जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भूगर्भ जल के दोहन, इसके संरक्षण तथा भूगर्भ जल से संबंधित विभिन्न आवेदन पत्रों की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। समिति के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न आवेदन पत्रों पर क्रमवार चर्चा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित मानकों व प्रावधानों के अनुसार सभी आवेदन पत्रों पर समयबद्ध रूप से कार्रवाई पूरी कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) निर्गत करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी आवेदन के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और समस्त प्रक्रियाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भूगर्भ जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जिसके संरक्षण और सतत उपयोग के लिए नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। अधिकारियों को भूगर्भ जल दोहन के मामलों की नियमित निगरानी करने और जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पूर्व में जारी किए गए एनओसी की भी समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिए गए कि जिन सेवा शर्तों एवं नियमों के तहत एनओसी जारी किए गए थे, उनका संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर स्थलीय सत्यापन कराया जाए। यदि कहीं भी शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समिति द्वारा भूगर्भ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्तर की निगरानी और भूगर्भ जल पुनर्भरण जैसे विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को भूगर्भ जल प्रबंधन से संबंधित शासन की नीतियों और निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए जनहित में कार्य करने के लिए कहा गया, ताकि भावी पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भूगर्भ जल के दोहन, इसके संरक्षण तथा भूगर्भ जल से संबंधित विभिन्न आवेदन पत्रों की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। समिति के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न आवेदन पत्रों पर क्रमवार चर्चा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित मानकों व प्रावधानों के अनुसार सभी आवेदन पत्रों पर समयबद्ध रूप से कार्रवाई पूरी कर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) निर्गत करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी आवेदन के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और समस्त प्रक्रियाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भूगर्भ जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जिसके संरक्षण और सतत उपयोग के लिए नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। अधिकारियों को भूगर्भ जल दोहन के मामलों की नियमित निगरानी करने और जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पूर्व में जारी किए गए एनओसी की भी समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देश दिए गए कि जिन सेवा शर्तों एवं नियमों के तहत एनओसी जारी किए गए थे, उनका संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा अनुपालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर स्थलीय सत्यापन कराया जाए। यदि कहीं भी शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समिति द्वारा भूगर्भ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्तर की निगरानी और भूगर्भ जल पुनर्भरण जैसे विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को भूगर्भ जल प्रबंधन से संबंधित शासन की नीतियों और निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए जनहित में कार्य करने के लिए कहा गया, ताकि भावी पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
- कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- गजनेर थाना परिसर में 'रील का बुखार' चढ़ गया है, जिसके चलते वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- अंतर्राष्ट्रीय विश्व योग दिवस के अवसर पर, 21 जून 2026 को कानपुर देहात के संदलपुर स्थित राज पैलेस गेस्ट हाउस में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सकुशल किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा पारंपरिक प्राकृतिक पेय "पना" का शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य संदेश योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर, आयुर्वेदाचार्य और आयुर्वेद विशेषज्ञ पंडित मनमोहन मिश्रा ने योग और आयुर्वेद के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और विशेष रूप से देसी कच्चे आम से पारंपरिक विधि से तैयार "पना" को भारतीय घरेलू धरोहर बताते हुए इसे पुनः प्रत्येक घर तक पहुँचाने का आह्वान किया। पंडित मिश्रा ने ज़ोर दिया कि आधुनिक पेय पदार्थों की बजाय ऐसे प्राकृतिक और पारंपरिक पेयों को अपनाने से बेहतर स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा दोनों को संरक्षित किया जा सकता है। यह "पना" स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित कच्चे आम और पुदीने से पारंपरिक विधि का उपयोग करके तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, महिला स्वयं सहायता समूहों को रोज़गार के अवसर प्रदान करना और प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देना है। सकुशल किसान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने घोषणा की कि यह उत्पाद जल्द ही मात्र ₹10 प्रति पैक की किफायती कीमत पर बाज़ार में उपलब्ध होगा। इसे सभी प्रमुख किराना स्टोरों, रिटेल आउटलेट्स और सरकारी कैंटीनों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाने की योजना है, ताकि हर व्यक्ति कम लागत में एक स्वास्थ्यवर्धक और पारंपरिक पेय का लाभ उठा सके। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अतिथियों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, योग साधकों और सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। साथ ही, स्थानीय कृषि उत्पादों पर आधारित ऐसे और भी उत्पाद विकसित करने का संकल्प दोहराया गया, जो कंपनी के "समृद्ध किसान – समृद्ध भारत" के दृष्टिकोण को दर्शाता है।4
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में चोरों ने एक सूने घर में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव की है, जहाँ चोरों ने घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। चोरी की सूचना मिलते ही घर मालिक और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है और अब चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में एक बुजुर्ग किसान की निर्मम हत्या कर दी गई। किसान अपने खेत पर स्थित ट्यूब वेल में सो रहा था, जब उस पर हमला हुआ। बुजुर्ग किसान के सिर में चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है।1