मौके पर ही नियम तोड़ने वाले संचालकों पर सख्त कार्रवाई की गई और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया। ⏰ पुलिस का साफ संदेश: समय सीमा के बाद कारोबार करने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।1
- रुड़की प्रदीप बत्रा मंत्री बनते ही जानिए पूरी खबर1
- Post by Bijnor Super News1
- Post by Satish kumar1
- *कोतवाली रानीपुर* पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रुप से चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान*1