बीमारी से तंग आकर माँ बाप ने 3 साल की बेटी को फंदे पर लटकाया..... हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ एक परिवार ने सुसाइड कर लिया। माता-पिता बेटी की बीमारी से तंग थे। तीनों के शव पंखे पर लटके मिले। पुलिस के मुताबिक, बेटी की गंभीर बीमारी को लेकर परिवार काफी परेशान था। इसी तनाव में माता-पिता ने बच्ची संग फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह 6:30 बजे सुभाष मंडी चौकी को सूचना मिली कि प्रेम नगर कॉलोनी में एक घर में तीन लोगों ने फांसी लगा ली है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। देखा तो पति, पत्नी और उनकी 3 साल की बच्ची फांसी के फंदे पर लटक रही थी। तुरंत तीनों को नीचे उतारा गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जतिंद्र कुमार (30), पत्नी मंजू (28) और बेटी अदविका के रूप में हुई। जतिंद्र कुमार रेलवे मेल सर्विस में काम करता था।
बीमारी से तंग आकर माँ बाप ने 3 साल की बेटी को फंदे पर लटकाया..... हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ एक परिवार ने सुसाइड कर लिया। माता-पिता बेटी की बीमारी से तंग थे। तीनों के शव पंखे पर लटके मिले। पुलिस के मुताबिक, बेटी की गंभीर बीमारी को लेकर परिवार काफी परेशान था। इसी तनाव में माता-पिता ने बच्ची संग फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह 6:30 बजे सुभाष मंडी चौकी को सूचना मिली कि प्रेम नगर कॉलोनी में एक घर में तीन लोगों ने फांसी लगा ली है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। देखा तो पति, पत्नी और उनकी 3 साल की बच्ची फांसी के फंदे पर लटक रही थी। तुरंत तीनों को नीचे उतारा गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान जतिंद्र कुमार (30), पत्नी मंजू (28) और बेटी अदविका के रूप में हुई। जतिंद्र कुमार रेलवे मेल सर्विस में काम करता था।
- परशुराम जयंती पर परशुराम वंशजों का जुटान भजन-आरती महाप्रसाद से हुआ समापन।1
- चाय से शुरू होकर गाय पर लटक गई सरकार अभी तो टेलर है पिक्चर बाकी है सियानी घोष1
- Post by Thakur Chandan Kumar1
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- पूरा देखें1
- सड़क पर 'जश्न' या कानून का उल्लंघन? सड़क पर नाच, जनता परेशान: शादियों के नाम पर बीच सड़क पर डीजे बजाकर नाचना अब एक बड़ी मुसीबत बन चुका है। लोग अपनी खुशी के लिए घंटों ट्रैफिक जाम कर देते हैं, जिससे एम्बुलेंस और जरूरी काम से निकले लोग फंसे रह जाते हैं। सिर्फ 10 बजे का नियम काफी नहीं: आयोजकों को लगता है कि रात 10 बजे तक वे कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। पर सवाल यह है कि क्या जश्न के नाम पर सार्वजनिक रास्ता रोकना सही है? प्रशासन की ढिलाई: कई बार पुलिस की मौजूदगी में भी यह सब होता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। नजरअंदाज करने की यह आदत आम जनता के लिए सिरदर्द बन गई है। हमारा सवाल: आपकी निजी खुशी दूसरों के लिए सजा क्यों?1
- Post by Santu Kumar SAH1
- आखिर क्या हुआ जिससे चर्चित राजद नेत्री प्रिया भीड़ के सामने देर रात्री फुट फुट कर रोने लगी ?? #Priyaraj #Rjd #Viralnews #Harlakhi #Madhubaninews1