बिहार के बांका जिले के चांदन क्षेत्र में श्रावणी मेला 2026 से पहले सड़कों की जर्जर स्थिति एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, जिससे लाखों कांवरियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुल्तानगंज-देवघर मार्ग और चांदन क्षेत्र की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलजमाव के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। विशेष रूप से हथिया पत्थर क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढे हैं, जबकि तुर्की मोड़ पर बारिश के कारण जलजमाव की समस्या बनी हुई है। वहीं, बियाही मोड़ पर कीचड़ और टूटी सड़क से लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा चांदन स्टेट बैंक के समीप भी जलभराव के कारण राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उपेंद्र यादव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय जनता ने मांग की है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए। साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की पुरजोर अपील की जा रही है।
बिहार के बांका जिले के चांदन क्षेत्र में श्रावणी मेला 2026 से पहले सड़कों की जर्जर स्थिति एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, जिससे लाखों कांवरियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुल्तानगंज-देवघर मार्ग और चांदन क्षेत्र की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलजमाव के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। विशेष रूप से हथिया पत्थर क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढे हैं, जबकि तुर्की मोड़ पर बारिश के कारण जलजमाव की समस्या बनी हुई है। वहीं, बियाही मोड़ पर कीचड़ और टूटी सड़क से लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा चांदन स्टेट बैंक के समीप भी जलभराव के कारण राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उपेंद्र यादव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय जनता ने मांग की है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए। साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की पुरजोर अपील की जा रही है।
- बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में स्थित राजवाड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की धीमी गति और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण उन्हें आवागमन में न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, U.K.Y News द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा। समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से यह सवाल पूछा जाएगा कि निर्माण में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर विभाग या किसी अधिकारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।1
- सहरसा के सदर थाना में कोशी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष के औचक निरीक्षण ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। निरीक्षण के दौरान कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले सामने आने पर एएसआई अशोक कुमार आजाद के साथ-साथ चौकीदार मोहम्मद अली खान और मनोज कुमार पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। इन चौकीदारों पर बिना वर्दी ड्यूटी करने का आरोप है। डीआईजी ने सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से वर्दी पहनने और फरियादियों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। निरीक्षण के बाद डीआईजी ने एसडीपीओ, यातायात डीएसपी और सदर थानाध्यक्ष के साथ बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कचहरी ढाला, शंकर चौक, गांधी चौक, महावीर चौक और गंगजला चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर सुचारु आवागमन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया। साथ ही, सड़कों पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।1
- झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क ही नहीं है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।4
- श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।1
- मुंगेर के तारापुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को मुख्य पार्षद नीलम देवी की अध्यक्षता में सामान्य बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने किया। बैठक के दौरान नौ जून को आयोजित सशक्त स्थायी समिति की बैठक के निर्णयों की संपुष्टि की गई और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी नौ कल्याणकारी योजनाओं को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। कार्यपालक पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि नगर पंचायत क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने की टेंडर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है और एक सप्ताह के भीतर धरातल पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई और सभी स्वीकृत योजनाओं के निर्माण कार्यों को शीघ्र आरंभ करने का कड़ा निर्देश दिया गया। मुख्य पार्षद नीलम देवी ने बताया कि स्वीकृत योजनाओं के तहत विभिन्न वार्डों में पीसीसी सड़क, नाला निर्माण और नाले पर ढक्कन लगाने जैसे विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ी कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्षदों ने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने तथा लंबे समय से बंद पड़े वाटर एटीएम को तत्काल चालू कराने की जोरदार मांग रखी।1
- मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत दरियापुर पंचायत के तेतरिया गांव में जल जमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है। यह क्षेत्र CM सम्राट चौधरी का क्षेत्र है, जहां जल जमाव की विकट समस्या से तंग आकर ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया की जमकर रेलाई कर दी। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर गहरा गुस्सा है, जिसे देखकर लोग इस बदहाली पर सोचने को मजबूर हो रहे हैं।1
- बिहार के औरंगाबाद स्थित सबसे बड़े और मॉडल मान्यता प्राप्त अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है। अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार ने स्वीकार किया कि यह स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से दलालों के चंगुल में फंसा था, जहाँ जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि संज्ञान लेने के बाद प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं, जिससे 99% दलालों पर शिकंजा कसा गया है। प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार ने अस्पताल की बुनियादी कमियों को भी उजागर किया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में किसी भी विषय के स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, जिस कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। डॉक्टरों के भारी अभाव के कारण बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए महंगे उपकरण भी संचालित नहीं हो पा रहे हैं; उदाहरण के तौर पर, अल्ट्रासाउंड की सुविधा मौजूद होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर न होने की वजह से मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा निजी क्लिनिक चलाने के गंभीर आरोपों पर भी प्रबंधक ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने पुष्टि की कि उन्हें निजी क्लिनिक न चलाने और अन्यत्र योगदान न देने संबंधी बिहार सरकार का निर्देश पत्र प्राप्त हुआ है, लेकिन उन्होंने इस मामले में चुप्पी साधते हुए कहा कि इस पर बड़े अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। प्रबंधक के इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि डॉक्टर खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपनी निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में सोए हुए हैं।1
- देवघर के हवाई नगर के पास आज रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यह दुर्घटना एक ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर के बाद हुई, जिसके चलते घटनास्थल पर काफी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।1